जबसे IAS तुकाराम मुंडे ने FDA के साथ मिलकर कई दुकानों को सील किया है तबसे वो हर आदमी की नजर में हीरो बन चुके हैं।
अब लोग उनकी डिमांड कर रहे हैं कि इस क्षेत्र में आइए, आप इस फलाने क्षेत्र में आइए लेकिन क्या ये संभव है?
एक ही तुकाराम मुंडे कहां कहां जाएगा?
भ्रष्टाचार हर जगह है, कमियां हर क्षेत्र में मौजूद हैं अब इनके जैसे ही अफसर हर जगह आ जाएं तो लगभग सभी लोग लाइन पर आ जाएंगे।
एक इंफ्लूएंसर अनमोल गर्ग ने तो इनकी डिमांड श्रम विभाग में कर डाली कि, "अगर वो आ जाएं तो 90% कॉर्पोरेट कंपनियां बंद हो जाएंगी।"
उन शैतानों, राक्षसों से तो, अच्छे वही लोग हैं जिन्हें दुनिया की नजरों में विलेन बनाया गया ।
कम से कम यह लोग जो करते हैं उसकी सच्चाई सामने दिखता तो है।
#Epstein#EpsteinFiles
की तरह नहीं।
मैंने सौरभ द्विवेदी की कई मौकों पर आलोचना की है मगर एक बात तो सत्य है कि
Digital News जैसी भी कोई चीज़ होती है यह The Lallantop ने बताया, सौरभ द्विवेदी ने The Lallantop को अपनी बदौलत बनाया,
अधिकांश लोगों को आज तक लगता था कि
The Lallantop सौरभ द्विवेदी का ख़ुद का चैनल है, जबकि यह India Today Group का चैनल है।
अब सौरभ द्विवेदी The Lallantop से जा चुके हैं, यदि वो किसी और दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाएंगे तो दर्शक उन्हें वहां देखने में जल्दी तो सहज नहीं हो पाएंगे।
जब एक इंसान खून पसीने से सींचकर किसी संस्थान को खड़ा करता है उसके बाद वहां से एक दिन चला जाता है तो
यह क्षण बहुत ही भावुक होता है फिर भले ही वह व्यक्ति ऊपर से कितना भी मज़बूत होने का दिखावा करे।
🚨सभी यात्रियों,छात्रों और आम नागरिकों से ज़ोरदार अपील 🚨
आज पूरे दिन एक ही आवाज़ में ट्वीट करें, रीट्वीट करें, शेयर करें।
हैशटैग #TatkalTicketBooking को Trend No. 1 तक पहुँचाना है।
यह सिर्फ टिकट की लड़ाई नहीं,
यह आम आदमी के समय, पैसे और सम्मान की लड़ाई है।
अपने ट्वीट में ये मुद्दे ज़रूर लिखें 👇
▪️ OTP नहीं आता
▪️ Refund महीनों तक अटका
▪️ टिकट में चोरी और धांधली
▪️ Waiting में “Convenience Fee” के नाम पर लूट
▪️ ट्रेनें घंटों लेट
▪️ ट्रेनों की भारी कमी
▪️ Software से Tatkal booking
▪️ Counter पर खुलेआम Black Marketing
▪️ Telegram पर Ticket Selling के नाम पर Fraud
सबसे बड़ा खेल 👇 (इसे ज़रूर लिखें)
• ठीक 10:00 AM और 11:00 AM
• Transaction Error
• Auto Logout
• Unable to Process Request
• Transaction Dropped
हर दिन वही समय, वही एरर — ये तकनीकी खराबी नहीं, सिस्टम की सेटिंग है।
एजेंटों को टिकट मिल जाता है,
आम यात्री को सिर्फ Error Message।
आज अगर नहीं बोले, तो कल Tatkal सिर्फ दलालों का होगा।
टैग करें 👇
@KHURAPATT@UpscScreenshots@khurpenchh@Khurpench_@YTKDIndia
