नए जिले बनने के बाद कई ऐसे कर्मचारी अपने ही मूल गृह जिले से नौकरी पाने के बावजूद प्रशासनिक पुनर्गठन के कारण दूसरे जिले के निवासी/कर्मचारी माने जाने लगे हैं।
विशेषकर तृतीय श्रेणी शिक्षक, राजस्थान पुलिस एवं अन्य भर्तियों में जिन अभ्यर्थियों ने अपने गृह जिले के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की थी, उनके साथ मूल भावना के अनुरूप न्याय होना चाहिए।
👉 नए जिले बनने से किसी का मूल गृह जिला नहीं बदलना चाहिए।
👉 ऐसे सभी कार्मिकों को उनके मूल गृह जिले में वापस स्थानांतरित करने का अवसर दिया जाए।
👉 सरकार स्पष्ट नीति बनाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करे।
नौकरी जिस गृह जिले के आधार पर मिली, पुनर्गठन के कारण वही गृह जिला छिनना न्यायसंगत नहीं है।
सरकार से विनम्र आग्रह है कि हजारों कार्मिकों की इस वास्तविक समस्या पर संवेदनशीलता से विचार कर मूल गृह जिले में वापसी का रास्ता खोला जाए।
@RESMA_7@RajCMO
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शिक्षा मंत्री से वार्ता के बाद शैक्षिक महासंघ का आंदोलन स्थगित
ग्रीष्मावकाश 28 जून तक बढ़ाने व प्रधानाचार्य अधिकृत अवकाश यथावत रखने पर सहमति
जयपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (ABRSM) विद्यालय शिक्षा द्वारा शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर चलाए जा रहे प्रान्तव्यापी आंदोलन को शुक्रवार देर रात महत्वपूर्ण सफलता मिली। 29 मई को प्रस्तावित जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन से पूर्व शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने संगठन के शिष्टमंडल को अपने निवास पर वार्ता के लिए आमंत्रित किया।
प्रदेशाध्यक्ष रमेश पुष्करणा के नेतृत्व में पहुंचे शिष्टमंडल और शिक्षा मंत्री के मध्य छात्र एवं शिक्षक हितों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। वार्ता के सकारात्मक परिणामों के बाद संगठन ने अपने आगामी आंदोलन के चरणों को स्थगित करने की घोषणा की।
प्रदेश महामंत्री महेन्द्र कुमार लखारा ने बताया कि वार्ता में नए शैक्षणिक सत्र को 21 जून के स्थान पर 29 जून से प्रारंभ करने तथा संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश में की गई कटौती को वापस लेकर पूर्ववत दो दिवस रखने पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। इन संबंध में शीघ्र आदेश जारी किए जाने की बात कही गई है।
तृतीय वेतन श्रृंखला के शिक्षकों के स्थानांतरण के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री से विशेष अनुरोध करने का आश्वासन दिया। वहीं शिक्षकों की पदोन्नति संबंधी मामलों में न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने हेतु शिक्षा मंत्री ने वार्ता के दौरान ही विभागीय अधिकारियों एवं अतिरिक्त महाधिवक्ता को दूरभाष पर आवश्यक निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त क्रमोन्नत विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति, तृतीय श्रेणी शिक्षकों एवं प्रबोधकों की वेतन विसंगति दूर करने तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में अनावश्यक रूप से नहीं लगाने जैसे मुद्दों पर भी सकारात्मक आश्वासन दिया गया। संविदा कर्मियों के लिए बने नियमों पर पुनर्विचार करने की बात भी शिक्षा मंत्री द्वारा कही गई।
संघर्ष समिति संयोजक सम्पत सिंह ने इसे “शिक्षकों के संघर्ष की जीत” बताते हुए कहा कि विभाग के सकारात्मक रुख को देखते हुए संगठन ने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया है।
प्रदेशाध्यक्ष रमेश पुष्करणा ने बताया कि संगठन के मांग पत्र में शामिल अन्य प्रशासनिक मुद्दों के समाधान के लिए भी शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल वार्ता के निर्देश दिए हैं।
इस महत्वपूर्ण वार्ता में प्रदेशाध्यक्ष रमेश पुष्करणा, प्रदेश महामंत्री महेन्द्र कुमार लखारा, संघर्ष समिति संयोजक सम्पत सिंह, प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री बसन्त जिंदल, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य एवं प्रदेश उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़ उपस्थित रहे।
भवदीय,
महेन्द्र कुमार लखारा
प्रदेश महामंत्री
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान
कॉलेज,KVS, NVS, CBSE की स्कूलों में 50-60 दिन की छुट्टी आती है।
राजस्थान की सरकारी स्कूलों के बच्चों की छुट्टियां 60 दिन की कम से कम आनी चाहिए थी।
राजस्थान भारत का सबसे शुष्क राज्य है यहां सबसे ज्यादा तापमान रहता है छोटे-छोटे बच्चों के लिए इतना तापमान में स्कूल जाना व आना पढ़ना जहां सुविधाएं ना के बराबर है बहुत ख़तरनाक है आपके बच्चों को क्या पता ??
