@AvvnlPro श्रीमान.. ग्रामीण क्षेत्रों मे ट्रांसफॉर्मर जल जाने पर AEN ऑफिस या गोदाम तक खराब को ले जाने और नया ट्रांसफॉर्मर लाकर लगाने की जिम्मेदारी किसकी होती है..?
A. उपभोक्ताओं की
B. डिस्कॉम कर्मचारियों की
@dineshdangi84 वर्तमान भीड़ तंत्र मे यह संभव नही है, भारत मे अभी लोकतंत्र परिपक्व नही हुआ। लोग अभी धर्म जाति पर वोट कर रहे है इसमें बदलाव आने मे दशकों लगेंगे।
@dineshdangi84 नैतिकता... वर्तमान में लुप्तप्राय है।
मेवाराम जैन का वीडियो सबने देखा... आशाराम, राम रहीम के कुकर्म सबके सामने है फिर भी लोग उन्हें पूज ही रहे है। तो ये कमीशन तो नॉर्मल बात है। जनता की खुद की नैतिकता मरी हुई है.. इन नेताओं को आंखें चुराने की आवश्यकता ही नहीं है।
@NeeruYadavJJN पानी की बर्बादी होगी...साथ ही महिलाओं पर इन्हें साफ करने का भार बढ़ेगा...क्योंकि गांव में कोई मजदूर तो बुलाएंगे नहीं इन्हें साफ करने के लिए.. पत्तल वगैरह के कारण शादी में थोड़ा बहुत फ्री हो पाती थी वो बंद हो जाएगा।
सामूहिक बर्तन पहले भी रखते थे लेकिन परिवर्तन हुआ, स्वीकार करो।
@HANUMANKISAN@DrPremBairwa परिचालक ( कंडक्टर) भर्ती में पद बढ़ाओ...
12 वर्ष बाद भर्ती आई..
1600 पद खाली..
सिर्फ 500 पदों पर विज्ञप्ति जारी..
ये पद ऊंट के मुंह में जीरा समान!
हे सरकार... बेरोजगारों की सुनो पुकार!
परिचालक भर्ती में पद वृद्धि करो।
आज चौथा दिन है। न तो मोहन यादव ने, ना @BJP4MP ने, न मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह स्पष्टीकरण दिया है कि:
१. क्या हिन्दूविरोधी DMK के सांसद (एवम् वकील) को 90% हिन्दुओं वाले राज्य, मध्यप्रदेश, का ₹5.5 लाख/पेशी मिलता रहेगा?
२. क्या 22/09/25 वाला वायरल शासकीय पत्र फेक है?
३. क्या कॉन्ग्रेस कालीन महाजन कमिटी की रिपोर्ट को सरकार अमान्य घोषित करेगी?
४. क्या मोहन यादव आनुपातिक आरक्षण के राजनैतिक अजेंडे के लिए, रिपोर्ट में प्रस्तुत ‘हत्यारा जातिवादी राम’ के तर्क को मौन स्वीकृति देंगे ताकि ओबीसी पर ‘ऐतिहासिक अत्याचार’ का संदर्भ बना रहे?
५. क्या मोहन यादव जानते हैं कि उनके कथनों से @BJP4Bihar में पैनिक की स्थिति बनी हुई है और सोशल मीडिया में कैम्पेन में ठहराव की स्थिति बन गई है?
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बिहार संबद्ध स्पेस/पोस्ट में लोग आरक्षण और ‘भाजपा रामद्रोही’ के नाम पर चर्चा कर रहे हैं। इन्हें पता नहीं है कि इस कारण बिहार चुनाव पर प्रभाव पड़ेगा?
डिजिटल चर्चा में न होने से धरातली प्रभाव शून्य नहीं हो जाता। भाजपा को यह लौट कर काटेगा। धमकी नहीं है क्योंकि सवर्णों की संख्या ही कितनी है! क्या उखाड़ लेंगे!
@kaankit तो चीन कौनसा तुम्हे गले लगाकर प्रेम करता आया है.. वो भी गले लगाकर छुरा घोंपा है.. अंधभक्त कहते है नेहरू जी ने चीन के साथ संबंध बनाने के चक्कर में नुकसान करवाया तो अब मोदी जी क्या कर रहे है जब इतने उदाहरण सामने है।
अमेरिका फिर भी भारत का साथ देगा ये निश्चित है, लेकिन चीन नहीं।
@kaankit समय तो बता चुका है.. जब राजनाथ जी ने चीन में पेन डाउन किया था... पहलगाम पर चीन की नीति सबकुछ दिखा चुकी है.. चीन भारत के पीठ में छुरा घोंपता आया था और यही करेगा। अमेरिका में हो सकता है ट्रंप संबंध बिगाड़े लेकिन वहां 4 साल बाद सरकार बदलती है और नीतिगत रूप से US भारत का सहयोगी है।