देश की सबसे बड़ी पंचायत में थार की जनता की आवाज बुलंद करने वाले हमारे सांसद @UmmedaRamBaytu जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
महादेव से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूँ।
मध्यप्रदेश के छात्रों की गूंज और युवाओं के स्वाभिमान के संकल्प के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी जी एवं कांग्रेस परिवार द्वारा इंदौर से प्रारंभ की गई साइक्लोथॉन के आज भोपाल पहुंचने पर आयोजित समापन कार्यक्रम में शामिल होकर युवाओं के हक और भविष्य की आवाज को बुलंद किया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी ने कोटा से “छात्रों की गूंज” अभियान का जो आगाज़ किया था, उसकी आवाज आज देश के कोने-कोने में पहुंच चुकी है। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के अधिकार, सम्मान, रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए उठी जनआवाज़ है।
कांग्रेस पार्टी युवाओं के हक, अधिकार और उनके उज्ज्वल भविष्य की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ लड़ती रहेगी।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष @jitupatwari जी, नेता प्रतिपक्ष @UmangSinghar जी,संगठन के पदाधिकारीगण, विधायकगण एवं कांग्रेस परिवार के हमारे साथी उपस्थित रहे।
कल, 13 जुलाई को दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी श्री घनश्याम सिंह जी के नामांकन कार्यक्रम में शामिल रहूँगा।
यह चुनाव दतिया की जनता की आवाज़ और उनके विश्वास का चुनाव है। आइए, अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी निभाएँ और जनता की आवाज़ को मजबूत बनाएँ।
@INCIndia@kharge@RahulGandhi@kcvenugopalmp@INCMP
थार की सरज़मीं पर तालीम की शम्अ रौशन कर हज़ारों नौजवानों के मुस्तक़बिल को नई राह दिखाने वाले, इंसानियत, ख़िदमत, मोहब्बत और भाईचारे की अज़ीम मिसाल, हज़रत पीर सैय्यद बापू ग़ुलाम हुसैन शाह जिलानी साहब को यौमे-पैदाइश की दिली मुबारकबाद।
आज जिला कांग्रेस कमेटी खरगोन के नगर, मंडल एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में साथियों से संवाद कर संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय एवं जनआधारित बनाने के संकल्प पर विस्तार से चर्चा की।
कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक, संवैधानिक और जनहितकारी विचारधारा का आंदोलन है। हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारे समर्पित कार्यकर्ता हैं। जब संगठन का प्रत्येक पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा, अनुशासन और जवाबदेही के साथ निभाएगा, तब कांग्रेस का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा और जनता का विश्वास और मजबूत होगा।
आगामी समय संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त करने, जनहित के मुद्दों पर निरंतर संघर्ष करने और जनता के बीच सक्रिय रहने का है। हमारा लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि लोगों के अधिकारों, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए एक मजबूत जनआंदोलन खड़ा करना है।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री रवि नायक जी, पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधो जी, विधायक श्रीमती झूमा सोलंकी जी, श्री केदार डावर जी, जिला प्रभारी श्री जयसिंह जी, पूर्व विधायक श्री राजनारायण सिंह जी, श्री रवि जोशी जी सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
#TrainingForTransformation
@INCIndia@kharge@RahulGandhi@kcvenugopalmp@INCMP
सरकार का दायित्व जनता के हित में कार्य करना है, किसी राजनीतिक दल या उसके नेताओं के हित में नहीं। लोकतंत्र में सरकारी आदेश निष्पक्ष होने चाहिए, न कि राजनीतिक पहचान के आधार पर लिखे जाने चाहिए।
लेकिन @RajGovOfficial के PHED विभाग के इस आदेश में “Remarks” कॉलम में भाजपा के विधानसभा चुनाव में पराजित प्रत्याशी का नाम और राजनीतिक परिचय दर्ज किया गया है। आखिर इसकी आवश्यकता क्या थी? सरकारी प्रशासनिक आदेश में किसी हारे हुए राजनीतिक उम्मीदवार का उल्लेख किस नियम, किस कानून और किस प्रशासनिक परंपरा के तहत किया गया?
यदि कोई विकास कार्य जनता के लिए स्वीकृत किया जा रहा है, तो उसका आधार केवल जनहित होना चाहिए, किसी दल विशेष के नेता का नाम नहीं।
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, यदि दिल्ली के चक्कर लगाने से फुर्सत मिले तो प्रदेश की जनता को यह जरूर बताइए कि इस आदेश में भाजपा के हारे हुए प्रत्याशी का नाम और राजनीतिक परिचय दर्ज करने के पीछे सरकार की मंशा क्या है?
लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि होता है। जनता जिसे चुनती है, वही जनता का प्रतिनिधि होता है। सरकारी फाइलें और आदेश राजनीतिक प्रचार का माध्यम नहीं बन सकते। यदि सरकारी दस्तावेज़ों में भी राजनीतिक पक्षपात दिखाई देने लगे, तो यह प्रशासनिक निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मर्यादाओं दोनों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
हमारे बायतु परिवार के बागावास मंडल कांग्रेस कमेटी के युवा अध्यक्ष बाबूराम मेघवाल जी का पिछले दिनों हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उपचार के दौरान निधन हो गया। यह समाचार मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से अत्यंत दुःखद एवं अपूरणीय क्षति है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों, स्वजनों और हम सभी साथियों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति एवं संबल दें।
बाबूराम जी ने संगठन को मजबूत करने और जनसेवा के कार्यों में सदैव समर्पित भाव से योगदान दिया। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, उनकी सक्रियता और मेरे राजनीतिक जीवन में उनका सहयोग सदैव स्मरणीय रहेगा।
माननीय प्रधानमंत्री जी, पर्यावरण बचाने का संदेश तो बहुत अच्छा है।
खेजड़ी थार के लोगों की आँखों की रोशनी है, पूर्वजों की जीवन रेखा है। उसे सहानुभूति का प्रतीक बनाने से पहले कम से कम खेजड़ी की वास्तविक पहचान तो करनी चाहिए थी।
नाम का इस्तेमाल सहानुभूति के लिए ठीक है, लेकिन थार में खेजड़ी आस्था और जीवनदायनी के रूप में पहचानी जाती है।
@narendramodi जी, क्या यह पौधा आपकी नज़र में खेजड़ी है ??
थार की पहचान मिटाकर अब पीपल को खेजड़ी बताने का छल क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सांभरा बायतु स्थित रिफ़ाइनरी में जिस वृक्ष का रोपण किया, वह पीपल था, लेकिन मंच से पूरे देश के सामने उसे खेजड़ी बताया। इतना ही नहीं, उसी दावे के साथ सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की गई। जब सच्चाई सामने आई तो पोस्ट हटा दी गई।
लेकिन सवाल है कि क्या मंच से पूरे देश के सामने बोला गया झूठ भी डिलीट हो गया?
यह केवल एक पेड़ का नाम गलत बोलने का मामला नहीं है। यह राजस्थान की पहचान, थार की संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रति घोर असंवेदनशीलता का प्रमाण है।
पीपल और खेजड़ी दोनों ही हिंदू आस्था में पूजनीय हैं। पीपल को देववृक्ष माना जाता है और खेजड़ी उस थार की जीवनरेखा है, जिसकी रक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। जिस भूमि ने अमृता देवी और सैकड़ों विश्नोई वीरों का बलिदान देखा हो, वहाँ खेजड़ी की पहचान तक न होना शर्मनाक है।
सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि एक तरफ थार में खेजड़ी के पेड़ कटते रहे, सरकारें मूकदर्शक बनी रहीं, और आज जब कैमरों के सामने वृक्षारोपण का अवसर आया तो पीपल लगाकर उसे ही खेजड़ी घोषित कर दिया गया।
क्या यही पर्यावरण संरक्षण है?
क्या यही राजस्थान की संस्कृति का सम्मान है?
या फिर अब प्रचार के लिए सच्चाई भी बदल दी जाएगी?
राजस्थान की जनता भावनाओं से नहीं, सच्चाई से जुड़ी है। उसे यह स्वीकार नहीं कि उसकी पहचान को केवल फोटो और भाषणों का हिस्सा बना दिया जाए।
जो सरकार खेजड़ी और पीपल का अंतर नहीं समझती, वह थार की पीड़ा क्या समझेगी?
राजस्थान को दिखावा नहीं, खेजड़ी बचाने की नीति चाहिए।
राजस्थान को प्रचार नहीं, अपनी पहचान का सम्मान चाहिए।
और देश को भाषण नहीं, सच बोलने वाला नेतृत्व चाहिए।
@narendramodi@PMOIndia@BhajanlalBjp
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, राजस्थान की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में से एक पचपदरा रिफाइनरी के इतिहास को बदलने का प्रयास न करें। यह अफ़सोस की बात है कि अपने ही प्रदेश के अति महत्वपूर्ण उपक्रम के शिलान्यास की बुनियादी जानकारी आपको नहीं है।
मीडिया के सामने आपका यह कहना कि वर्ष 2018 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था, तथ्यात्मक रूप से गलत है। वास्तविकता यह है कि पचपदरा रिफाइनरी का शिलान्यास वर्ष 2013 में ही यूपीए अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी एवं तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री श्री वीरप्पा मोइली जी द्वारा किया जा चुका था। संलग्न तस्वीरें उसी ऐतिहासिक अवसर की हैं।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि 2013 में परियोजना का शिलान्यास हो चुका था तो आपकी पार्टी की राज्य एवं केंद्र सरकार ने इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना को लगभग पाँच वर्षों तक ठंडे बस्ते में क्यों डाले रखा? वर्ष 2018 में उसी परियोजना का पुनः शिलान्यास कर दिया गया, जबकि इस दौरान हजारों-लाखों लोगों के संभावित रोजगार समय पर शुरू नहीं हो सके और परियोजना की लागत लगभग दोगुनी हो गई। इसका बोझ अंततः जनता और देश के संसाधनों पर ही पड़ा।
