इतनी गर्मी में ट्रेन में भर भर के जनरल डिब्बे में लोग जाएंगे जहां सांस लेना जाना आना दुश्वार है 🚨
लेकिन यही लोग चुनाव के समय बीजेपी को वोट देते हैं रैलियों में जाते हैं सुबह शाम मित्रों,
मर जाएंगे लेकिन मोदी को हर हाल में जिताएंगे 😂🔥
फैसला धर्मेंद्र प्रधान के हाथ में है, अगले 48 घंटे में इस्तीफा दे,
यदि वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो सोनम वांगचुक रविवार से जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ आमरण अनशन शुरू करेंगे।
छह दिनों की तपती गर्मी, बारिश, उखड़े हुए तंबू और संसाधनों की कमी भी आंदोलनकारियों का हौसला नहीं तोड़ सकी।
कई युवाओं ने बदलाव की उम्मीद में अपनी नौकरियां तक छोड़ दी हैं।
संदेश बिल्कुल स्पष्ट है — यह आंदोलन थमने वाला नहीं है, बल्कि अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है।
रात 12 बजे का जोश, जंतर मंतर
#cjp_पार्टी#आंदोलन
हक़ के लिए जब आवाज़ उठानी पड़ती है,
खामोशी की ज़ंजीरें तोड़नी पड़ती है।
कुर्सी पे बैठे जो बहरे बन जाएं,
तो सड़कों पे इंकलाब की बात करनी पड़ती है।
@CJP_for_India@cjp_panjab
ये बिहार का पटना स्टेशन है 👇
जहां छात्रों का हुजूम किसी तरह ट्रेन पकड़ना चाहता है, ताकि एग्जाम सेंटर तक पहुंचा जाए।
वोट लेने के समय BJP सरकार युवाओं को ट्रेन से घर भेजती है, लेकिन काम निकलने के बाद युवाओं को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है।
यही BJP का चाल, चरित्र, चेहरा है।
सदियों पुरानी इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना इन दिनों लोगों को हैरान कर रहा है। बिना आधुनिक मशीनों और तकनीक के बने पत्थरों के जलमार्ग यह साबित करते हैं कि हमारे पूर्वज विज्ञान, गणित और निर्माण कला में कितने दक्ष थे।
विशाल पत्थरों को इतनी सटीकता से तराशकर पानी के बहाव के लिए रास्ते तैयार किए गए कि आज भी इंजीनियर इन संरचनाओं को देखकर दंग रह जाते हैं। यह प्राचीन निर्माण सिर्फ कला नहीं, बल्कि उस दौर की उन्नत वैज्ञानिक सोच और बेहतरीन इंजीनियरिंग का जीवंत प्रमाण माने जा रहे हैं।😳😱