कई साथियों ने INDIA गठबंधन की बैठक में मेरे भाषण का हिंदी अनुवाद मांगा था - यह रहा, ज़रूर सुनें।
8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक में 20 से भी ज़्यादा नेताओं के भाषणों और बातों को सुनने के बाद आखिर में मैंने इस भाषण से उन्हें संबोधित किया।
जब भारत की सोच, देश की आत्मा पर संकट हो... जब संस्थाओं पर कब्ज़ा हो... जब जनता की आवाज़ दबाई जाए...तब सिर्फ़ एकता के साथ प्रतिरोध काम आता है।
मैं फिर से कह रहा हूँ - 2024 का चुनाव हम हारे नहीं थे और 2029 का चुनाव हम जीत चुके हैं।
हम एकजुट रहेंगे, जन-जन को संगठित करेंगे और प्रतिरोध की ताकत से BJP और उसके भारत के संस्थानों पर कब्ज़े को हराएंगे।
https://t.co/JkKgow6pi7
असम में वायुसेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से पांच बहादुर जवानों की शहादत का समाचार अत्यंत दुखद है।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें। शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। देश, हमारे वीर जवानों और उनके परिवारों के प्रति सदैव ऋणी रहेगा।
पहले नेता अपनी पार्टी के ही मंत्री से इस तरह तीखे और स्पष्ट सवाल पूछ सकते थे।
अधिकारियों को जवाब देह बना सकते थे।
देखिए दिल्ली के उस समय के दिल्ली के लोकसभा सदस्य जयप्रकाश अग्रवाल शहरी आवास मंत्री कमलनाथ से किस तरह मेट्रो पर सवाल पूछ रहे हैं।
आज भाजपा का कोई सांसद अपने मंत्री से इस तेवर में बात कर सकता है?
यह तेवर छोड़िए जन समस्याएं उठा सकता है?
असम में वायुसेना की विमान दुर्घटना में हमारे पाँच वीर जवानों के शहीद होने का समाचार अत्यंत दुःखद है।
इस दुख की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शहीदों के शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। देश इन बहादुर जवानों का सर्वोच्च बलिदान हमेशा याद रखेगा।
Respected @Jairam_Ramesh ji — as Chairman of the Parliamentary Committee on Environment, this is for your kind attention.
The government says Delhi's air improved in 2025. We removed the weather — every hour of five years, 35,000 decision trees — and here is the full reckoning:
❗ This December was 56 points worse than last December. The government's answer: "still winds." Strip the weather away and still winds explain only about half — the other roughly 24 points are real, and they belong to the government, not the sky.
❗ December 2025: AQI 362 observed, 350 even after removing weather. With December 2023, the most polluted December since at least 2021 — on both counts.
❗ This winter was 29 points worse than last (observed); our estimate puts about 7 of those as real deterioration. The "winter is easing" headline was manufactured from mismatched windows.
❗ July–December — the GRAP season this whole machinery exists for: +1.2% observed, +0.8% weather-removed. Nothing. Five GRAP seasons since 2021, no real improvement; our estimate, about 20 points worse.
❗ The government's biggest claim — 2025's annual "improvement" — rests on one month: January 2024 was the most stagnant January in eight years (wind just 6.6 km/h vs 8–9 km/h every other January from 2018 to 2025; 17 calm days; 1 day of rain).
❗ Nitrogen dioxide up 7.4%; ozone up 11%.
Delhi still breathes 2.4 times the national standard and nearly 20 times the WHO limit. Beijing is at 29; Delhi's winter, 163 — five and a half times worse. The government's own table: annual AQI 209, 209, 204, 209; PM2.5 98, 100, 105 — rising. The promise was "marked improvement, year on year." Their own numbers break it. The cost (AQLI, University of Chicago): about 10 years of life.
Three demands: a weather-normalised seasonal scorecard every quarter; China-style binding year-on-year stubble-season targets; and a white paper on December's ~24 real points and winter's 29-point slide.
Breathing is a fundamental right — not a convenience.
Today’s speech by Shri Rahul Gandhi ji was a powerful reminder that the Constitution is not merely a document - it is the foundation of India’s democracy, justice, and social harmony.
At a time when constitutional institutions face unprecedented challenges, Rahul ji articulated the concerns of millions of Indians who believe in safeguarding democratic values, protecting citizens’ rights, and ensuring accountability in governance.
His message was clear: the defence of the Constitution is not the responsibility of one party alone, but of every citizen committed to the idea of India.
I urge everyone to listen to this important address and reflect on its message.
https://t.co/DJvCTYAcxH…
आज राहुल गांधी ने एक ऑडियो शेयर किया था जो इंडिया गठबंधन की मीटिंग में उनकी स्पीच का था। वो अंग्रेजी में था लेकिन मुझे जिज्ञासा थी ये जानने की कि उन्होंने मीटिंग में क्या कहा होगा...तो इसे अपने लिए हिंदी में ट्रांसलेट किया...पढ़ते हुए लगा कि ये बहुत जरूरी है तो आप भी पढ़ सकते हैं...
