नाम - सेवकराम बैगा ( ST )
सीरियल नंबर 86
असली जाति - धीवर ( OBC )
पिता - पंचराम धीवर ( OBC )
काम - बैगा जनजाति का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरी हड़पना।
सरकारी नौकरी में पद - रेंजर ( वन क्षेत्रपाल ), सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पदस्थ।
इस महाशय की जाति नौकरी हड़पने के टाइम बैगा ( ST ) हो जाती है, पर स्कूल के दाखिला खारिज, भू-राजस्व रिकॉर्ड और निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में सेवकराम, उसके भाइयों और पिता की जाति धीवर ( OBC ) दर्ज है। पर ये सेवकराम महाशय तो बैगा ( ST ) बनकर सरकारी नौकरी का लाभ उठा रहे हैं और सरकार को ठेंगा दिखा रहे हैं।
1)सेवकराम बैगा पिता पंचराम धीवर रेंजर---
सारंगढ़ वन परिक्षेत्र
2)राजकुमार बैगा पिता पंचराम धीवर( शिक्षक मृत्)
3) मनीराम पिता पंचराम धीवर पटवारी राजनांदगाव बर्खास्थ
4)शत्रुध्न बैगा पिता पंचराम धीवर वन रक्षक ग्राम राजक पोस्ट सुरही लोरमी मुंगेली
5)दुर्गेश बैगा पिता मनीराम सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला फूटाहामुड़ा मस्तूरी बिलासपुर
6)विजय कुमार बैगा राजकुमार धीवर सहा. शिक्षक बालक आश्रम कोटा सुकमा-
7)अश्वनी कुमार बैगा राजकुमार धीवर सहा. शिक्षक प्राथ शाला धोविपारा किलेपाल बास्तानार बस्तर-
8)अजय कुमार बैगा राजकुमार धीवर सहा. शिक्षक---बस्तर संभाग
9)सरजू कुमार बैगा संतोष धीवर सहा. शिक्षक प्राथ शाला धुरगडा सुकमा
10) अंजनी बैगा पिता सेवकराम (पति श्री राम धीवर ) सरपंच ग्राम पण्डरवा लछनपुर तहसील रतनपुर जिला बिलासपुर ( ST कोटा से)
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16 जून से स्कूल खुल रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि पढ़ाएगा कौन? प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 43 हजार शिक्षकों के पद खाली हैं। हालात ऐसे हैं कि हजारों स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं और दर्जनों स्कूलों में शिक्षक ही नहीं हैं। दूसरी ओर सरकार नई शिक्षा नीति, अंग्रेजी माध्यम और गुणवत्ता युक्त शिक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही है। विडंबना देखिए जिन स्वामी आत्मानंद स्कूलों को शिक्षा सुधार का मॉडल बताया गया वहां भी करीब 3 हजार पद रिक्त हैं। संविदा भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई, आवेदन मंगाए गए, मेरिट सूची बनी, लेकिन ऐन वक्त पर भर्ती रद्द कर दी गई। अब कहा जा रहा है कि परीक्षा लेकर भर्ती होगी जबकि उसकी समय-सीमा तक तय नहीं है।
जब शिक्षक ही नहीं होंगे तो स्मार्ट क्लास, नई नीति और गुणवत्ता की बातें कितनी सार्थक हैं? क्या बच्चों का भविष्य प्रशासनिक फैसलों और भर्ती प्रक्रियाओं की भेंट चढ़ता रहेगा? शिक्षा में सुधार भाषणों से नहीं कक्षाओं में शिक्षकों की मौजूदगी से आता है। अब जवाब सरकार को देना चाहिए।
हमारे क्षेत्र के लोगों ने तीन चार सालों से सहकारी बैंक खोलने की मांग कर रहे है। नेशनल हाईवे जाम किया था मगर सरकार ने तत्परता दिखाते हुए ग्राम चारभाठा राजनांदगांव में शराब दुकान खोल दिए इसी रास्ते से हाई स्कूल प्राइमरी स्कूल,हॉस्पिटल है।
#रायपुर@ChhattisgarhCMO@JayManikpuri2
ब्रेकिंग:-
क्रूड ऑयल 108$ प्रति बैरल से घटकर 87$ प्रति बैरल पर आ चुका है।
लेकिन तुम लोग देखते रहना, भारत में पेट्रोल के दाम कम नहीं होंगे,
अब तेल कंपनियों को मुनाफा पहुंचाया जाएगा।
दोस्तो की जेबें भरी जाएंगी
परेशान मत होइए,
जब क्रूड ऑयल फिर से 60$ प्रति बैरल आ जाएगा, तब भी पेट्रोल डीजल के प्राइस ऐसे ही रहेंगे,
इस लिए इन दामों को अपनी जेब में हमेशा के लिए जोड़ लीजिए।
क्योंकि ईरान अमेरिका युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई भी तो करनी पड़ेगी न।
सरकार चाहता था तो इनको विज्ञान भवन डीआरडो इसरो मुख्यालय भी घुमा सकता था मगर इनकी मस्ती तो देखो इनको ipl मैच दिखा रहे हैं।
नोट:- देश के भविष्य को आबाद करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार।
छत्तीसगढ़ सरकार ने एक ऐसा आदेश निकाला है कि अब राज्य के 10वीं-12वीं के छात्र आईपीएल-2026 के मैच फ्री में देख पाएंगे।
अरे चौंकिए मत वे छात्र जो अभी मैरिट स्थान से पास हुए हैं उनको फ्री में 10 मई को शहीद वीरनारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होने वाले आईपीएल के मैच दिखाए जाएंगे।
सरकार ने इसके लिए राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
स्टील महंगा आम जनता की जान सस्ती,
रायपुर बिलासपुर हाईवे पर स्टील क्रैश बैरियल
की जगह ₹ 1.43 करोड़ खर्च कर के बांस की
फेंसिंग लगाई जा रही है,
NHAI का तर्क स्टील महंगा,
मंत्री की सुरक्षा में करोड़ों खर्च करने
वाली सरकार के लिए आम जनता की जान की कोई कीमत नहीं।
@rpsinghraipur
ये आदमी पिछले 12 सालों में अपने घिसी पिटी बातों तक में कोई इनोवेशन नहीं ला सका है और तुम सोच रहे ये देश को इनोवेटिव बनाएगा।
इसको खुद शर्म नहीं आती क्या कि एक ही बात को कितनी बार दोहराएगा। कितना प्रिडिक्टेबल हो चुका है ये।