‘टॉक्सिक’ के टीज़र से लाउड एक्शन और हाइपर-स्टाइलाइज्ड विजुअल्स, फाइट सीक्वेंस दिख रहे थे, लेकिन ट्रेलर से थोड़ा रिवील हुआ है, अब फ़िल्म की एक्चुअल स्टोरी क्या है वो तो जब देखेंगे, तब समझ में आएगा! हाँ, यह अवश्य है कि trailer लोगों को हॉल तक तो पहुँचा देगा।
संभवतः बाप और बेटे के बीच के ‘TOXIC’ रिलेशंस को ले कर पटकथा लिखी गई हो। सर्कस है, जोकर है और बीच में लड़की, गोली, चाकू-गड़ासा चल रहे हैं। मुझे युवा यश अधिक अच्छा लगा जो बेटे का पात्र कर रहा है, फ्रेश लुक है।
This is my last tweet on #LockUpp I swear. I know it’s irritating for you guys lol
The concept of the show was redemption & the winner of the show came with the tag ‘Batameez’
She outed someone’s sexual orientation, held food as ransom, made fun of a contestants financial struggles & mocked people’s relationships outside of the show
F*ck redemption: this reality show set the standard that you can go to the lowest of lows to win & we’ll celebrate you!
Dainik Bhaskar journalist went undercover as a laborer in a flour mill in UP and exposed a rotten system that's playing with people's health.
Operators in mills across Agra, Firozabad are mixing stone powder from Rajasthan into atta, increasing their earnings by 70–80 paise per kg i.e. 7k-8k extra per day. These adulterated flour, sold under brands like Maharaja Bhog Atta, is even reaching school mid-day meals. These calcium carbonate can clog intestines and damage the liver and kidneys.
Being in the D2C industry, I'm aware of many brands who do these kinds of things just to save margins and make more money. We keep calling them out, but this looks much bigger.
Government and FSSAI need to act and take control. Consumer health should never be compromised for profit.
All our lives we’ve been told, “Stand up for your rights. Have the courage to speak up.”
Today, when students finally found that courage and stood up for something as fundamental as their right to a fair education, they’re being called “stupid,” “political,” “kids,” “fools,” and worse.
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
‘हवा में उड़ते हुए’ सड़क परिवहन मंत्री का इंटरव्यू
सवाल : आपने जो आम दिए हैं वे खट्टा है।
जवाब : आप इमली की बात मत कीजिए।
इथेनॉल के मुद्दे पर नितिन गडकरी के इस इंटरव्यू का एक पंक्ति में सा सार यही है।
पूरा इंटरव्यू सुन लीजिए। अगर आप अपना माथा नहीं पकड़ लेंगे तो फिर कहिएगा!
मेघा ने माइलेज के मुद्दे पर पहले सवाल से ही घेरा। अपनी गाड़ी की माइलेज का भी उदाहरण दिया। पर गडकर ने कहा, माइलेज मापने की मशीन घर में नहीं होती, डीलर से जांच कराइए! दिक़्क़त हो तो कंज़्यूमर कोर्ट जाइए!
मतलब कुछ भी!
माइलेज बताने का मीटर घर में नहीं होता पर हर गाड़ी में तो होता ही है। इसको नकार दिया गडकरी ने!
कार कंपनियों के लिए ये बहुत ही आपत्तिजनक बात है कि दशकों से हर कार के साथ बनाए गए उनके माइल-मीटर पर गडकरी ने सवाल उठा दिया है!
पर शायद कार कंपनियाँ गडकरी की इस बात के ख़िलाफ़ फिर भी ना बोलें! संभवतः कोई डर या दबाव होगा! नहीं तो कार कंपनियों को सामने आकर स्वीकारने चाहिए कि कार में फिट माइल-मीटर धोखा है!
बात इतनी भर नहीं है।
क़रीब आधे घंटे के इस इंटरव्यू में गडकरी ने किसी सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया है। गोल गोल घुमाया है। ज़्यादा कुरेदने पर अपरोक्ष रूप से FIR और परोक्ष रूप से Defamation केस तक की धमकी दी है!
सवाल पूछा जा रहा है E10 वाली गाड़ियों में E20 डाले जाने की और जवाब दे रहे हैं 100% इथेनॉल या पेट्रोल से चलने वाले फ़्लेक्सी फ़्यूल इंजन की!
इथेनॉल के बाद भी पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं हुआ?
जवाब : आयं बाएँ साएं
जब एक सवाल का जवाब न सूझा तो पेट्रोलियम मिनिस्ट्री पर बात टाल दी!
इस पूरे इंटरव्यू पर एर रिसर्च पेपर लिखा जा सकता है। रिसर्च पेपर इस बात पर कि जब तर्क और तथ्य न पेश कर पा रहे हों तो अपनी ज़िद को सही साबित करने के लिए इंटरव्यू नहीं देना चाहिए।
बहुत लंबा लिखा जा सकता है। लेकिन निचोड़ ये कि अगर प्रधानमंत्री @narendramodi अपने मंत्री @nitin_gadkari की इन तमाम बातों को सुनने के बाद भी इन पर समुचित ‘नीतिगत’ कार्रवाई नहीं करते हैं तो फिर समझ लीजिए कि ईश्वर नहीं, अब इथेनॉल ही सबका मालिक है 🙏
और अंत में @MeghaSPrasad के लिए एक शब्द
Superb 🙌
Video Credit @ABPNews YT