BSP यदि शून्य प्रतिशत वोट और शून्य सीट भी लाती है, तब भी मैं BSP के साथ रहूँगा। BSP बहुजन समाज को जो देती है, वह दूसरी पार्टियाँ लाख कोशिश करने के बाद भी नहीं दे सकतीं।
हमारे बाप-दादाओं के पास कोई सत्ता या राज-पाट नहीं था। न हम कोई नवाब थे कि शून्य हो जाने पर हमारे पास से कुछ चला जाएगा।
खोने के लिए जिनके पास कुछ नहीं है, उनके पास पाने के लिए सब कुछ है।
इसलिए चुनाव की तैयारी कीजिए। 2027 में सरकार बनानी है।
जाटव का छोरा गाने पर सुंदर नृत्य करनेवाली सिमरन यादव ने 2027 में चुनाव में BSP का प्रचार किया तो क्या होगा? उसके instagram और youtube पर मिलियन में फॉलोअर्स है।
📌કાયમી શિક્ષકોની ભરતીની જાહેરાત વખતે જ્યારે ખુદ માનનીય પ્રવક્તા મંત્રી સાહેબ ક્રમિક ભરતીના ફાયદા ગણાવતા હોય અને ભરતી ક્રમિક કરવાની નિર્ણય લીધેલ હતો તો હવે ક્રમિક ભરતી કેમ નહીં!?
😭છેલ્લા બે વર્ષથી ક્રમિકની રાહે અંધારામાં રાખી આખરે કેમ ક્રમિકનો છેદ ઉડી ગયો!??
🥹ભરતી સમિતિ ના સંકલનના અભાવનો શિકાર ઉમેદવારો શા માટે બને!?
🛑અમો ઉમેદવારની એક જ માંગ છે કે સૌથી પહેલા ૧૧/૧૨ ત્યારબાદ ૯/૧૦ અને છેલ્લે ૬થી૮ ના શિક્ષકોની ક્રમિક ભરતી કરવામાં આવે.
@Bhupendrapbjp@kuberdindor@prafulpbjp
શિક્ષક સાથે જ આવું કેમ?
વાયદાઓ આપી ને ભરતી કેમ મોડી થાય છે?
બેટી બચાવો,બેટી પઢાઓનું છે આ ગુજરાત
હક માંગતી દીકરીને રસ્તા પર કેમ ઢસડાઇ છે?
શું છે વાક અમારો કે જોયું સપનું શિક્ષક નું?
હવે તો કરો સાકાર સપના અમારા સરકાર
આ મા બાપ ને રોજ હવે કેટલી સાંત્વના અપાય છે.🥹😭 @kuberdindor
समाजवादी पार्टी ने प्रमोशन में SC/ST आरक्षण का विरोध किया था। ये एक ऐतिहासिक तथ्य, सत्य और दस्तावेज़ है।
क्या ये बात सभी दलित और आदिवासी समाज के लोगों को पता है? https://t.co/DnJbNd78Rg
बहनजी को प्रमोशन इन रिजर्वेशन पर संसद मे चर्चा करवाना था कांग्रेस के हामिद अंसारी हाउस को चलने नहीं देते थे।
बहनजी को कांग्रेस का यह रवैया बिल्कुल अच्छा नहीं लगा उन्होंने भरी संसद मे तत्कालीन चेयरमैन को जबरदस्त खरी खोटी सुनाई। @Mayawati
डॉक्टर अम्बेडकर को संविधान सभा चुनाव में वोट करने वालो में एक भी मुस्लिम विधायक नही था।
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मुस्लिम मित्र रोजाना किसी न किसी लेख पर कह देते है कि बाबा साहब को उन्होंने जितवाकर सँविधान सभा भेजा। यह सबसे बड़ी अज्ञानता है।
डॉक्टर बाबा साहब अम्बेडकर के बारे में जबसे मेने बताया कि;
"बंगाल की जिस जैसोर खुलना एरिया से बाबा साहब को जोगेंद्रनाथ मण्डल ने जितवाकर भेजा, उस चुनाव मे वोट करने वाला एक भी मुस्लिम नही था। तबसे काफी मित्रो ने निम्न सवाल पूछे है;
1.मुस्लिम ने बाबा साहब को जितवाकर सँविधान सभा मे पहुचाया।
2.बाबा साहब के सहायक काजोलकर ने बाबा साहब को हराया तब मुस्लिम लीग ने सीट खाली करवाकर बाबा साहब को संविधान सभा मे भेजा।
3.जब हिन्दू बहुल जैसोर खुलना एरिया को नेहरू ने बाबा साहब को सँविधान से दूर रखने के लिए पाकिस्तान को दिया तब बाबा साहब कैसे सँविधान सभा पहुँचे?