आरंभ हो चुका है। अब रुकना नहीं है। प्रचंड आप सब करेंगे।
🔥 #TatkalTicketBooking 🔥
🔥 खुरपेंच की सीधी मांग @IRCTCofficial और @RailMinIndia से 🔥
अब जनता Delay नहीं, Accountability मांगेगी 👇
1️⃣ 3 घंटे से ज़्यादा लेट = पूरा रिफंड।
2️⃣ मुआवज़े में अगली यात्रा का फ्री कन्फर्म टिकट।
3️⃣ देरी की जानकारी 4 घंटे पहले देना ज़रूरी।
4️⃣ समय पर पहुँचे यात्रियों को वैकल्पिक बस/टैक्सी व्यवस्था।
5️⃣ हर महीने रेल देरी की रिपोर्ट पब्लिक हो।
6️⃣ कन्फर्म टिकट न मिलने पर नुकसान का क्लेम पक्का।
7️⃣ हर शिकायत का जवाब 24 घंटे में और ट्रैकिंग नंबर के साथ।
रेल सिर्फ ट्रैक पर नहीं, जवाबदेही पर भी चलेगी।
#YehThikKarKeDikhao
मुख्यमंत्री आवास पास में है, ऐसे प्राइम लोकेशन में मात्र ₹10 लाख में ग़रीब परिवारों को 72 फ़्लैट दिए गए।
ऐसी चीजें सिर्फ़ योगी आदित्यनाथ ही करके दिखा सकते हैं।
ये कभी मुख़्तार अंसारी की संपत्ति थी, किसी की हिम्मत नहीं थी छूने की। ये है बुलडोजर का कमाल!
आज हर कोई दो सिम रखता है — एक इंटरनेट के लिए , दूसरा सिर्फ जरूरत पड़ने पर कॉल के लिए।
लेकिन उस दूसरे सिम को चालू रखने के लिए भी हर महीने ₹200-₹300 का रिचार्ज ठोकना पड़ता है।
ना इंटरनेट चाहिए , ना रोज बात करनी फिर भी लूट जारी है।
Jio , Airtel , Vi सबने मिलकर जनता को निचोड़ने का धंधा बना लिया है।
हर जगह “अनलिमिटेड” का झांसा लेकिन कोई सस्ता प्लान नहीं।
TRAI बस सो रहा है या शायद कंपनियों की जेब में बैठा है।
गरीब और मिडिल क्लास लोग जो अपने घरवालों, बुजुर्गों या काम के लिए दूसरा नंबर रखते हैं , उनसे जबरदस्ती पैसा वसूला जा रहा है।
सवाल सीधा है — जब इंटरनेट नहीं चाहिए, तो क्यों महंगा रिचार्ज कराओगे?
क्यों नहीं ₹50-₹100 का सस्ता प्लान लाते, जिसमें बस 100-200 मिनट कॉल और थोड़ा SMS हो?
हर चीज महंगी, अब बात करना भी लग्जरी हो गया है। TRAI और कंपनियां मिलकर गरीब का खून चूस रही हैं।
अब जनता बोलेगी सस्ता प्लान दो , वरना बंद करो ये लूट।
जुलाई में, IPO से सिर्फ 3 महीने पहले,
पियूष बंसल ने 200 करोड़ का लोन लिया।
ना कोई नई दुकान खोलने के लिए,
ना कोई नई तकनीक लाने के लिए…
बल्कि Lenskart के ही शेयर खरीदने के लिए, उस समय कंपनी की वैल्यू थी ₹8,500 करोड़।
अब नवंबर में,
उन्हीं शेयरों को पब्लिक को बेचा जा रहा है
₹70,000 करोड़ की वैल्यू पर। 😳
और बंसल साहब?
लगभग ₹850 करोड़ कैश आउट करने वाले हैं।
इन 3 महीनों में क्या बदला?
ना कोई बड़ा प्रॉफिट आया,
ना कोई धांसू नई ग्रोथ,
ना कोई गेम-चेंजर प्रोडक्ट।
लेकिन वैल्यूएशन?
8 गुना बढ़ गया।
बस ऐसे ही।
ये बिजनेस स्ट्रेटजी है या परफेक्ट टाइमिंग?
या फिर… कुछ और? 🤔
शायद अब समय आ गया है
चश्मा पहनने का नहीं,
चश्मे के पीछे की तस्वीर देखने का। 👁️
यहीं हुनर तो लाना है बस अपने अंदर।