कहा था ना दिल्ली की पुलिस से की ग़ुलामी इतनी करना जो भारी ना पड़े! ग़लत पंगा ले लिया इन युवाओं से अब तुम्हारे चक्कर में अब देश भर की पुलिस तुम्हारी करतूत झेल रही है।
ये प्रयागराज है मतलब पूर्वांचल….युवा इंकलाब
मानवता शर्मसार हुई, हवसी हर रंग रूप में मिलेंगे!!!
#जब_रक्षक_ही_भक्षक_बन_जाते_हैं
पुलिस का काम होता है लोगों की रक्षा करना...लेकिन इस तस्वीर में एक पुलिस कर्मी इस लड़की के साथ कैसी बदतमीजी कर रहा है..!
एक चुने हुए सांसद युवाओं के हक में संसद के बाहर धरने पर बैठे है। बारिश भी हौसला तोड़ नहीं पा रही है। मगर एक विपक्षी सांसद @BhimArmyChief को संसद परिसर में मौजूद शौचालय भी इस्तेमाल नहीं करने दिया जा रहा।
महामानव हमेशा की तरह घटिया स्तर पर उतारू है!
“अगर मुल्क की रहनुमाई एक जाहिल करेगा, तो वह यही चाहेगा कि पूरा देश उसकी तरह जाहिल, नाक़ाबिल, नासमझ और बेरहम बने।”
~ नसीरुद्दीन जी
सलाम उस हर युवा और छात्र को, जिन्होंने लड़ना नहीं छोड़ा, झुकना नहीं स्वीकारा, और लाठियाँ टूटीं, लेकिन वे नहीं टूटे।
#WamanMeshram
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रख रहे विद्यार्थियों पर हुआ पुलिस लाठीचार्ज लोकतंत्र के लिए गहरी चिंता का विषय है। ब्राह्मणवादी आरएसएस-बीजेपी सरकार के निर्देश पर उठाया गया यह कदम सरकार की गैर-जवाबदेही को दर्शाता है। युवाओं पर बल प्रयोग करना देश के भविष्य को अंधकार में धकेलने के समान है। हम सरकार की इस दमनकारी नीति का कड़ा विरोध करते हैं और छात्रों के प्रति दिखाई गई इस क्रूरता की घोर निंदा करते हैं।
#JantarMantar #StudentProtest #Delhi #StandWithStudents #YouthPower #VoiceOfYouth
📍 उज्जैन, डॉ आंबेडकर प्रतिमा टॉवर चौक मप्र
धरना ✊🏿 केंद्र सरकार की तानाशाही एवं दिल्ली में हुए NEET छात्रों एवं आंदोलनकारियों लाठी चार्ज, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मद्र प्रधान के इस्तीफे एवं धरनारत संसद भवन परिसर में बड़े भाई चन्द्रशेखर आज़ाद जी एवं सोनम वांगचुक सहित कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गया हूं। जबतक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और छात्रों की मांग पूरी नहीं होगी तबतक धरना जारी रहेगा।
@JansamparkMP@BhimArmyChief@CMMadhyaPradesh@PMOIndia@narendramodi@dpradhanbjp
संदीप लांबा पर घिन आती है।
इसने छात्रों पर डंडे बरसाए, मासूम लड़की को थप्पड़ मारे। इसने ही सोनम वांगचुक की पत्नी से बदसलूकी की थी।
जब देश की राजधानी में एडिशनल DCP मासूम लड़कियों के साथ इतनी नीचता कर रहा है तो सोचिए आम पुलिसकर्मियों ने इन छात्रों के साथ कैसा बर्ताव किया होगा?
लोकतंत्र में आवाज़ उठाना अपराध नहीं, संवैधानिक अधिकार है।
आज संसद परिसर में बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे सांसद चंद्रशेखर आज़ाद जी के शांतिपूर्ण धरने को हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी जी ने पहुँचकर अपना समर्थन दिया।
#JaiBhim#Samvidhan#JusticeForStudents
देश की जनता ने कांग्रेस को मुख्य विपक्ष के रूप में चुना व 126 सांसद दिये और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को कुल 37 सांसद जिताकर भेजे, परंतु आज जब उनकी सबसे अधिक जरूरत है तो गायब हैं
सोचकर देखिए अगर चन्द्रशेखर आजाद के पास 126 सांसद होते तो आज जंतर-मंतर से लेकर संसद भवन तक क्या मंजर होता?
आज वो अकेले सांसद होने के बावजूद आंदोलन में छात्रों के बीच डटकर खड़े रहे और अब भारी बारिश के बीच जंतर-मंतर परिसर में अकेले ही छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ अनशन पर बैठे हुए हैं
देश की जनता को अब न सिर्फ भाजपा बल्कि पूरे सिस्टम व सभी पुराने दलों को भी बदलने की आवश्यकता है।।
ये सिविल ड्रेस में मौजूद लोग कौन हैं?
अगर वे पुलिसकर्मी नहीं हैं, तो उन्हें पुलिस कार्रवाई के दौरान डंडों के साथ वहाँ किस अधिकार से खड़ा किया गया? और अगर वे किसी सरकारी कार्रवाई का हिस्सा थे, तो उनकी पहचान सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
सरकार और दिल्ली पुलिस को स्पष्ट करना चाहिए कि ये लोग कौन थे, उनकी भूमिका क्या थी और उन्हें किस कानूनी अधिकार के तहत वहाँ तैनात किया गया। लोकतंत्र में ऐसी कार्रवाई पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए।
पेपर लीक व दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में 25 जुलाई को भीम आर्मी व ASP समस्त देशभर में जिला मुख्यालयों पर बड़ा आंदोलन करेगी
- अनशन पर बैठे नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद ने किया ऐलान, कहा कि यह लड़ाई अब निर्णायक की तरफ चलेगी।।