उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण मन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति कल्याण मन्त्री श्री @asim_arun जी,आप कुछ ज्वलन्त मुद्दों पर ध्यान दीजिए और एससी-एसटी समाज की मदद कीजिए।
1.अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाखों अभ्यर्थी ऐसे हैं,जबकि सत्र 2025-2026 की छात्रवृत्ति नहीं आई है। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के 85 फीसदी से अधिक बच्चे छात्रवृति से ही अपनी पढ़ाई पूरी कर पाते हैं।
अतः छात्रवृत्ति न आने के कारण इनकी आगे की पढ़ाई खत्म हो जाएगी। अतः आपसे अनुरोध है कि इन एससी-एसटी वर्गों छात्रवृत्ति जल्द से जल्द इनके खातों में भेजी जाए।
2. यूपी की बीएसपी सरकार ने एमबीबीएस,बीटेक/एमटेक-पॉलिटेक्निक, बीबीए/एमबीए, बी-फार्मा/डीफार्मा आदि और अन्य व्यावसायिक कोर्सों में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के लिए जीरो फीस पर एडमिशन का प्रावधान किया था,जो वर्तमान में निष्क्रिय बना दिया गया ।
इससे एससी-एसटी वर्गों के लाखों अभ्यर्थी इन कोर्सों में प्रवेश लेने से वंचिग हैं,अतः आप जीरो फीस वाली व्यवस्था को पुनः बहाल कराएं।
3.बीएसपी सरकार ने सहारनपुर,जालौन, कन्नौज एवं अम्बेडकर नगर में संविधान के विशेष नियम के तहत अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के लिए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की थी, जिसमें एससी-एसटी वर्गों के लिए 64 फीसदी सीटें आरक्षित थीं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय पर अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के लिए विशेष नियम के तहत बने इन चारों मेडिकल कॉलेजों में एससी-एसटी के नियत आरक्षण खत्म कर दिया है। आपसे अनुरोध है कि अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के हित में पुनः पुरानी व्यवस्था को बहाल कराएं।
धन्यवाद, जय भीम!
@patriotye3@brajeshpathakup सरकार के आधिकारिक लोकसभा जवाब में साफ कहा गया कि MCC के अनुसार AIQमें -40 marks वाले किसी candidate को seat allot नहीं हुई थी। Eligibility cutoff को actual admission cutoff समझना सही नहीं है। ❗ खैर तुम अंधभक्तो को कहा समझ आयेगा और डिटेल चाहिए या डाटा या ओपन चैलेंज हैं
@balwantsgouria@AmbedkarCircle_ सरकार के आधिकारिक लोकसभा जवाब में साफ कहा गया कि MCC के अनुसार AIQमें -40 marks वाले किसी candidate को seat allot नहीं हुई थी। Eligibility cutoff को actual admission cutoff समझना सही नहीं है। ❗ खैर तुम अंधभक्तो को कहा समझ आयेगा और डिटेल चाहिए या डाटा या ओपन चैलेंज हैं