आज विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर जनपद की जनसमस्याओं एवं विकास संबंधी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। जनहित से जुड़े सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए उनके प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान हेतु आश्वस्त किया।
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On 10.04.2026, the SIR Final Roll 2026 was published, and a meeting was held with the recognized political parties, during which the final electoral roll was provided to them in both hard and soft copies. @ECISVEEP@ceoup
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान विकासखंड दोहरीघाट में एईआरओ द्वारा की जा रही सुनवाईयों का आकस्मिक निरीक्षण कर संबंधित लोगों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
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कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश
(प्रेस नोट)
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की तिथियां संशोधित की गई
मतदाता सूची में दावे एवं आपत्तियां 6 मार्च, 2026 तक ली जाएंगी
नोटिस की सुनवाई तथा दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण 27 मार्च, 2026 तक होगा
उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का अन्तिम प्रकाशन 10 अप्रैल, 2026 को होगा
लखनऊ, 06 फरवरी 2026
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2026 के आधार पर प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की घोषित तिथियों में संशोधन करते हुए नई तिथियां जारी कर दी गई हैं।
उत्तर प्रदेश में 27 अक्टूबर, 2025 से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रारम्भ किया गया था। सबसे पहले 4 नवंबर, 2025 से गणना चरण प्रारम्भ हुआ और 6 जनवरी, 2026 को आलेख्य मतदाता सूची प्रकाशित हुई। 6 जनवरी, 2026 से 6 फरवरी, 2026 तक दावे और आपत्तियां जमा किये जाने हेतु एक महीने का समय रखा गया था, जिसमें मतदाता आवश्यकता अनुसार फॉर्म 6, 7 अथवा 8 भर कर जमा कर सकते थे।
27 अक्टूबर, 2025 से 6 जनवरी, 2026 तक प्रदेश में लगभग 16 लाख 18 हजार से अधिक फॉर्म 6 तथा 49 हजार 399 फॉर्म 7 प्राप्त हुए थे। वहीं 6 जनवरी, 2026 से 4 फरवरी, 2026 तक मतदाता सूची में नाम सम्मिलित किये जाने हेतु लगभग 37 लाख 80 हजार फॉर्म 6 प्राप्त हुए हैं तथा मतदाता सूची से नाम विलोपित किये जाने हेतु 82 हजार 684 फार्म 7 प्राप्त हुए हैं। ओवरसीज इलेक्टर्स हेतु 1073 आवेदन प्राप्त हुए हैं। 5 फरवरी, 2026 को एक ही दिन में 3 लाख 51 हजार 745 फॉर्म 6 प्राप्त हुए हैं, जो एक दिन में प्राप्त फार्म 6 की सर्वाधिक संख्या है। फार्म 6 प्राप्त होने की गति अभी भी बढ़ रही है और बड़ी संख्या में आलेख्य मतदाता सूची में सम्मिलित न हो पाने वाले पात्र नागरिकों द्वारा फार्म 6 भरकर जमा किये जा रहे हैं।
27 जनवरी, 2026 को राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई, बैठक में समस्त प्रतिनिधियों द्वारा दावा एवं आपत्ति तथा नोटिस सुनवाई अवधि को बढ़ाने का अनुरोध किया गया था, जिसके क्रम में भारत निर्वाचन आयोग से उक्त गतिविधियों हेतु समय बढ़ाने हेतु अनुरोध किया गया था।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दावा एवं आपत्ति जमा किये जाने की अंतिम तिथि, जो पहले 6 फरवरी, 2026 थी, उसे बढ़ाकर 6 मार्च, 2026 कर दिया गया है। इसी प्रकार, नोटिस जारी करने और सुनवाई पूरी करने की अंतिम तिथि, जो पहले 27 फरवरी, 2026 थी, उसे बढ़ाकर 27 मार्च, 2026 कर दिया गया है। अंतिम मतदाता सूची अब 10 अप्रैल, 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
