AI अर्थात Artificial Intelligence के माध्यम से मतदाता सूचियों में विद्यमान् त्रुटियों को ढूंढकर उनका सुधार किये जाने का समाचार राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के हवाले से विगत दिनों में उत्तर प्रदेश के समाचार पत्रों में छपा था। राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश में स्थित पंचायतीराज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों के निर्वाचनों से संबंधित मतदाता सूचियों को बनाने एवं इन संस्थाओं व निकायों के चुनाव करवाने का कार्य करता है। इससे भिन्न भारत निर्वाचन आयोग लोक सभा, विधान सभा एवं विधान परिषद के चुनावों से संबंधित मतदाता सूचियों को बनाने एवं उनके रखरखाव का कार्य करता है और इन सदनों के चुनाव करवाता है। प्रायः आम जनता में एवं मीडिया में भी इस बात की स्पष्टता नहीं रहती है तथा लोग इन दोनों आयोगों के कार्य में अंतर नहीं जानते हैं। यहाँ तक कि सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों में भी बहुधा इस भिन्नता की जानकारी नहीं है। इस अवसर का सदुपयोग कर इस भिन्नता को रेखांकित किया जाता है।AI का प्रयोग कर मतदाता सूची को शुद्ध किए जाने का समाचार भारत निर्वाचन आयोग से संबंधित नहीं है।
18 हज़ार शपथ पत्रों के संबंध में अवगत कराना है कि यह मामला भारत निर्वाचन आयोग से एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश से संबंधित है। जिला निर्वाचन अधिकारियों से जानकारी करने पर यह पता चला है कि 4 सितम्बर 2025 तक वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ग़लत ढंग से काटने की शिकायत से संबंधित तथाकथित 18 हज़ार शपथ पत्रों में से एक शपथपत्र भी मूल रूप में संबंधित 33 ज़िलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित 74 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्राप्त नहीं हुआ है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश के कार्यालय में भी 4 सितंबर 2025 तक इस संबंध में कोई शपथपत्र मूल रूप में प्राप्त नहीं हुआ है। इस शिकायत से संबंधित मूल शपथ पत्र प्राप्त होते ही तत्परता से जाँच पूर्ण कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी और सर्वसाधारण को अवगत कराया जाएगा। @ECISVEEP@yadavakhilesh
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने प्रदेश के पते पर पंजीकृत ऐसे राजनैतिक दल जो विगत छः वर्षों से प्रत्यक्ष रूप से लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में प्रतिभाग नहीं कर रहें उनके प्रतिनिधियों के साथ मंगलवार दिनांक 02 सितम्बर,2025 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में सुनवाई की। उन्होंने प्रत्येक दल द्वारा प्रस्तुत किए गए अंशदान रिपोर्ट, वार्षिक लेखा परीक्षण (ऑडिट) रिपोर्ट एवं निर्वाचन व्यय विवरण जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया और सभी दलों के मोबाइल नंबर, पंजीकरण संख्या, वर्तमान पता और ईमेल की भी जांच की।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा ऐसे दलों के प्रतिनिधियों को अपना प्रत्यावेदन, शपथपत्र एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों के साथ सुनवाई के दौरान कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अपनी दूसरी सुनवाई में प्रदेश के पते पर पंजीकृत 121 राजनैतिक दलों को कारण बताओं नोटिस जारी किया था, इसमें से 02 सितम्बर को 70 राजनैतिक दलों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था, जिसमें से 38 पंजीकृत राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सुनवाई में प्रतिभाग किया।
