जब दुनिया के कई देश तेल संकट और आसमान छूती ईंधन कीमतों से जूझ रहे थे, तब भारत ने दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी निर्णयों के बल पर देशवासियों को बड़ी राहत देने का कार्य किया।
संकट के दौर में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना, आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ कम करना, एलपीजी पर राहत देना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना।
निर्णायक नेतृत्व, मजबूत नीति और जनहित सर्वोपरि यही है नए भारत की पहचान।
#ModiHaiToMumkinHai #ViksitBharat #IndianEconomy #EnergySecurity #BJP #NewIndia
जब दुनिया के कई देश तेल संकट और आसमान छूती ईंधन कीमतों से जूझ रहे थे, तब भारत ने दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी निर्णयों के बल पर देशवासियों को बड़ी राहत देने का कार्य किया।
संकट के दौर में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना, आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ कम करना, एलपीजी पर राहत देना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना।
निर्णायक नेतृत्व, मजबूत नीति और जनहित सर्वोपरि यही है नए भारत की पहचान।
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तुम्हारी पोल-पट्टी खोलने लग जाएं तो क्या हो?अगर मंदिर की मूरत बोलने लग जायें तो क्या हो?
बताओ ब्रह्म-बेला में जहाँ तुम पाप धोते हो वही सरयू का पानी खौलने लग जाय तो क्या हो?
साभार-यमुना प्रसाद उपाध्याय
राममंदिर में चोरी से सबकी फटी पड़ी है। बाबरी मश्जिद का हिसाब न माँगने का यह मतलब यह तो नही हो सकता कि तुम लोग राममंदिर के चंदे और चढ़ावे को ही चोरी करने लगो। भाई कुछ तो शर्म करो।
सैशेल्स वालों ने भी AI की परिभाषा हमारे वाले से सीखी होगी, नहीं यो AI से बना हुआ अवार्ड इतना शानदार तो नहीं होता कि रिपब्लिक और सैशेल्स नाम की ही बैंड बाजा दी जाती।
AKBAR को हिंदी में औरंगजेब कहते हैं🤔
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) का ये प्रश्नपत्र पढ़ने के बाद मुझे भी पता चला।
चरण चुम्बन और पार्टी विशेष का झंडा ढोने वाले जब दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षक बनेंगे तो ये कारनामे देखने को मिलेंगे।
मणिपुर की वो महिलाएं,
अमेरिकी टैरिफ,
6 करोड़ वोटर्स,
अमेरिका से बेड़ियों में बांधकर लौटाए गए भारतीय,
और तमाम प्रेस-कॉन्फ्रेंस को भी पीतल में लिखवा दीजियेगा।
तर्क है जो मंदिर आंदोलन में शामिल नहीं थे वो चढ़ावा चोरी पर कैसे बोल सकते हैं ।इसी आधार पर कहा जा सकता है जिनके पुरखे आज़ादी के आंदोलन में शामिल नहीं थेयाअंग्रेजों के समर्थक थे उन्हें देश में होने वाली किसी गड़बड़ी पर सवाल उठाने का हक नहीं है क्या?मुद्दों पर बोलने का हक सबको है।
एक और पेपर लीक।
एक और परीक्षा रद्द।
इस बार महाराष्ट्र का TET।
देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है।
यह सिर्फ पेपर लीक नहीं,
यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।
आप झूठे भी हैं @rajnathsingh जी
आपने सदन में झूठ क्यों बोला @rajnathsingh जी
आपने देश को गुमराह क्यों किया @rajnathsingh जी
आपके लिए इन 6 सैनिकों की मौत कोई मायने नहीं रखती @rajnathsingh जी
आपने ऐसा किसकी छवि चमकाने के लिए किया @rajnathsingh जी..???
क्यों क्यों क्यों क्यों क्यों