मुख्यमंत्री जी, इतिहास को बदला नहीं जा सकता। यदि किसी तथ्य को लेकर संशय हो तो सार्वजनिक मंच से गलत जानकारी देने के बजाय संबंधित विभाग से आधिकारिक अभिलेख मंगवाकर उनका अध्ययन कर लेना अधिक उचित होगा।
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी, थार क्षेत्र की मेरी विधानसभा बायतु में आपका हार्दिक स्वागत है।
कल आपका देश के अत्यंत महत्वपूर्ण उपक्रम HRRL रिफाइनरी के दौरे का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
चूँकि स्थानीय विधायक होने के बावजूद मुझे आपके इस दौरे के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है, इसलिए इस औद्योगिक उपक्रम से जुड़े आपके दौरे के मद्देनज़र मैं थार क्षेत्र के निवासियों की कुछ माँगें इस प्लेटफार्म के माध्यम से आपके समक्ष रखना चाहता हूँ-
1. देश में काम करने वाली व्यवसायिक कंपनीज पर जिम्मेदारी है कि CSR के तहत वे अपने मुनाफे का 2.5% हिस्सा उस क्षेत्र के विकास कार्यों पर लगाए, इसे केंद्र की सरकार द्वारा अब .25% कर दिया गया है। इस निर्णय से लाखों-करोड़ों रुपए जिनसे क्षेत्र में विकास कार्य किए जा सकते थे उनमें कटौती हुई है। इस क्षेत्र के प्रभावितों के हितों पर कुठाराघात करने वाले इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए।
2. रिफायनरी से जुड़े पेट्रोकेमिकल जोन की स्थापना करते हुए क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने हेतु देश के अन्य राज्यों की तर्ज पर कर में छूट (Tax Rebate) दी जाए। जिससे क्षेत्र में निवेशकों की संख्या बढ़े तथा इस क्षेत्र से जुड़े छोटे-छोटे रोजगार के अवसर भी बढ़े।
उम्मीद है थार वासियों की इन माँगों पर विचार करते हुए जल्द आमजन के हित में उचित निर्णय हो।
रात के अंधेरे में लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश!
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर में अपनी जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे
@nsui कार्यकर्ताओं को देर रात पुलिस द्वारा जबरन उठाकर गिरफ़्तार करना भाजपा सरकार की दमनकारी मानसिकता का शर्मनाक उदाहरण है।
जब सरकार के पास छात्रों के सवालों का जवाब नहीं होता, तब वह आधी रात को पुलिस भेजती है। यह लोकतंत्र नहीं, सत्ता के अहंकार का प्रदर्शन है।
क्या अब इस सरकार में अपने अधिकारों की बात करना भी अपराध हो गया है?
याद रखिए, रात के अंधेरे में आवाज़ों को दबाने की कोशिश करने वाली सरकारें इतिहास में कभी सफल नहीं हुईं। छात्रों की आवाज़ को गिरफ़्तार किया जा सकता है, उनके हौसलों को नहीं।
लोकतंत्र लाठियों से नहीं, संवाद से चलता है।
छात्रों की आवाज़ दबाना बंद करो!
@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@PoliceRajasthan
जिला कांग्रेस कमेटी अजमेर ग्रामीण के अध्यक्ष एवं विधायक @DrVikasAjmer जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
महादेव से आपके स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना करते हैं।
भारतमाला हाईवे पर आगोलाई के पास देवीगढ़ क्षेत्र में हुई यह दुर्घटना बेहद दुखद और कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
भारतमाला हाईवे पर बिना पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर, फ्लैशिंग लाइट और सुरक्षा व्यवस्था के बैरिकेड लगाना किस नियम के तहत किया गया? क्या यह NHAI और भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के सुरक्षा मानकों के अनुरूप था?
बताया जा रहा है कि यह बैरिकेडिंग प्रधानमंत्री जी के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारी के लिए की गई थी। यदि ऐसा है, तो कार्यक्रम से कई दिन पहले बिना पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बैरिकेड लगाने की क्या आवश्यकता थी? और अगर यह बेरीकेटिंग नियमो के तहत थी तो इस हादसे के बाद हटाई क्यो ?
यह हादसा बैरिकेड से कार टकराने से हुआ है जिसमें बायतु परिवार के मेगावास निवासी दलपत सिंह जी राजपुरोहित का दुखद निधन हो गया और मंडल कांग्रेस कमेटी के हमारे अध्यक्ष बाबूराम मेघवाल जी गंभीर रूप से घायल होकर आईसीयू में भर्ती हैं तथा दलपत सिंह जी की धर्मपत्नी का पैर फ्रैक्चर हो गया।
यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही का मामला है।
मै @PoliceRajasthan ,@NHAI_Official और @RajGovOfficial से मांग करता हूँ कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।
किसी भी वीआईपी व्यवस्था के साथ आम नागरिक की जान और सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।
हमारे पूर्व नेता प्रतिपक्ष,किसान नेता स्वर्गीय रामेश्वर डूडी जी की जयंती पर कोटि कोटि वंदन।
किसानो की तरक्की और उनके अधिकार हक की लड़ाई में आपके द्वारा दिया गया योगदान अविस्मरणीय है।