वास्तव में इसे समझने के लिए क्रम से तथ्य यह है कि;
1. वर्ष 1945-46 में प्रान्तों के सदस्य (विधायक) चुनने के लिए चुनाव हुए। बाबा साहब की पार्टी अखिल भारतीय अनुसूचित जाति संघ की तरफ से पूरे देश केवल बंगाल मे जोगेंद्रनाथ मण्डल चुने गए।
3.अंग्रेजी शासन ने 1946 में कैबिनेट मिशन को सत्ता हस्तांतरण के लिए भारत भेजा। संविधान सभा के लिए चुनाव कराने की घोषणा हुई।
4. 1945-46 में जो प्रान्तों के चुनाव से विधायक चुने गए थे उनके वोट से संविधान सभा के सदस्य चुने गए। बिल्कुल वर्तमान के राज्यसभा चुनाव की तरह।
5.कोंग्रेस ने बाबा साहब को संविधान सभा से दूर रखने के लिए प्रान्तों के चुनाव से ही कोशिस शुरू कर दी थी, और इसे नेहरू-पटेल ने सार्वजनिक तौर पर स्वीकार भी किया था।
6. नई दिल्ली में अखिल भारतीय अनुसूचित जाति संघ की मीटिंग हुई, बंगाल में जोगेंद्रनाथ मण्डल एकमात्र सदस्य थे जो बाबा साहब की पार्टी के विधायक बने थे। जोगेंद्रनाथ मण्डल ने बाबा साहब को संविधान सभा मे भेजने का जिम्मा अपने ऊपर लिया।
7.जोगेन्द्रनाथ मण्डल ने कोंग्रेस के एससी, निर्दलीय, आदिवासी विधायको को समझाया कि बाबा साहब का सँविधान सभा मे पहुचना कितना जरूरी है।
8.इसके बाद डॉक्टर अम्बेडकर को मण्डल ने बंगाल आमंत्रित किया। डॉक्टर अम्बेडकर जब बंगाल आये तब चुनाव में केवल 3 सफ्ताह का समय रह गया था। डॉक्टर अंबेडकर ने पर्चा भरा जिसके प्रस्तावक समर्थक जोगेंद्रनाथ मण्डल व एक एससी कोंग्रेस विधायक थे।
9.चुनाव हुए, लेकिन कलकत्ता की सड़कों पर दंगा हो रहा था जिससे की अंबेडकर जीत न सके, कहा जाता है कि पंजाब से एससी सिख बड़ी तादात में अम्बेडकर को प्रोटेक्ट करने के लिए कलकत्ता गए व दंगो का सामना नामसूद्र जाति के शूरवीरो के साथ मिलकर किया। कोंग्रेस ने एक सदस्य को किडनैप करवा लिया लेकिन वो किसी तरह से भाग गया और बाबा साहब को वोट दिया।
10.जोगेंद्रनाथ मण्डल के सहयोग से कोंग्रेस सहित अन्य पार्टी के कुल 6 एससी व एक आदिवासी विधायक ने अपनी पार्टी की जगह डॉक्टर अंबेडकर को वोट दिया जो निम्न है;
1. जोगेन्द्रनाथ मंडल (नाशूद्रर), बारीसाल, शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन।
2. मुकुन्दबिहारी मलिक (नामशूद्र), स्वतंत्र, खुलना।
3. द्वारिकानाथ बरूरी (नामशूद्र), कांग्रेस, फरीदपुर।
4. गयानाथ बिस्वास, (नामशूद्र), कांग्रेस, टंगेल।
5. नागेन्द्र नारायण रे, (राजबंशी), स्वतंत्र, रंगपुर।
6. क्षेत्रनाथसिंहा (राजबंशी), कांग्रेस, रंगपुर।
7. बीरबिरसा, कांग्रेस (आदिवासी), मुर्शीदाबाद।
11.सुभाष चन्द्र बोस के भाई शरत चन्द्र बोस को बाबा साहब ने एक वोट से हरा दिया।
अब पुनः शुरू के प्रश्नों पर आते है।
1.बाबा साहब को 3 जिलो के 7 विधायकों ने वोट किया जिनमे एक भी मुस्लिम नही था। मुस्लिम लीग इस मामले मे तटस्थ रहे, पंगा नही लिया क्योंकि जोगेंद्रनाथ मण्डल का अलग ही रुतबा था।
2.काजोलकर का विषय सँविधान सभा से सम्बंधित नही है। सँविधान बनने के बाद व उसके लागू होने के बाद भारत के पहले आम चुनाव 1951-52 मे जब बाबा साहब ने चुनाव लड़ा तब उनके सहायक काजोलकर ने उन्हे हराया था।
3.तीसरे का उत्तर यह है की जैसोर खुलना को पाकिस्तान को देने का षडयंत्र सभी ने देखा, दलित संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी। बाबा साहब ने संविधान सभा को न मानने व आंदोलन की धमकी दे दी, जिसके कारण कोंग्रेस को भय हो गया कि बाबा साहब अड़चन पैदा कर सकते है व एक सन्देश जा सकता है कि देश की एससी जातियो को संविधान बनाने से दूर रखा गया. नेहरू को प्रधानमंत्री बनने में खतरा महसूस हुआ। अंग्रेजी शासन का दवाब भी था। इसलिए नेहरू व गाँधी जी ने बॉम्बे से अपने एक सदस्य जयकर का इस्तीफा दिलवाकर बाबा साहब को पुनः हुए उपचुनाब मे बॉम्बे से जितवाकर संविधान सभा मे भेजा।
विकास कुमार जाटव