सुनवाई के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक दल को प्रतिवर्ष 30 सितम्बर तक अपनी अंशदान रिपोर्ट तथा 31 अक्टूबर तक अपने आय-व्यय की आडिट रिपोर्ट देना अनिवार्य है। इसी प्रकार लोकसभा चुनाव के बाद 90 दिनों में तथा विधानसभा चुनाव के बाद 75 दिनों में अपने आय व्यय का ब्योरा भी देना है। प्रत्येक दल को चंदे के रूप में प्राप्त 20 हजार रुपए से अधिक के अंशदान की रिपोर्ट देनी है। उन्होंने कहा कि सभी दलों के प्रतिनिधियों को अपनी पार्टी का ईमेल, मोबाइल नंबर तथा वर्तमान पते को अपडेट रखना होगा, जिससे कि आयोग के निर्देशों व अन्य तथ्यों की जानकारी को समय से उपलब्ध कराया जा सके।
मंगलवार को हुई सुनवाई में आम हिंदुस्तानी पार्टी गोरखपुर, अहिंसा वादी जनता पार्टी आगरा, अखंड भारत पार्टी मथुरा, अखिल भारतीय अशोक सेना कानपुर, अखिल भारतीय जनता सहारा पार्टी लखनऊ, अखिल भारतीय कल्याण पार्टी बाराबंकी, अखिल भारतीय स्वराज दल हमीरपुर, ऑल इंडिया रविदास समता पार्टी मेरठ, आर्य दल इटावा, बहुजन सेना गाजियाबाद, भारत भविष्य पार्टी अयोध्या, भारत माता पार्टी मिर्जापुर, आर्यावर्त पार्टी कुशीनगर, भारतीय आवाम ताकत दल जौनपुर, भारतीय ग्रामीण दल लखनऊ, भारतीय किसान सेना लोकतांत्रिक प्रयागराज, भारतीय प्रजा शक्ति पार्टी झांसी, भारतीय ईमानदार पार्टी शाहजहांपुर, भारतीय जन जन पार्टी लखनऊ, भारतीय कौटिल्य सेना गाजियाबाद, भारतीय राष्ट्रीय जागरूक दल लखनऊ, भारतीय युवा क्रांति पार्टी लखनऊ, ब्रज क्रांति दल आगरा, धर्मनिरपेक्ष दल प्रयागराज, फेडरल डेमोक्रेटिक पार्टी अंबेडकर नगर, हिंद विकास पार्टी फिरोजाबाद, हिंदुस्तान जन मोर्चा देवरिया, हिंदुस्तान आवाम पार्टी लखनऊ, इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल बरेली, कल्याणवादी पार्टी सीतापुर, किसान समाज मोर्चा बदायूं, किसान सेना कन्नौज, महिला स्वाभिमान पार्टी लखनऊ, मानव हित पार्टी एटा, राष्ट्रीय भारतीय अखंड पार्टी बाराबंकी, राष्ट्रीय गरीब उत्थान पार्टी अंबेडकर नगर, राष्ट्रीय किसान समाज पार्टी (यूनाइटेड) मुरादाबाद, युवा जन क्रांति पार्टी जौनपुर जिले के पंजीकृत राजनैतिक दलों के अध्यक्ष व महासचिव उपस्थित रहे।
जैसे की विगत Tweet में अवगत कराया गया है कि 18000 व्यक्तियों के शपथ पत्रों ( Affidavits) के स्थान पर अभी तक केवल 3919 शपथ पत्रों की scanned copies ही email के माध्यम से प्राप्त हुई हैं । संभव हैं की email भेजते समय आपका कार्यालय 18000 के स्थान पर त्रुटिवश केवल 3919 शपथ पत्रों की scanned copies को ही विभिन्न attached folders में save कर पाया हो । अनुरोध है कि 18 हज़ार मतदाताओं के शपथ पत्र जिनके संबंध में आपकी पार्टी द्वारा ईमेल के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग को शिकायत की गई थी उन समस्त 18,000 शपथ पत्रों की मूल प्रतियाँ सुविधानुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश के कार्यालय में अथवा संबंधित ज़िले के जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में अथवा संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराने का कष्ट करें जिससे जाँच प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ सके। यह भी अनुरोध है कि आपके द्वारा हस्तगत कराए जाने वाले शपथ पत्रों की सूची पर संबंधित कार्यालय से हस्तगत कराए जाने के प्रमाण स्वरूप पावती (Receipt) अवश्य प्राप्त करें जिससे स्पष्ट हो सके कि आपके द्वारा दिए गए कितने शपथ पत्र संबंधित कार्यालय में किस तिथि को प्राप्त हुए। इस संबंध में आवश्यक निर्देश समस्त जिला निर्वाचन अधिकारीगण (DEOs) तथा समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारीगण (EROs ) को दे दिये गये हैं।