आलेख्य मतदाता सूची में नाम सम्मिलित होने के बावजूद 1 करोड़ 4 लाख ऐसे मतदाता थे, जिनकी वर्ष 2003 की अतिंम मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हुई थी। इसके अलावा, 2 करोड़ 22 लाख ऐसे मतदाता थे, जिनकी मैपिंग में तार्किक विसंगतियां थीं। कुल मिलाकर, 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने थे। अब तक कुल 2 करोड़ 37 लाख नोटिस जारी किये जा चुके हैंं, जिसमें से 86 लाख 27 हजार नोटिसें बीएलओ द्वारा मतदाताओं को उपलब्ध कराये जा चुके हैं। अबतक 30 लाख 30 हजार मतदाताओं की सुनवाई भी की जा चुकी हैं।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के प्रारम्भ में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) तथा 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) नियुक्त थे। परन्तु अब 6948 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति के साथ कुल 8990 एईआरओ एवं 403 ईआरओ सहित कुल 9393 अधिकारियों द्वारा मतदाताओं को नोटिस जारी कर सुनवाई की जा रही है। नोटिस प्रक्रिया की सुनवाई को अधिक सुगम और त्वरित करने के उद्देश्य से शीघ्र ही और अधिक अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने फॉर्म 7 के बारे में बताया कि यह किसी व्यक्ति का नाम हटाने या किसी के दावे पर आपत्ति करने के लिए भरा जाता है। आपत्तिकर्ता को फार्म 7 भरते समय अपना नाम, वोटर आईडी कार्ड नंबर, जिस व्यक्ति के विरूद्ध आपत्ति की जा रही है उसका नाम और आपत्ति का कारण बताना होता है। फॉर्म 7 को बड़ी संख्या में (बल्क में) स्वीकार नहीं किया जाता है। राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट फॉर्म 7 एक दिन में अधिकतम 10 जमा कर सकते हैं, साथ ही उन्हें अंडरटेकिंग भी देनी होगी। फॉर्म 7 प्राप्त होने पर, ईआरओ द्वारा आपत्तिकर्ता और जिस व्यक्ति के खिलाफ आपत्ति की गई है, दोनों को नोटिस भेजा जाता है। नोटिस प्राप्त होने के बाद सुनवाई होती है, जिसमें साक्ष्य प्रस्तुत किए जाते हैं, और उसके बाद ईआरओ द्वारा नियमानुसार निर्णय लिया जाता है। किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना पूरी जांच के नहीं काटा जाएगा। आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन 6 जनवरी, 2026 से 4 फरवरी, 2026 तक बूथ लेवल एजेंटों के माध्यम से कुल 37 हजार 789 फार्म 6 तथा 1567 फॉर्म 7 प्राप्त हुए हैं।
सभी मतदाता आलेख्य मतदाता सूची को भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर देख सकते हैं। सभी राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को भी यह सूची दी गई है। मतदाताओं की सुविधा हेतु समस्त मतदान केन्द्रों पर मतदाता सहायता केन्द्र स्थापित करने के निर्देश दिये गये हैं। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) प्रति कार्य दिवस पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे मध्याह्न तक मतदान केन्द्रों पर उपलब्ध रहेंगे। बीएलओ के पास पिछले एसआईआर (वर्ष 2003) की अंतिम मतदाता सूची, दिनांक 6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची के साथ ही अनुपस्थित, स्थानान्तरित, मृतक, दोहरी प्रविष्टि तथा गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर न करने वाले मतदाताओं (एएसडीडीआर) की सूची भी उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक बीएलओ के पास 50-50 की संख्या में फार्म 6, 7 एवं 8 तथा घोषणा पत्र की प्रतियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा पात्र नागरिकों से अनुरोध किया गया कि वे अभी भी अपना नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करा सकते हैं, खासकर महिलाएं और युवा। उनके द्वारा फॉर्म 6 भरते समय कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां भी बरतने की सलाह दी गई जैसे, नाम की स्पेलिंग (हिंदी और अंग्रेजी दोनों में) सही होनी चाहिए, आधार कार्ड से मेल खानी चाहिए, पता स्पष्ट और पूरा होना चहिए और मोबाइल नंबर भी अवश्य देना चाहिए ताकि मतदाता पहचान पत्र आसानी से डाउनलोड किया जा सके।
