🔥 BHU में जातिवाद का खुलासा!
प्रोफेसर शोभना नार्लीकर (BHU) ने खुलकर बता दिया -
BHU में जाति पूछकर नंबर दिए जाते हैं... जाति देखकर PhD में एडमिशन दिए जाते हैं... नौकरी भी जाति के आधार पर दी जाती है!
ये कोई आम आरोप नहीं, BHU जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर का बयान है।
शोभना जी के अनुसार -
ये है असली चेहरा "हिंदू विश्वविद्यालय" का!
जहाँ मेरिट नहीं, मनुवादी जातिवाद चलता है।
ब्राह्मण संस्कृति में पिछड़े, दलित, ओबीसी को कुचलने की साजिश रची जाती है। PhD, जॉब, नंबर - सब जाति के चश्मे से देखा जाता है।
कितने और सबूत चाहिए बहुजन समाज को?
जब संस्थान खुद जहर उगल रहे हैं तो संविधान बचाओ, मनुवाद हटाओ का नारा और तेज करना होगा।
धन्यवाद प्रोफेसर शोभना नार्लीकर जी सच्चाई बोलने के लिए।
#BanarasHinduUniversity #BHU #ShobhnaNarlikar #Jatiwad #Manuvad #Bahujan #Ambedkarite #CasteCensus #BrahminismExposed
आंकड़े बताते हैं कि 40.8% भारत के लोग झुग्गी झोपड़ियों में रहते हैं. इसमें ज़्यादातर लोग एससी एसटी और ओबीसी समाज से होते हैं. यहां रिहायशी इलाका भी जातिवाद के आधार पर बटा होता है.
- डॉ. विक्रम, इलाहाबाद विश्वविद्यालय
देश की सबसे बड़ी खबर होनी चाहिए. लेकिन OBC SC ST खुद बेखबर हैं.
हाई कोर्ट के 4 सिटींग चीफ जस्टिस और एक सीनियर एडवोकेट को कोलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट में जज बना दिया.
1990 में जब OBC SC ST ने विधायिका और कार्यपालिका यानी पार्लियामेंट और सरकार पर आधिपत्य स्थापित बनाना शुरू किया,
1993 में सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कोलेजियम सिस्टम की स्थापना की, जिसमें जज ही जजों को चुनते हैं.
भारत में हर दूसरा नागरिक OBC है, हर तीसरा नागरिक SC-ST हैं. सुप्रीम कोर्ट में कितने जज OBC SC ST हैं. क्या डाइवर्सिटी की बात करना गुनाह है ?
यदि यह पोंगा पंडित सुबह 4 बजे उठकर पशुओं को चारा देता, गोबर साफ करता, उन्हें नहलाता, फिर 3-4 किलोमीटर दूर से सिर पर घास लाकर तैयार करता, और शाम को दूध दुहते समय भैंस की एक-दो लात सहता, तब शायद वह दूध का मूल्य समझता और इसे व्यर्थ नहीं करता।
सरकार हमें बोलने से रोक सकती है।
सोशल मीडिया पर कंटेंट अपलोड करने से रोक सकती है।
सोना खरीदने से रोक सकती है।
विदेश जाने से रोक सकती है।
पेट्रोल, डीज़ल, एलपीजी खरीदने से रोक सकती है।
यहाँ तक कि पाकिस्तान का पानी भी रोक सकती है।
मगर NEET का पेपर लीक होने से नहीं रोक सकती।
OBC वर्ग की हिस्सेदारी पर हो रही हकमारी अब सिर्फ अन्याय नहीं, बल्कि खुली सीनाजोरी बनती जा रही है।
उत्तर प्रदेश की 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की चोरी, मध्य प्रदेश में OBC समाज के 13% पद वर्षों से होल्ड, राजस्थान लोक सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में आरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल, और अब पश्चिम बंगाल में OBC वर्ग का आरक्षण 17% से घटाकर मात्र 7% कर देना ,
यह सब सामाजिक न्याय की भावना पर सीधा प्रहार है।
जब देश की सबसे बड़ी आबादी को उसका संवैधानिक हक लगातार कम किया जाएगा, तब सवाल सिर्फ आरक्षण का नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व, सम्मान और बराबरी का होगा।
बहुजन समाज अब अपने अधिकारों की इस सुनियोजित कटौती को चुपचाप देखने वाला नहीं है। संविधान के दिए अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। ✊
योगी सरकार में 22 बड़ी भर्ती परीक्षाओं में पिछड़े दलित वर्ग के 11514 पदों की लूट हुई
इस सरकार ने करीब 12 हज़ार पिछड़े दलित परिवार की खुशिया छीनकर अपने लोगों को दे दिया
इन आरक्षण लुटेरों को PDA समाज अबकी बार सबक सिखाएगा
PM @narendramodi जी जवाब दीजिए — जब EWS के लिए संविधान बदल सकता है, 50% की सीमा टूट सकती है, तो OBC के 27% अधिकार पर यह अन्याय क्यों?
मध्यप्रदेश में लाखों OBC युवा सालों से “होल्ड” पर हैं, लेकिन सरकार के भाषण कभी होल्ड नहीं होते।
@DrMohanYadav51 जी का OBC प्रेम भी कमाल है — मंच पर सम्मान, जमीन पर इंतजार।
@AmitShah जी, इतना सस्पेंस तो फिल्मों में भी नहीं होता, जितना 27% OBC आरक्षण पर बना दिया गया है।
और महाधिवक्ता साहब… ऐसा केस लड़ रहे हैं कि OBC युवा सोच रहा है — “ये हमारे वकील हैं या विपक्ष के स्टार प्रचारक?”