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ग्रीष्मकालीन अवकाश विवरण :-
1. राजकीय विद्यालय राजस्थान सरकार - 17 मई से 20 जून = 35 दिन
2. राजकीय महाविद्यालय राजस्थान सरकार - 1 मई से 30 जून = 61 दिन
3. नवोदय विधालय - 1 मई से 29 जून = 60 दिन
4. केंद्रीय विद्यालय ( KVS)- 3 मई से 20 जून = 49 दिन ।
@madandilawar
राज. शिक्षक संघ (सियाराम) द्वारा ग्रीष्मावकाश व अन्य अवकाशों में की गई मनमानी कटौती विरोध में माननीय शिक्षा मंत्री @madandilawar जी को सद्बुद्धि देने की लिए कल किए गए यज्ञ व श्री हनुमान चालीसा पाठ के आयोजन का कवरेज...02
@RajCMO@Shaikshiksraj@news24tvchannel@News18Rajasthan
*RGHS सुविधा को अविलंब सुचारू करने हेतु आज मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री कार्यालय में महासंघ द्वारा ज्ञापन दिया गया। अगर अतिशीघ्र सकारात्मक समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारी राज्यव्यापी आन्दोलन के लिए बाध्य होंगे।
विपिन प्रकाश शर्मा
प्रदेश महामंत्री
भीषण गर्मी को देखते हुए निदेशक महोदय ने सभी जिला कलेक्टर को समय परिवर्तन/ अवकाश के लिए लिखा पत्र... केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर 7 मई से 20 जून (45 दिन)तक राजस्थान के विद्यालयों में भी किया जाए अवकाश ......राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
ग्रीष्मावकाश सहित अन्य अवकाशों में मनमानी कटौती को वापस लेने की मांग को लेकर संगठन के आंदोलन के तहत 20 अप्रेल को सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन कर माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी के नाम DM को ज्ञापन दिया जाएगा।
@RajCMO@madandilawar@Shaikshiksraj@rajshiksha_
राजस्थान शिक्षक एकीकृत महासंघ द्वारा 7 अप्रैल को जिला स्तर पर कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा
मुख्य मांगें:
• प्रधानाचार्य अवकाश 2 दिन रहे
• ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई–30 जून किया जाए
• शीतकालीन अवकाश 26Dec.–10Jan. किया जाए। @JATbera1
सत्र 2026-27 के शैक्षणिक कैलेंडर में अवकाश कटौती के विरोध में @RESMA_7 द्वारा 7 अप्रैल को जिला स्तर पर कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा
मुख्य मांगें:
• प्रधानाचार्य अवकाश 2 दिन यथावत रहे
• ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई–30 जून किया जाए
• शीतकालीन अवकाश 26 दिसम्बर–10 जनवरी किया जाए।