@hindipatrakar@Uppolice सार्वजनिक वीडियो में उक्त इंफ्लुएंसर दिव्यांग व्यक्ति को “लंगड़े, तेरी टांग तोड़ देंगे” कहकर अपमानित व धमकाता दिखाई दे रहा है। यह RPwD Act, 2016 की धारा 92(a) के तहत गंभीर मामला है। कृपया वीडियो का संज्ञान लेकर आरोपी की पहचान कर तत्काल कानूनी कार्रवाई करें।
@hindipatrakar आदरणीय नरेंद्र प्रताप जी, दीपा भाटी ने कोई रोक नहीं लगाई है। वे प्रशासनिक पद पर हैं और उनका दायित्व शासन की नियमावली का पालन करना है। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है, इसलिए नियमावली के पालन और उसके क्रियान्वयन की जवाबदेही सरकार व मुख्यमंत्री की है।
हर स्त्री के चाहने वालों की भीड़ है,
लेकिन प्रेम-सुख वह उसी को देती है, जिसे वह स्वयं प्रेम करती है।
राजनीति में भी यही सच है—
नेता के चाहने वाले बहुत होते हैं,
लेकिन धन, वैभव, अवसर और सत्ता-सुख
अक्सर उसी को मिलता है, जिसे वह स्वयं पसंद करता है। @nirarthak_@NavodayanAtul
@SanjuGoyel गलती करने वालों को नहीं, बल्कि गलती दिखाने वालों को ही कटघरे में खड़ा करना हमारी पुरानी आदत जो ठहरी। अच्छा हुआ वीडियो सामने आ गया।
अब कम से कम इनके माता-पिता भी अपने बच्चों को समझा सकेंगे कि किताब खोलने की उम्र में ऐसी हरकतें करना शर्म की बात है, शान की नहीं।
@myogiadityanath तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए, राजनीति के आधार पर नहीं। कांवड़ यात्रा पहले भी होती रही है, इसलिए ऐसे दावे उचित नहीं हैं। आस्था पर राजनीति नहीं, तथ्य बोलने चाहिए।
@seemynaina जैसा पसंद है, वैसा रहिए। नंगे रहना पसंद है तो नंगे रहिए, कपड़े पहनना पसंद है तो कपड़े पहनिए। लेकिन इसे "फ्रीडम" का नया पैमाना बताकर पूरे समाज पर थोपने की कोशिश मत कीजिए। हर किसी की स्वतंत्रता की अपनी परिभाषा होती है।
@Ccsumeerut दीक्षांत की तैयारियाँ भव्य हैं, इसमें कोई संदेह नहीं। मगर अफ़सोस, विश्वविद्यालय का एक वर्ग शिक्षा से अधिक सत्ता-भक्ति में व्यस्त दिखता है। विदाई से पहले उम्मीद है कि छात्रों की समस्याओं पर भी उतना ही ध्यान दिया जाएगा, जितना समारोह की सजावट पर।