If Prasar Bharati can spend ₹15 crore a year on a DD News show featuring a star anchor, while the ISRO Chairman’s basic pay is about ₹27 lakh a year, shouldn’t we rethink our priorities? If India wants to conquer space and attract our finest scientific minds, our rewards must match our ambitions.
हमारा वोट चुराया जा रहा है और ये हम किसी हाल में चुपचाप नहीं सहेंगे।
मतदाता सूचियों से नाम काटे गए। नियम-कानून तोड़े गए। और सवाल पूछने वालों पर लाठियां चलीं।
अब जवाब देश देगा।
1 नवंबर - चलो दिल्ली।
वोट बचाओ - देश बचाओ जन मार्च और महारैली।
छात्र, किसान, मज़दूर, महिलाएं, नौजवान और व्यापारी - जिस-जिस को लोकतंत्र की फ़िक्र है, वो ज़रूर आए।
वोट आपका है। लड़ाई भी आपकी है।
📍 रामलीला मैदान, नई दिल्ली
PS: BJP और उसके साथियों का दिल से धन्यवाद, जो इस कार्यक्रम का इतना ज़ोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं और इसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
बस अगले 7 दिन भी यही जोश और लगन बनाए रखिए!
#ChaloDilli
#RamlilaMarch
उत्तराखंड में निवेश के नाम पर धामी सरकार का फ़र्ज़ीवाड़ा - और यह BJP ‘डबल इंजन' मॉडल का एक और नमूना है।
Global Investors Summit का ढिंढोरा पीटा गया: 1,779 MoU, ₹3.56 लाख करोड़। रोडशो पर जनता के लगभग ₹100 करोड़ ख़र्च हुए | फिर सरकार ने ₹1 लाख करोड़ को "ज़मीन पर उतरा निवेश" बताया।
Newslaundry ने जाँचा कि यह निवेश किसका है:
* आटा चक्कियाँ, खाद-बीज की दुकानें और छोटे क्लीनिक "निवेशक" गिन लिए गए। कुछ को पता तक नहीं था।
* ₹35,279 करोड़ - यानी 35% - सरकारी बिजली कंपनियों के हैं।
* CSR और दान से चलने वाले एक स्कूल को ₹24.49 करोड़ का "निवेशक" बताया गया।
* ₹1,200 करोड़ के "निवेशक" की कमाई चार साल से शून्य है, और रिकॉर्ड में उसका एक भी कर्मचारी नहीं।
* दुबई-लंदन के रोडशो से ₹27,975 करोड़ का दावा हुआ, पर "ज़मीन पर उतरे" निवेशकों की सूची में इन दोनों शहरों की एक भी कंपनी नहीं।
और समिट से सिर्फ़ सात दिन पहले, 1 दिसंबर 2023 को, "निवेश" की परिभाषा ही ढीली कर दी गई। इसे कहते हैं: पहले नियम बदलो, फिर आँकड़े बताओ।
मुख्यमंत्री 3,300 "निवेशकों" की पूरी सूची सार्वजनिक करें।
निवेश कागज़ पर। रोज़गार नारों में। और उत्तराखंड के युवाओं के हिस्से - पेपर लीक।
@newslaundry@Basantrajsonu
https://t.co/Iz2ZtQWycQ
राष्ट्रपति महोदया,
19 साल की अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। चार साल बाद भी CBI की धीमी जांच के चलते यह सवाल बना हुआ है कि वो VIP कौन था।
अंकिता के परिवार समेत कई लोग मानते हैं कि दुष्यंत गौतम इस मामले से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनकी सिक्किम के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति से मैं स्तब्ध हूं। राज्यपाल के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर प्रधानमंत्री मोदी ने साबित किया है कि महिलाओं की सुरक्षा की उन्हें बिल्कुल परवाह ही नहीं है।
मैं आपसे अपील करता हूं कि सरकार को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को पदभार न देने की सलाह दें।
अंकिता के माता-पिता की न्याय की उम्मीद मत टूटने दीजिए।
I’d like to thank every single person who came out today for this protest. I'd also like to thank the millions of people who showed support in their own way at 3pm. Thank you to the leaders of INDIA bloc, all the workers of the Congress party and workers of the INDIA bloc.
