@educationnagari माननीय शिक्षा मंत्री महोदय, आप तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय के निर्णयों को ग़लत ठहराते रहते हो तथा दुसरी ओर अपनी सरकार के निर्णय को दरकिनार कर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के निर्णय पर अमल कर रहे हैं। माननीय आपकी कथनी और करनी में अंतर क्यों आ गया है।
@jagdish44144 माननीय शिक्षा मंत्री महोदय, आप तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय के निर्णयों को ग़लत ठहराते रहते हो तथा दुसरी ओर अपनी सरकार के निर्णय को दरकिनार कर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के निर्णय पर अमल कर रहे हैं। माननीय आपकी कथनी और करनी में अंतर क्यों आ गया है।
@madandilawar माननीय शिक्षा मंत्री महोदय, आप तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय के निर्णयों को ग़लत ठहराते रहते हो तथा दुसरी ओर अपनी सरकार के निर्णय को दरकिनार कर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के निर्णय पर अमल कर रहे हैं। माननीय आपकी कथनी और करनी में अंतर क्यों आ गया है।
@shyamraj08 माननीय शिक्षा मंत्री महोदय, आप तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय के निर्णयों को ग़लत ठहराते रहते हो तथा दुसरी ओर अपनी सरकार के निर्णय को दरकिनार कर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के निर्णय पर अमल कर रहे हैं। माननीय आपकी कथनी और करनी में अंतर क्यों आ गया है।
@NamitaSharmaSV माननीय शिक्षा मंत्री महोदय, आप तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय के निर्णयों को ग़लत ठहराते रहते हो तथा दुसरी ओर अपनी सरकार के निर्णय को दरकिनार कर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के निर्णय पर अमल कर रहे हैं। माननीय आपकी कथनी और करनी में अंतर क्यों आ गया है।
@Radhemahwa माननीय शिक्षा मंत्री महोदय, आप तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय के निर्णयों को ग़लत ठहराते रहते हो तथा दुसरी ओर अपनी सरकार के निर्णय को दरकिनार कर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के निर्णय पर अमल कर रहे हैं। माननीय आपकी कथनी और करनी में अंतर क्यों आ गया है।
@madandilawar माननीय शिक्षा मंत्री महोदय, आप तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय के निर्णयों को ग़लत ठहराते रहते हो तथा दुसरी ओर अपनी सरकार के निर्णय को दरकिनार कर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के निर्णय पर अमल कर रहे हैं। माननीय आपकी कथनी और करनी में अंतर क्यों आ गया है।
@Badriprasadmot1 माननीय शिक्षा मंत्री महोदय, आप तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय के निर्णयों को ग़लत ठहराते रहते हो तथा दुसरी ओर अपनी सरकार के निर्णय को दरकिनार कर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के निर्णय पर अमल कर रहे हैं। माननीय आपकी कथनी और करनी में अंतर क्यों आ गया है।
@DSS22520 माननीय शिक्षा मंत्री महोदय, आप तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय के निर्णयों को ग़लत ठहराते रहते हो तथा दुसरी ओर अपनी सरकार के निर्णय को दरकिनार कर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के निर्णय पर अमल कर रहे हैं। माननीय आपकी कथनी और करनी में अंतर क्यों आ गया है।
@Ra_THORe समकक्ष योग्यता का निर्धारण सेलेबस का तुलनात्मक परीक्षण कर किया जाता है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी पद की प्रवृत्ति एवं जाॅब चार्ट के आधार पर कर रहे हैं। माननीय शिक्षा मंत्री महोदय कुछ तो आप भी देखो।
@HANUMANKISAN समकक्ष योग्यता का निर्धारण सेलेबस का तुलनात्मक परीक्षण कर किया जाता है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी पद की प्रवृत्ति एवं जाॅब चार्ट के आधार पर कर रहे हैं। माननीय शिक्षा मंत्री महोदय कुछ तो आप भी देखो।
@DesrajGurj13471 समकक्ष योग्यता का निर्धारण सेलेबस का तुलनात्मक परीक्षण कर किया जाता है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी पद की प्रवृत्ति एवं जाॅब चार्ट के आधार पर कर रहे हैं। माननीय शिक्षा मंत्री महोदय कुछ तो आप भी देखो।
@BhajanlalBjp समकक्ष योग्यता का निर्धारण सेलेबस का तुलनात्मक परीक्षण कर किया जाता है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी पद की प्रवृत्ति एवं जाॅब चार्ट के आधार पर कर रहे हैं। माननीय शिक्षा मंत्री महोदय कुछ तो आप भी देखो।
@alokrajRSSB समकक्ष योग्यता का निर्धारण सेलेबस का तुलनात्मक परीक्षण कर किया जाता है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी पद की प्रवृत्ति एवं जाॅब चार्ट के आधार पर कर रहे हैं। माननीय शिक्षा मंत्री महोदय कुछ तो आप भी देखो।
@BhajanlalBjp सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी समकक्ष योग्यता का निर्धारण पाठ्यक्रम से तुलनात्मक अध्ययन कर रहे हैं जबकि शिक्षा विभाग द्वारा पद के कार्य की प्रवृत्ति एवं जाॅब चार्ट के आधार पर कर रहे हैं। राजस्थान के शिक्षा मंत्री जी कुछ तो देखो।