@MoHFW_INDIA@drharshvardhan
Me & my wife got our 1st shot of COVID vaccine on 16.3.2021 at Max Hospital, Vaishali, GZB & 2nd dose at LBS Hospital 2, Khichripur, Delhi on 8.5.2021. When I asked them for our certificate at that time, they said that we'd get it online. (1/3)
जगह जगह युवाओं की भारी भीड़ देखते हुए दिल्ली पुलिस ने protest की इजाजत दे दी है।
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बजाये युवाओं को सीधे जंतर मंतर पर एकत्र होने को कहा गया है।रेलवे स्टेशन/बस अड्डों पर बच्चों-छात्रों की भीड़ देखते ऐसे लग रहा कि दिल्ली के बाहर से काफी छात्र आ रहे हैं।
Reserve Bank को इस साल महंगाई बढ़ने का अंदेशा
राज्य दर राज्य कैसे हड़प ली जाती हैं पार्टियां लेकिन एक #NEET की परीक्षा में leak दर leak. ये हालात क्यौं हैं?
मंहगाई का क्या हाल है?
मजदूर गाँव जाकर क्यों नहीं लौट रहे?
कैसे जनगणना पर आ रही शुरूआती रिपोर्टस बता रही हैं कि आंकड़ों में खेल होगा?
आंकड़ों से छेड़छाड़ क्यों खतरनाक है?
इस खबर पर रहेगी नज़र.
India 7.7% GDP FY 2025-26
क्या है आपकी राय?
#cocroachjantaparty
क्यों मिला रहे हो 👉जबरदस्ती पेट्रोल में गन्ने का झूस नितिन गडकरी गाड़ियां कबाड़ बन रही है 🫵क्यों खून चूसने में लगे हो जनता का... अपने बेटे की बनी इथेनॉल फैक्ट्री को फायदा दिलाने के लिए क्यों 140 करोड़ लोगों की गाड़ियों को क्यों कबाड़ बना रहे हो 🫵
• पत्रकार: पेपर लीक के लिए धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ?
• यूपी के शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय: मंत्री जी (धमेंद्र प्रधान) का इस्तीफा क्यों हो? पेपर लीक के लिए मंत्री जी जिम्मेदार नहीं हैं.
ये नहीं चलेगा कि - दाढ़ी वाला मर्डर करे और मूंछ वाला पकड़ा जाए.
आर्थिक सुनामी आ रही है, @RahulGandhi बिल्कुल ठीक कह रहे हैं।
ज़िम्मेदार सिर्फ़ ईरान युद्ध नहीं है। वो तो तीन महीने पहले शुरू हुआ था। आर्थिक सुनामी के संकेत तो दो साल पहले से आने शुरू हो गए थे।
1. पिछले दो साल में डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 15% गिरा है।
2. मैनुफैक्चरिंग सेक्टर का GDP में शेयर गिर कर 1960 के दशक में पहुँच गया है, जब उद्योगीकरण देश में शुरू हो ही रहा था!
3. अंतरराष्ट्रीय व्यापार घाटा ऐतिहासिक ऊँचाई पर है। कभी इतना था ही नहीं।डॉलर की बढ़ती क़ीमत इसे और बढ़ाती जाएगी।
4. Foreign Portfolio Invester भारत से पैसा वापिस निकाल रहे हैं। पिछले साल 19 बिलियन डॉलर निकाले थे। इस साल के पाँच महीने में करीब 23 बिलियन डॉलर निकाल लिए हैं।
5. Net FDI अब करीब करीब शून्य है। पिछले साल से FDI गिर रही है। और पिछले छह महीने से गिरावट लगातार है।
6. मोदी राज के 12 साल में शुरुआती सैलरी stagnant है। wages रुकी हुई हैं। देश में मीडियन मजदूरी ₹12000 प्रति माह पर रुकी है। और इस बीच मनरेगा बंद हो रहा है।
7. महँगाई पर अब कोई कंट्रोल नहीं है।
8. भारत के कुल export का 48% सर्विस सेक्टर से है। यही वो सेक्टर है जिसपर AI का असर सबसे ज़्यादा होगा। उससे न केवल आर्थिक हालत पर असर होगा, बल्कि बेरोज़गारी भी बेतहाशा बढ़ेगी। मोदी सरकार के पास कोई हल नहीं है।
9. सस्ते क्रूड आयल के वक़्त में पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स लगा कर जो 44 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा मोदी सरकार ने कमाया है, उसका कोई फ़ायदा आज मुश्किल समय में जनता को नहीं दिया जा रहा है।
10. उस पर अमरीका ने हाथ बांध दिए हैं। भारत ईरान से तेल ख़रीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। अमरीका ने ऊर्जा सेक्टर, कृषि सेक्टर, डेटा पर और पूरे MSME सेक्टर पर जो ट्रेड डील का शिकंजा कसा है, उस पर मोदी सरकार सरेंडर की मुद्रा में है।
11. इस बीच देश पर कर्ज, 2014 में 55 लाख करोड़ रुपये था, मोदी राज में बढ़ कर 219 लाख करोड़ रुपये पहुंच रहा है!
