7.8% GDP growth? Jobs are weak, markets flat, private investment absent, FDI muted, capacity use below 80%. Add the energy crisis and rising import costs. Does 7.8% really pass the smell test? @PMOIndia@narendramodi
@BJP4India चुनाव उत्तर प्रदेश में है और ये औरा बनाने गुजरात गया है।
एक बार उत्तर प्रदेश भी बुला लो, सवर्णों की नाराज़गी भी सुन लो। UGC के भेदभा�� वाले नियम हों या SC-ST Act के कथित दुरुपयोग का मुद्दा, समानता और न्याय की बात हर वर्ग के लिए होनी चाहिए।
This system doesn't support talent. It doesn't value merit. If you raised voice then you will be behind bars in decrorian Modi(Sc-St) act. The only option is to leave the country.
Go where your talent is valued
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने SC/ST एक्ट के मुआवजे के पैसों के दुरूपयोग पर कड़ी टिप्पणी की है!
कोर्ट ने पाया कि एक व्यक्ति अलग अलग केस करके अबतक 23 लाख, 36 हज़ार रुपये सरकार से मुआवजे के तौर पे ले चुका है!
इतना ही नहीं, हिम्मत देखिए कि वो शिकायत भी लेकर गया कि उसको पूरे पैसे नहीं मिले!
अब भी किसी को कोई शक है कि इस एक्ट ल दुरुपयोग सिर्फ और सिर्फ पैसों के लिए हो रहा है??
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने SC/ST एक्ट के मुआवजे के पैसों के दुरूपयोग पर कड़ी टिप्पणी की है!
कोर्ट ने पाया कि एक व्यक्ति अलग अलग केस करके अबतक 23 लाख, 36 हज़ार रुपये सरकार से मुआवजे के तौर पे ले चुका है!
इतना ही नहीं, हिम्मत देखिए कि वो शिकायत भी लेकर गया कि उसको पूरे पैसे नहीं मिले!
अब भी किसी को कोई शक है कि इस एक्ट ल दुरुपयोग सिर्फ और सिर्फ पैसों के लिए हो रहा है??
प्रश्न:- कैसे बनाएंगे?
जवाब:- झूठे SC-ST act (मोदी एक्ट) से सवर्णों और ओबीसी को फंसाकर और आरक्षण के माध्यम स�� काबिल लोगों की नौकरी छीनकर उनका घर और देश बर्बाद करके।
In the last 5 years: 247,000 cases were filed under the SC/ST Act; only 20,210 cases ended in conviction; and as many as 34,300 were closed as false.
The Supreme Court, quick to flag the low conviction rate in UAPA cases, is mysteriously silent when it comes to the SC/ST act.
@Sadhvi_prachi ये भी बोली तो सवर्णों के विरोध में ही बोली।
सवर्णों के विरोध में बोल���े की खुली छूट है @BJP4India में अब।
सवर्ण @narendramodi का बंधुआ मजदूर नहीं है।
सवर्ण @BJP4India की रीड की हड्डी रहा है।
अपने भले के बारे में वो इस बार निर्णय लेगा।
आपका भी वहम उतर जाएगा।
Delhi: Advocate Shivam Gaur says, "The manner in which, in a two-month-old case, sections were increased and an arrest was made under political influence is highly unfortunate...How were fresh statements recorded in a case that is two months old? How were improvements made to the case as an afterthought, and how were additional sections added? This was done only to target Swatantra Bharadwaj..."
भीड़तंत्र में आपका स्वागत है।
JNU की दीवारों ��र ‘ब्राह्मण-बनिया भारत छोड़ो’ जैसे नारे लिखे जाते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
दिलीप मंडल सुवर को जनेऊ पहना देते हैं और मां सरस्वती पर अभद्र टिप्पणी करते हैं। आज उन्हें भारत सरकार में मीडिया सलाहकार बनाकर बैठाया गया है।
बिहार की सड़कों से लेकर जंतर-मंतर तक 'ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद' और ‘ब्राह्मणों तुम्हारी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए जाते हैं। ब्राह्मण बहन-बेटियों पर IAS से लेकर बिहार के कई लोग रोटी-बेटी के नाम पर ब्राह्मण बच्चियों के साथ दुराचार करना चाहते हैं। सरकार और प्रशासन सब मौन हैं।
सोशल मीडिया पर आए दिन देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक बातें कही जाती हैं, हम लोग पुलिस टैग करके परेशान हो जाते है कोई कार्रवाई नहीं होती। लेकिन दूसरी तरफ इन सबसे दुखी होकर कोई युवा गुस्से में किसी से मारपीट कर दे, तो तुरंत SC/ST एक्ट कानून लागू हो जाता है और नेता भी उसके खिलाफ खड़े हो जाते हैं।
हमारी बात सुनने वाला न तो सत्ता पक्ष का कोई नेता हैं और ना ही विपक्ष का। अब तो ऐसा लगने लगा है कि यह देश कानून से ज्यादा भीड़तंत्र और भेदभाव से चल रहा है।