@Yashraajsharrma Agreed, that's why jupiter is considered akash tattva that means so broad and vishaal. Thinking about others need a broad mindset which can happen only with blessed jupiter in a birth chart.
कल ब्लिंकिट से कुछ ऑर्डर किया था। 50-55 साल के अंकल आए डिलीवरी देने। बातों ही बातों में इनका नाम पूछा! अंकल ने अपना नाम राकेश शर्मा बताया
बातचीत के दौरान मैंने पूछा कि इतनी उम्र में ये सब। अंकल ने शालीनता के साथ जो बोला वो दिल को छू गया, इन्होंने कहा कि
- डबल ड्यूटी करता हूँ। ये सब नहीं करूँगा तो बच्चों को पढ़ाऊँगा कैसे? सरकार के लिए हम सरकारी अछूत जैसे हैं। सरकार ना हमारे बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कालरशिप देती ना ही ऐसी कोई योजना है जिसका लाभ लेकर बच्चे पढ़ाई कर सकें। इसलिए मैं भी कमाता हूँ और बच्चा भी पढ़ाई के साथ जॉब करता है
मुझे आज तक नहीं समझ आया कि जब हर वर्ग-समाज यहाँ तक कि मुस्लिम-ईसाई-बौद्ध तक के बच्चों को सरकार स्कालरशिप देती है तो फिर सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों के लिए ये योजना क्यों नहीं?
It’s become trendy to blame "Babus," why do politicians ask for our trust and votes if they’re completely helpless or unwilling to bring about change?
We can’t let them hide behind Babus and Nehru 🔱
#UncomfortableTruth
अगर जनरल केटेगरी को नौकरियों से बाहर करना है, उनको कॉलेजों से बाहर करना है,
तो टैक्स भी उन्हीं से लो जिनको कॉलेज की सीट और नौकरी दे रहे हो!
जनरल वाले सिर्फ टैक्स देने के लिए और हिंदू एकता का झंडा उठाने के लिए नहीं बने!
सुनिए @ajeetbharti की दो टूक बात👇
यह शख्स जो अपने बच्चे के परीक्षा में रोके जाने पर बिलख रहा है वह बनारस के समाजवादी पार्टी नेता अमन यादव हैं। आरोप है कि फीस न जमा होने का हवाला देकर अमन के बेटे को परीक्षा देने से रोक दिया गया। अब वह डीएम और बीएसए ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं। यहां पर सभा अध्यक्ष @yadavakhilesh को मामले का संज्ञान लेना चाहिए।
2025 में मैंने बेहद करीब से यह सीखा है कि यह कलयुग एक जंगल है! जहां तुम्हारा शिकार करने के लिए चारों तरफ शिकारी घूम रहे हैं! जिंदा रहने के लिए पावर या पैसा दोनों में से किसी एक का रहना बहुत ज़रूरी होता! नहीं तो मिडिल क्लास के नाम पर तुम्हारा शिकार होता ही चला जाएगा!! @Live_Gyan
सरकार को इससे क्या लेना देना है,शिक्षा स्वास्थ्य सड़क पर बात कौन करेगा,राजनीति एक ख़तरनाक दौर से गुजर रही है।लोग केवल जी पा रहे हैं इस दौर में वो भी केवल चुप रहकर,बोलने पर प्रतिबंध है।शिक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था मूलभूत सुविधाएं हैं जिसमें सरकार विफल रही है।आओ गाल बजाएँ
जब खेला तो शान से खेला, कैंसर से लड़ा तो जान से लड़ा। अपने पिताजी की तरह कोई फालतू की बकलोली नहीं। न ही टीवी की कमेंट्री में दिखने और बड़ी-बड़ी फेंकने का शौक।
कोविड में जब सब खिलाड़ी रील बना रहे थे, तो अपना कैम्प लगाया और शुभमन गिल हों या अभिषेक शर्मा , प्रियांश आर्या हों या प्रभासिमरन सिंह सबकी आंखों में एक नया तूफान डाल दिया।
तूफान हमारे-आपके जीवन में बहुत लोग डालते हैं। एलकेजी से लेकर पीएचडी तक बहुत सारे टीचर हमारी ज़िंदगी में आते ही हैं। लेकिन याद वही रह जाता है, जो बताता है कि बेटा जी आपको मुश्क़िलों में घबराना नही है, जिस चीज़ को आप कठिन समझ रहे हैं, वो ऐसे नही वैसे ठीक हो जाएगी।
आज एशिया कप चल रहा है...और पिछले तीन मैच से जब-जब अभिषेक शर्मा को छक्का मारते हुए देखता हूँ, तब-तब अपने बचपन के हीरो युवराज सिंह पर गर्व होता है।
और दिल ये कहने को आता है कि किसी खिलाड़ी या किसी व्यक्ति की महानता सिर्फ कैरियर की ट्राफियों से नहीं मापी जाती।
असली महानता इस बात से होती है कि वो नई पीढ़ी के हाथों में क्या विरासत छोड़कर जा रहा है।
उसके रिकार्ड्स पुराने हो जाते हैं, टूट जाते हैं। लेकिन उसकी सीख नई पीढ़ी के साथ हमेशा जिंदा रहती है।
जिसने इस चीज को ज़िंदा किया है, असली लीजेंड वही है।
युवी पाजी लीजेंड हैं। 💥
अतुल
Every ticket is a slap on the face of the Pahalgam victims.
If you want to know why we were colonised for 1000 years, look no further. A whole county that will sell itself out for a few crores. We get what we deserve.