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विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में आज मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मा.भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों से अवगत कराते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
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मा० प्रेक्षक श्री सिद्धार्थ जैन, आईएएस (संयुक्त सचिव, सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार) की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में सहभागिता की गई। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं ईआरओ के साथ महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
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विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के विशेष अभियान के दौरान आज 356-विधानसभा क्षेत्र मऊ के मतदान केंद्र कंपोजिट विद्यालय ख्वाजाजहांपुर स्थित बूथों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
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16 वॉं राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 में अहर्ता आयु प्राप्त कर प्रथम बार मतदाता बने मतदाताओं को जनपद स्तरीय समारोह में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा मतदाता पहचान पत्र वितरित किए गए।
साथ ही मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 में संबंधित कार्य में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य के लिए 10 बी0एल0ओ0 और 2 सुपरवाईज़र को जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया।
फ़ॉर्म 6 भरते समय जन्मतिथि एवं आवासीय पते के साक्ष्य के रूप में आधार कार्ड मान्य है। जन्मतिथि के साक्ष्य के रूप में आधार कार्ड के अलावा भी पाँच अन्य विकल्प उपलब्ध है जिनमें से भी कोई एक दस्तावेज़ साक्ष्य के रूप में मान्य होगा इसी प्रकार आवासीय पते के साक्ष्य के रूप में आधार कार्ड के अलावा छह अन्य विकल्प उपलब्ध है जिनमें से भी कोई एक दस्तावेज़ी साक्ष्य के रूप में मान्य होगा। इन सारे दस्तावेज़ी विकल्पों की लिस्ट फ़ार्म 6 में ही दी गई है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण यानी SIR में फ़ॉर्म 6 भरते समय नयी बात यह है कि फ़ॉर्म 6 के साथ एक घोषणा पत्र भी देना है जिसमें आवेदक को विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2003 की अंतिम मतदाता सूची में स्वयं का अथवा स्वयं के माता पिता दादा दादी नाना नानी में से किसी एक व्यक्ति का नाम खोज कर उसकी सूचना घोषणा पत्र में भरनी है। यदि आप यह कर लेते हैं तो फिर बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज़ी साक्ष्य के आपका नाम मतदाता सूची में जुड़ जाएगा।
यदि फ़ॉर्म 6 भरते समय आवेदक घोषणा पत्र में 2003 की अंतिम मतदाता सूची में से स्वयं का अथवा अपने माता पिता दादा दादी नाना नानी में से किसी एक व्यक्ति का भी नाम नहीं खोज पाता है तो आवेदक को ERO द्वारा एक नोटिस दिया जाएगा। नोटिस का प्रारूप वही होगा जो कि गणना चरण के दौरान गणना फ़ार्म में स्वयं का अथवा अपने माता पिता दादा दादी नाना नानी में से किसी एक व्यक्ति का भी नाम नहीं दर्ज करने वाले मतदाताओं को दिया जा रहा है और नोटिस पर दिए गए दस्तावेजों की सूची में से आवेदक को दस्तावेज़ी साक्ष्य देना होगा। दस्तावेज़ी साक्ष्य देने पर आवेदक का नाम मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा।
मतदाता के वोटर ID कार्ड (EPIC) के साथ उसका मोबाइल नंबर जोड़ना बहुत ही आसान है और घर बैठे ही मिनटों में इस काम को किया जा सकता है। वोटर ID कार्ड के साथ मोबाइल नंबर जोड़ने के निम्नलिखित फ़ायदे हैं।
