RaGa vs गोदी मीडिया 🍿
पत्रकार — "सर, BJP कह रही है..."
राहुल गांधी 🔥 —"थोड़ी असली पत्रकारिता भी करिए। आप पूरी तरह BJP के कर्मचारी नहीं हैं। अब तो हद हो गई है।
आप देश के साथ अन्याय कर रहे हैं। यह सचमुच शर्मनाक है।" 👏
कभी-कभी गोदी मीडिया के साथ इसी तरह पेश आने की ज़रूरत होती है। उन्हें हर समय अपना प्रचार फैलाने की खुली छूट नहीं दी जा सकती।
आज से बीजेपी आईटी सेल वाले आपको गाली दें तो हर गाली के साथ पीएम नरेंद्र मोदी को टैग करें। देखते हैं ये उनको सुधारने का कोई उपदेश देते हैं या नहीं !
: उमाशंकर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार
कावड़ियों ने ट्रक लूट ली, कहा हैं किस बिल में छुपे हुए हैं सुधीर चौधरी, अंजना ओमकश्यप, रुबिका लियाकत और गोदी न्यूज चैनल वाले क्या इसपर डिबेट करेंगे?
क्या मोदी सरकार से सवाल पूछेगें?
Nothing is more painful than seeing a parent grieve their child.
Behind every young life lost is a family carrying pain that will never leave them - and serious questions about a broken education system.
Leaked papers. Cancelled exams. Years of preparation destroyed overnight. Our students are told to work honestly in a system that is not honest with them.
And the Prime Minister has the audacity to speak of “forgiving” students.
He has not met a single grieving parent. He has not sat with a single student whose future was stolen by a leaked paper.
India’s students do not need his forgiveness. They are owed his apology.
सरकार इनकी सुविधा के लिए रास्ता बनाती है, गुलाब के फूल बरसाती है फिर भी इनकी हिंसा को रोकने का इक़बाल नहीं रखती। समाजसेवी संगठन भी इंतज़ाम करते हैं। कैंप लगाते हैं। तब भी ये लोग हिंसा करने से बाज़ नहीं आते। कहने का मतलब है कि ये लोग राज्य और समाज दोनों से शिकायत नहीं कर सकते कि किसी ने परवाह नहीं की, फिर इनके भीतर इतनी हिंसा क्यों भरी है।
हर साल का यही हाल है। इन लोगों का फेस रिकॉग्निशन से रिकॉर्ड नहीं निकाला जाता है? पुलिस क्यों नहीं इनके घर चली जाती है? कम से कम इन सभी को एक गाइड लाइन पकड़ा देती कि कोई दिक्कत हो तो रास्ते भर पुलिस खड़ी है। आप पुलिस को बुलाइये। ख़ुद से मारपीट और तोड़ फोड़ मत कीजिए। कुछ तो काउंसलिंग करनी चाहिए और फिर कार्रवाई भी। कब तक स्टेट एक्शन नहीं लेगा और ये लोग हिंसा करते रहेंगे। इन्हें ये सब करने के लिए आप जेन ज़ी को दोष नहीं दे सकते। कई जेनरेशन से हो रहा है।
एक डॉयलॉग बड़ा मशहूर है- जो डर गया समझो मर गया।
गृहमंत्री अमित शाह के घर के बाहर की सुरक्षा है।
मायावती जी CM थीं जब वह एयरपोर्ट जाती थीं तो PM की सुरक्षा जैसे पूरे रास्ते 100-100 मीटर पर पुलिस के जवान तैनात किये जाते थे।
दूसरी एक बात की बड़ी चर्चा थी कि उन्हें dust allergy है ऐसे में धूल धुंआ से बचने की सलाह डॉक्टर देते हैं वह जहां भी जाती थीं पूरे रास्ते नगर निगम के टैंकर पानी छिड़कते थे जबकि मैडम बन्द बुलेट प्रूफ गाड़ी में बैठकर जाती थीं।
साहब आपकी सरकार है घर सेना लगा लीजिये आप दोनों की मर्जी।
Promises vs. Ground Reality
अब जनता आपके झांसे में नहीं आने वाली है,बहुत कर लिया वादा आपने,
हर बार आप वही घिसी पिटी बात बोलकर निकल लेते है फिर झेलना जनता को पड़ता है।
BJP tried slandering this genZ girl by calling her ‘Babar ki Virasat’. Look how she came up with an extraordinary ppt presentation.
You just can’t beat GenZs..
Vastaguna huyiyaa!!
PM को लेकर दिया गया एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस बयान ने लोगों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। आखिर ऐसा क्या कहा गया जिसने इतनी सुर्खियां बटोर लीं?
आपकी इस बयान पर क्या राय है?