अब तो हालत ये है कि OBC युवा नौकरी से ज्यादा अगली तारीख याद रखता है।
याद रखिए — जिस समाज को सिर्फ वोट समझा जाता है, वही समाज एक दिन सत्ता का गणित बदल देता है।
#OBC_आरक्षण #27प्रतिशत_आरक्षण #OBC_अधिकार
जरा इधर भी सुन लीजिए @oprajbhar जी
खंड विकास अधिकारी कुल पद : 85
OBC - 07 पद (मात्र 8% पद)
(27% OBC के हिसाब से 23 पद होने चाहिए)
EWS - 08 पद (EWS के पूरे 10%)
GEN- 47 पद (लगभग 55% पद)
देश में जहाँ-जहाँ भाजपा आरएसएस की सरकारें हैं, वहाँ-वहाँ संविधान प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था पर लगातार हमला हो रहा है, कहीं आरक्षण को सीधे खत्म किया जा रहा है, तो कहीं भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षण की खुली लूट करके बहुजन समाज के युवाओं के अधिकार छीने जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा 69000 शिक्षक भर्ती (2019) में पिछड़े वर्ग (OBC) को संविधान अनुसार मिलने वाले 27% आरक्षण के बजाय मात्र 3.8% आरक्षण दिया गया वहीं अनुसूचित जाति (SC) वर्ग को 21% के स्थान पर केवल 16% आरक्षण दिया गया।
इस तरह 69000 शिक्षक भर्ती में लगभग 19,000 आरक्षित पदों की लूट हुई, जिसने सामाजिक न्याय, संविधान और आरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। यह केवल नौकरियों की चोरी नहीं, बल्कि बहुजन समाज के संवैधानिक अधिकारों पर सुनियोजित हमला है सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा आज PDA आरक्षण लूट का पर्दाफाश किया गया।
#69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला
अगर पूजा, पाठ, हवन यज्ञ और दान-दक्षिणा से भगवान या देवी देवता किसी के पाप को साफ कर देते हैं तो, उस भगवान से बड़ा कोई भ्रष्टाचारी और रिश्वतखोर और कोई नहीं।
ज्योतिराव फुले
आप ही लोगों ने वोट देकर सरकार बनाई थी।
बुलडोजर चलते देख उछलते थे।
अब्दुल की चूड़ी टाईट करने के सपने देक्जते थे।
200 रुपये लीटर पैट्रोल खरीदने को तैयार थे।
अब क्यों रो रहे हो ? चलने दो बुलडोजर।
देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी नही महात्मा ज्योतिबा फुले हैं.
महात्मा ज्योतिबा फुले ने सवर्ण हेजेमोनी और जाति वर्ण अव्यवस्था के खिलाफ खुलकर लड़ाई लड़ी.
शिक्षा को हथियार बनाकर उन्होंने बहुजन समाज को अधिकार पाने का रास्ता दिखाया.
अपना पूरा जीवन समतामूलक समाज की स्थापना और शिक्षा के प्रचार प्रसार में लगा दिया.
महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन 🙏🏼
UPSSSC ने फिर से OBC/SC/ST के पदों पर डाला डाका 🔥🔥
आज उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शिक्षा आयोग ने कृषि विभाग में तकनीकी सहायक (AGTA) के 2759 पदों पर भर्ती निकाली है।
जिसका पदवार विवरण निम्न है -
👉UR - 1692
👉OBC - 573
👉EWS - 275
👉SC -213
👉ST -6
आरक्षण के संवैधानिक नियमों के तहत OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से 745 सीटें मिलनी चाहिए थी लेकिन मिला केवल 573 सीट यानी OBC के 172 पदों पर डाका डाल दिया गया।
वहीं SC वर्ग को 21 प्रतिशत के हिसाब से 579 सीटें मिलनी चाहिए थी लेकिन दिया गया मात्र 213 पद यानी SC के 366 पदों पर डाका डाल दिया गया।
वही ST को 2 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से 55 पद मिलना था लेकिन मिला मात्र 6 पद यानी ST के 49 पदों पर डाका डाल दिया गया।
केवल EWS को आरक्षण के हिसाब से exact सीट मिला है बस!
आखिर उत्तर प्रदेश सरकार लगातार OBC/SC/ST के पदों पर डाका क्यों डाल रही है??
आज UPSSSC ने कृषि विभाग में तकनीकी सहायक (AGTA) के 2759 पदों पर भर्ती निकाली है।
वर्गवार पद देखे तो
UR 1692 (61%)
OBC 573 (21%)
EWS 275 (10%)
SC 213 (8%)
ST 6 (0%)
अब आरक्षण के हिसाब से देखें तो
OBC को 745 (27%)
SC को 579 (21%)
ST को 55 (2%) मिलना चाहिए था लेकिन काफी कम सीट दी गई है!
केवल EWS को आरक्षण के हिसाब से exact सीट मिला है बस!
अब सवाल यही है कि नियम होने के बाद भी ये फर्क क्यों है ?
इस cut off ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, सामाजिक न्याय की धज्जियां उड़ाई 🚨
UR कटऑफ — 277
SC कटऑफ — 276
OBC कटऑफ — 298
और ये वही लोग हैं जो दिन रात OBC–SC–ST को "मेरिट" का ज्ञान देते हैं!
🚨 यूपी में आरक्षण घोटाला🚨
ध्यान रखना इस आरक्षण विरोधी सरकार को 2027 में उखाड़ फेकना है!
1262 का 27% 341 होता है,
लेकिन पद दिए गए है मात्र 115!
OBC के 226 पद कहा चोरी हो गए???