१. अगर आप फ़ॉर्म 6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं और फ़ॉर्म 6 भरते समय आपने फ़ॉर्म में अपना मोबाइल नंबर भरा है तो आपका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ते ही (लगभग दस पंद्रह दिन में) अपना e-EPIC (वोटर ID कार्ड) डाउनलोड कर सकते हैं। प्रिंटेड वोटर ID कार्ड डाक विभाग के माध्यम से आपके आवासीय पते पर भेजा जाता है जिसमें कई बार समय लग जाता है।
२. जब जब आप ज़रूरत समझें तब तब और जितनी बार चाहे उतनी बार अपना e-EPIC घर बैठे ही डाउनलोड कर सकते हैं।
३. वोटर लिस्ट तथा वोटर ID कार्ड ( EPIC) में आपके विवरण में विद्यमान् त्रुटियों को घर बैठे ही ऑनलाइन फ़ॉर्म 8 भरकर त्रुटियों को ठीक करने के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
४. ECINET mobile ऐप तथा https://t.co/oc9BoIIa7R website पर voter ID से जुड़ा मोबाइल नंबर डालकर अथवा वोटर आयी कार्ड पर बने QR कोड को स्कैन कर जब चाहें तब कुछ ही सेकेंडों में अपना पोलिंग स्टेशन नंबर और मतदाता सूची में अपना क्रमांक तुरंत ज्ञात कर सकते हैं।
वोटर ID कार्ड के साथ मोबाइल नंबर जोड़ने की प्रक्रिया संलग्न चित्रों से स्पष्ट हो जाएगी। यह प्रक्रिया चंद मिनटों में पूरी की जा सकती है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही सैकंडों में मोबाइल नंबर आपके वोटर ID कार्ड से जुड़ जाता है।
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आज शाम 5 बजे तक उत्तर प्रदेश के प्रत्येक पोलिंग बूथ पर BLO ड्राफ्ट मतदाता सूची के साथ उपस्थित है।उसके पास पर्याप्त संख्या में फ़ॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र भी उपलब्ध है। सभी उत्तर प्रदेश वासियों से आग्रह है कि आज अपने अपने बूथ पर जाकर उपलब्ध ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम जाँच लें और यदि आपका नाम उसमें नहीं है फ़ॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र भरकर BLO को दे दें जिससे अंतिम मतदाता सूची में आपका नाम अवश्य आ जाए। यदि ड्रॉफ्ट मतदाता सूची में आपका नाम है परंतु आपके विवरण में त्रुटियां है तो फ़ॉर्म 8 भरकर BLO को दे दें जिससे वो त्रुटियां ठीक हो जाएं।
उत्तर प्रदेश विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) 2026
“बुक-ए-कॉल विद बीएलओ”
👉भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
· बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा के माध्यम से कोई भी मतदाता अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से सीधे बात करने के लिए फोन कॉल बुक कर सकता है।
· यह सेवा मतदाता सूची/विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता प्राप्त करने के लिए उपयोगी है।
· भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल https://t.co/CcvJiIz3H0 तथा ECINET ऐप पर अपने मोबाइल नम्बर के माध्यम से लॉग-इन करें, यदि आपका नम्बर पोर्टल पर रजिस्टर नहीं है, तो पहले Sign UP करें।
· मोबाइल नम्बर, ओटीपी एवं अपना नाम भरकर रजिस्टर करें।
· रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर, ओटीपी भरकर लॉग-इन करके बुक-ए-कॉल विद बीएलओ ऑप्शन पर जाएं, जिसमें EPIC नम्बर/रिफरेन्स नम्बर/अन्य का ऑप्शन दिखेगा।
· EPIC नम्बर/रिफरेन्स नम्बर भरकर सर्च करने पर आपका नाम, मतदेय स्थल का नाम तथा आपके क्षेत्र से सम्बन्धित बीएलओ के नाम आदि की जानकारी मिल जायेगी।
· मोबाइल नम्बर एवं ओटीपी भरकर रिक्वेस्ट कॉल बैक ऑप्शन पर आपके बीएलओ के साथ कॉल बुक हो जायेगी।
· 48 घंटे के अंदर बीएलओ आपसे फोन पर सम्पर्क करेंगे।
· यदि EPIC नंबर उपलब्ध नहीं है, तो अपने राज्य, जनपद, विधानसभा क्षेत्र एंव बूथ की जानकारी भरकर इस सुविधा का लाभ लिया जा सकता है।
· विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से संबंधित जानकारी के लिए बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा के माध्यम से अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक करें।
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