सच्ची श्रद्धा से किया गया माँ बगलामुखी का स्मरण जीवन में नई ऊर्जा और नई आशा का संचार करता है। माँ अपने भक्तों की हर प्रार्थना सुनती हैं और उन्हें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
SFI यानी वामपंथी गैंग!
यानी ये आंदोलन पूरी तरह से वामपंथ की विचारधारा से ओत-प्रोत है।
आजादी के ऐसे स्लोगन्स और वामपंथ की इस विचारधारा को देश कैसे स्वीकार कर सकता है?
Cockroach Janta Party founder Abhijeet Dipke tried to escape his own protest due to the heat, sunlight, and exhaustion.
The public stopped him and asked, “Where are you running away?”
Forced to get out of his car, Dipke’s great revolution ended before it could even leave the parking spot.
जंतर मंतर पर ये JNU वाले आज़ादी के नारे लग रहे हैं कुछ मुट्ठीभर लोग। वही पुराना मॉडस ऑपरेंडी है अराजकता का।
जो भी थोड़ी बहुत भीड़ दिख रही है वो लेफ्ट यूनियनों के छात्र हैं। कोकरोच गैंग के सरगना अभिजीत दीपके ने देश की धरती पर पैर रखते ही पहला फोन लेफ्ट की नेता बृंदा करात को लगाया।
स्पष्ट है ये मृतप्राय लेफ्ट पार्टियों और आ आ पार्टी का सामूहिक रिवाइवल का आखिरी प्रयास है ये।
मैंने पहले ही लिखा था कि अभिजीत दीपके को गिरफ्तार करके या परमिमिशन ना देकर विक्टिम
कार्ड लिए राजनै��िक शहादत देकर हीरो नहीं बनने दिया जाएगा।
ठीक वही हो रहा है।
ये आंदोलन मीडिया को गोदी मीडिया कहने और रीलबाज़ी तक ही सीमित होना है, हाँ एक बार जरूर अराजकता करने की कोशिश होगी जिसके लिए भारी पुलिस फोर्स तैनात है ही।
एक और बेहतरीन हैंडलिंग- सुरक्षा इनश्योर करने के लिए भारी फोर्स और Freedom of Speech की पिपनी बंद करने के लिए परमिशन देना।
स्वागत योग कदम।
रिपोर्टिंग ऐसे होती है, शानदार @sarkarprabhat28 जी!
बेचारे कॉकरोच ग़लत व्यक्ति के पल्ले पड़ गए। बेइज्जती हो गई। जवाब नहीं मिला तो 'गोदी मीडिया' कहने लगे।
कई कॉकरोच ही परेशान होकर साइड में चले गए हैं, क्योंकि प्रोट���स्ट को डफली गैंग ने हाईजैक कर लिया है।
यूसुफ पठान मूलतः गुजराती हैं। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी ने कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को बहरामपुर से हराने के लिए एक गुजराती मुस्लिम क्रिकेटर को टिकट दी। बहरामपुर मुस्लिम बहुल सीट है। ममता ने अधीर रंजन ��े खिलाफ डेडली कॉम्बिनेशन बनाया और कांग्रेस हार गई। यूसुफ पठान जीत गए। खबरों के अनुसार ममता बनर्जी अब विधानसभा नहीं संसद में जाना चाहती हैं। ताकि राष्ट्रीय राजनीति में उनकी आवाज़ सुनाई देती रहे। पर विधानसभा चुनाव नतीजों और पार्टी में फूट के बाद ममता किसी भी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ कर जीतने की स्थिति में नहीं हैं। बहरामपुर उन्हें सुरक्षित सीट लगती है। पर खबरों के अनुसार यूसुफ पठान ममता के ���िए सीट छोड़ने के लिए अब तक तैयार नहीं हुए हैं।
जय श्री राम के उद्घोष से गूंज गया जंतर मंतर।
कॉकरोच तीतर बितर होकर भागे।
वंदे मातरम और भारत माता की जय से गूंजा जंतर मंतर।
तमाम कट्टर सनातनी के पहुंचते ही भागे कॉकरोच।
ये बालिका कक्षा 9 की छात्रा है... हिन्दू है
इजराइल ईरान वार पर प्रोटेस्ट करने सड़क पर उतरी है....इनके कोचिंग टीचर पढ़ाई पर ध्यान देने की बजाय उसे और कई दूसरे छात्रों को विरोध-प्रदर्शनों में ले जा रहे हैं और उनके हाथों में तख्तियां (प्लेकार्ड) पकड़वा रहे हैं।
अंजना ओम कश्यप ने क्या गलत बोला था???
अंजना कश्य��� कोचिंग माफिया के बारे में सही कह रही थीं। कोई हैरानी नहीं कि इन माफियाओं और इनके ट्रोल आर्मी ने उन्हें गालियां देना शुरू कर दिया।