13. मोदी सरकार के मित्र अर्थशास्त्री भी लिंकेज लगे हैं कि भारत की असली GDP वृद्धि 2-2.5 % कम है। बाक़ी आंकड़ों का खेल है, जिसे IMF आदि भी समझ चुके है। भारत की डेटा विश्वसनीयता को उसने C ग्रेड दिया है।
13. इस सब में दुनिया के और भारत के कॉर्पोरेट सेक्टर का भरोसा भारत सरकार की व्यवस्था से उठ चुका है। सब जानते हैं कि मित्र कॉर्पोरेट को सब कुछ सौंपने के लिए एजेंसियों, टेंडर प्रक्रियाओं का दुरुपयोग अब जग जाहिर है। पिछले एक महीने में ही FCI के 134 में से 110 टेंडर अदानी को मिलना, वेदांता पर ED रेड, राजेश एक्सपोर्ट का गड़बड़झाला, NTA/OSM में मित्र ठेकेदार, ये कॉर्पोरेट जगत से छुपा नहीं है। तो बतायें, क्यों इन्वेस्टमेंट नहीं गिरेगी? क्यों अर्थव्यवस्था नहीं बर्बाद होगी?
ये सब बर्बादियों के अफ़साने ईरान युद्ध से पहले ही लिखे जा चुके हैं। मोदी सरकार के पास कोई समाधान नहीं है, केवल जनता पर आर्थिक दबाव डालने के और लोगों से अपील करने के!
@kharge@INCIndia
2024 में NEET-UG पेपर लीक हुआ। इस केस के मुख्य आरोपी संजीव मुखिया को जमानत मिल गई।
2024 में UGC-NET परीक्षा का पेपर लीक हो गया था, परीक्षा रद्द कर दी गई थी। CBI ने किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार करते हुए क्लोजर रिपोर्ट लगा दी। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस क्लोजर रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण मांगा है।
पिछले 12 साल में जितने 80 90 पेपर लीक हुए हैं, उनमें किसी को सख्त सजा हुई हो, मुझे नहीं मालूम है।
मोदी सरकार बनने के बाद पहला स्कैम कौन सा था, याद है आपको??
फ़रवरी 2016 मे Ringing Bells नाम की कंपनी भारत का सबसे सस्ता स्मार्टफोन
फ्रीडम 251 लॉन्च करती है.
सरकार इसको अपने मेक इन इंडिया प्रोग्राम का हिस्सा बताती है.
सरकार के मन्त्री इसको प्रोमोट करते हैँ.
बुकिंग के लिए वेबसाइट ओपन होती है
7 करोड़ लोग ऑनलाइन पेमेंट करते हैँ.
24 घंटे बाद वेबसाइट क्रैश हो जाती है.
पता लगता है और बुकिंग नहीं होगी.
लोग डिलीवरी का इंतजार करते हैँ 6 महीने तक
बाद मे पता लगता है कोई फ़ोन नहीं आने वाला.
पब्लिक के 1757 करोड़ डूब जाते हैँ. मोहित गोयल पर कार्यवाही होती है, गिरफ्तार होता है
लेकिन 6 महीने बाद जमानत हो जाती है.
सवाल ये है कि ज़ब सरकार को पता था कोई फ़ोन 250 रूपये मे नहीं तैयार होता, उसके पार्ट्स तक नहीं आते, फिर इस कंपनी को मंज़ूरी दी किसने??
और किन किन मन्त्री लोगों का हिस्सा रहा होगा इस स्कैम मे??
आजतक ये बात रहस्य बनी हुईं है.
जागो जनता जागो.
ये सरकार नहीं स्कैम सरकार है.. 🙏
देश के अलग-अलग राज्यों में NEET पेपर लीक के खिलाफ शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और जाँच की मांग करते Gen Z के आंदोलन हुए।
लेकिन सरकारी और लिबरल, दोनों मीडिया खामोश रहा। चर्चा नहीं हुई।
सिर्फ़ इसलिए कि ये विपक्षी पार्टी कांग्रेस से सम्बद्ध छात्र संगठन NSUI से हैं?
कांग्रेस ने फ़िलहाल राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में संगठन व कार्यकर्ताओं को अहमियत दी है।पवन खेड़ा की आक्रामकता मीनाक्षी नटराजन की प्रतिबद्धता को तरजीह से फैसलों पर राहुल प्रभाव साफ़ दिखता है।खेड़ा को हेमंता विश्वसरमा का आभारी होना चाहिए जिन्होंने उनकी तपस्या को फलीभूत होने दिया।
कर्नाटक में SIR मुद्दे पर डीके शिवकुमार ने कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया।
बोले- SIR आपके दिमाग में रहना चाहिए।
घर-घर जाइए और लोगों के बीच काम कीजिए।
KPCC दफ्तर में सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने यह बात कही।
झारखंड की कांग्रेस कोटे की एक सीट के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दो बार और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खुद एक बार हेमंत सोरेन से बात की। हेमंत ने जवाब देने के लिए तीन दिन का समय मांगा। फिर कोई जवाब नहीं आया। कल कांग्रेस ने प्रणब झा को अपना उम्मीदवार बना दिया। आज JMM ने दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। मतलब हेमंत ने कांग्रेस नेतृत्व को आखिरी तक अंधेरे में रखा।
मुझे याद है जब दिल्ली मेरी मां शीला दीक्षित मुख्यमंत्री थी..! अगर कहीं किसी झुग्गी झोपड़ी में आग लग जाती थी तो सोनिया गांधी जी का अम्मा के पास तुरंत फोन आता था..!
शीला जी क्या हुआ जहां आग लगी है आप वहां पहुंची या नहीं.. खाने पीने के स्टाल लगे या नहीं.. मतलब छोटी छोटी घटनाओं का भी उन्हें दर्द होता था।
आज मुझे लगता है लोगों ने दूसरों का दर्द महसूस करना बंद कर दिया है।
-लतिका दीक्षित..शीला दीक्षित की बेटी