Today was a very important day because we needed to show the government that the people of India are not going to be intimidated. You cannot beat us, threaten us, frighten us. We will not accept being bullied.
I was wondering where the cowards of the RSS who were beating the young children day before yesterday were. Where were those people? Because I didn’t see them.
When we are standing there and when the people of India are standing there, why don’t you come out? Why don’t you wear your little scarves and come out and see what happens?
Because you’re essentially, like the Prime Minister of India, bullies. You cannot stand up. You can only use power to fight.
So, it’s very heartening to see what happened. I’m proud of everybody. Everybody worked like a team.
As I said in my press conference, there are no parallel protests. It’s one protest, and it’s a protest where everybody is standing together. Every single person is going to stand against these killers of our Constitution, these killers of our democracy. And we’re not going to back down.
I’d also like to thank everybody from civil society organisations who came, supported us. We value your support, and we love all of you.
Thank you all for coming out and defending the idea of India, the idea of the Constitution, the idea of our democracy.
I’m extremely proud of every single person who came out on the streets. Thank you.
आज के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले हर एक व्यक्ति का मैं दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ। उन करोड़ों लोगों का भी धन्यवाद, जिन्होंने दोपहर 3 बजे अपने-अपने तरीके से इस आंदोलन को समर्थन दिया। INDIA गठबंधन के नेताओं, कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और INDIA गठबंधन के तमाम कार्यकर्ताओं का भी बहुत-बहुत धन्यवाद।
आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि हमें सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है। आप हमें मारिए, धमकाइए, डराने की कोशिश कीजिए, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम आपकी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मैं सोच रहा था कि RSS के वो कायर लोग कहाँ थे, जो परसों हमारे युवा साथियों को पीट रहे थे? कहाँ थे वो लोग? आज तो मुझे उनमें से कोई दिखाई नहीं दिया।
जब हम वहाँ खड़े हैं, जब देश की जनता वहाँ खड़ी है, तो तुम बाहर क्यों नहीं आते? अपनी छोटी-छोटी गमछियाँ पहनकर क्यों नहीं बाहर आते हो और देखते हो कि क्या होता है?
क्योंकि तुम भी देश के प्रधानमंत्री की तरह सिर्फ़ गुंडागर्दी करना जानते हो। तुममें सामने आकर खड़े होने की हिम्मत नहीं है। तुम सिर्फ़ सत्ता और ताक़त के दम पर लड़ सकते हो।
इसलिए आज जो कुछ हुआ, उसे देखकर बहुत खुशी होती है। मुझे आप सभी पर गर्व है। सबने एक टीम की तरह काम किया।
जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ये अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हैं। यह एक ही आंदोलन है, जिसमें हम सब एक साथ खड़े हैं।
हममें से हर एक व्यक्ति संविधान के इन हत्यारों, हमारे लोकतंत्र को कुचलने वालों के ख़िलाफ़ खड़ा होगा। और हम एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे।
मैं उन सभी सिविल सोसाइटी संगठनों का भी दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ, जो आज हमारे साथ आए और जिन्होंने हमारा समर्थन किया। आपके समर्थन की हम कद्र करते हैं। हम आप सभी से मोहब्बत करते हैं।
भारत की सोच, हमारे संविधान के विचार और हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए आज सड़कों पर उतरने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद।
मुझे उन सभी लोगों पर बेहद गर्व है, जो आज सड़कों पर उतरे।
बहुत-बहुत धन्यवाद!
हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए
आज ये दीवार पर्दों की तरह हिलने लगी
शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए
हर सड़क पर हर गली में हर नगर हर गाँव में
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए
सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मिरा मक़्सद नहीं
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही
हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए
दीपांशु शौक़ीन ने NSUI अध्यक्ष पद का टिकट नहीं लिया क्यूंकि वो अपने जाट भाई के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ना चाहता था.दीपेंद्र हूडा ने प्रचार नहीं किया क्यूंकि वो ABVP के जाट केंडिडेट के खिलाफ चुनाव प्रचार नहीं करना चाहते थेlNSUI के जाट नेता गरीब आदिवासी के खिलाफ वोट मांग रहे ।