------------------------------
मैं आज यहां आए सभी लोगों का स्वागत करता हूं। आने के लिए धन्यवाद। कई साल पहले मेरी एक बहुत अच्छे दोस्त से बहस हुई थी। मैंने उससे कहा, "जो तुम कर रहे हो वो बिल्कुल अनफेयर है।" उसका जवाब था — "दुनिया अनफेयर है। अब इसकी आदत डाल लो।"
आज यहां कांग्रेस पार्टी के बारे में जो कुछ भी कहा गया, उसका जवाब देना मेरा काम नहीं है। मेरा काम शिव परंपरा को अपनाना है — सब कुछ निगल जाना। नीले कंठ वाले शिव की तरह, जो सारा जहर पी जाते हैं।
आप चाहे जितना कहें, मुझ पर या कांग्रेस पर जितनी भी आलोचना करनी हो, हम उसे खुशी-खुशी स्वीकार करेंगे। हम आपको खुश करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि हमारी भूमिका आपकी भूमिका से बुनियादी तौर पर अलग है। और यह मैं अहंकार से नहीं कह रहा हूं। मेरी भूमिका आप सबको प्यार और स्नेह से जोड़ने की है।
मैं 2004 से कांग्रेस पार्टी का सांसद हूं, जब मैंने अपना पहली चुनाव लड़ा था। हमारी पार्टी भारत की दूसरी सभी पार्टियों से बुनियादी तौर पर अलग तरीके से संगठित है। और मैं यह विनम्रता से कह रहा हूं। क्यों?
क्योंकि यह पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन के रूप में शुरू हुई थी, जब आधुनिक भारत अस्तित्व में भी नहीं था। अन्य सभी पार्टियों के विपरीत, इसे भारतीय राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर खड़ा नहीं किया गया था। कांग्रेस पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन है, जो इस विचार की रक्षा करती है कि सभी भारतीय बराबर हैं।
हम RSS की सोच के बिल्कुल खिलाफ हैं। हम मर जाएंगे, कांग्रेस पार्टी में मर जाएंगे, लेकिन BJP या RSS के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे। इसके लिए हमें हमारे सिर काटने पड़ेंगे। मुझे पता है कि इस देश में लाखों-लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता हैं जो कहेंगे — "हमारे सिर काट दो, हम RSS के सामने झुकेंगे नहीं।"
मुझे अफसोस है कि इस समूह में कुछ भ्रम है। भ्रम यह है कि आप — SP, TMC, RJD — यह मानते हैं कि अब तक जो राजनीतिक औजार आप इस्तेमाल करते आए हैं, वे आगे भी काम करेंगे।
दरअसल वे तभी काम करते थे जब देश का सिस्टम उन्हें निष्पक्ष मैदान उपलब्ध कराता था। वो मैदान अब नहीं बचा है। BJP देश के संस्थानों पर कब्जा कर चुकी है। BJP कानूनी व्यवस्था को कंट्रोल करती है। BJP नौकरशाही को कंट्रोल करती है। खुफिया एजेंसियों को कंट्रोल करती है। BJP चुनाव आयोग को भी कंट्रोल करती है।
मेरे TMC में कई दोस्त हैं। वे मानते थे कि बंगाल में वे चुनाव जीत रहे हैं। मैं उन्हें बार-बार कहता रहा — तुम सपनों की दुनिया में हो। मैंने गुजरात में देखा है, मध्य प्रदेश में देखा है, छत्तीसगढ़ में देखा है, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखा है। फिर भी आपमें से कई अभी भी आश्वस्त नहीं हैं।
कांग्रेस पार्टी प्रतिरोध की पार्टी है। इसे भारतीय राज्य की तटस्थता की जरूरत नहीं है। बल्कि, जितना ज्यादा भारतीय राज्य के संस्थान दबाए जाएंगे, कब्जाए जाएंगे, कांग्रेस पार्टी उतनी ही आक्रामकता से भारत के संविधान की रक्षा के लिए लड़ेगी। हम सभी कांग्रेस पार्टी के आदर्शों को साझा करते हैं। वे आदर्श क्या हैं? सत्य, अहिंसा और करुणा।
मुख्य मुद्दा क्या है? मुझे आपसे लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। मुझे पागल होना पड़ेगा कि अचानक उठकर कहूं — "मैं तुमसे लड़ूंगा क्योंकि तुम हमारे सहयोगी हो, हमारे दोस्त हो, हम जिनसे प्यार करते हैं।
"कृपया समझिए, हमने 2024 का चुनाव जीता था। हमने हारा नहीं था। आप पूछते हैं कि नीतीश जी क्यों चले गए? वह मेरी वजह से नहीं, कांग्रेस की वजह से नहीं गए। और मैं आपको बताता हूं कि निकट भविष्य में वे कुछ औजार भी काम करना बंद कर देंगे, क्योंकि BJP और RSS भारतीय राज्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने 100 साल से ज्यादा पहले यही फैसला लिया था। 1927 से पहले हम एक राजनीतिक संगठन थे। गांधी जी ने जब स्वराज की मांग की, हम प्रतिरोध आंदोलन बन गए। अगर राजनीतिक पार्टियां काम नहीं कर सकतीं, तो क्या काम कर सकता है? प्रतिरोध काम करता है। Resistance works।
जहां हम प्रतिरोध करते हैं, वहां काम करता है। मैंने अपनी आंखों से देखा है। मैंने इस देश में 4000 किलोमीटर पैदल चला है। Resistance works।आपको राजनीतिक आर्किटेक्चर की जरूरत नहीं। नौकरशाही की जरूरत नहीं। खुफिया एजेंसियों की जरूरत नहीं। आपको सिर्फ प्रतिरोध का कार्य चाहिए। मतलब — मैं प्रतिरोध करूंगा। मैं अन्याय नहीं होने दूंगा। बस। खत्म। यह एक भावना है, संगठन नहीं। यह सोचने का तरीका है। और चाहे हम पसंद करें या नहीं, हमें वहीं जाना होगा। माइंडसेट बदलना होगा। माइंडसेट अब यह होना चाहिए कि हम एक-दूसरे से नहीं लड़ेंगे। हम प्रेस को हम पर हमला करने का मौका नहीं देंगे। हम प्रतिरोध करेंगे।
आप सोच रहे हैं कि चुनौती अगला चुनाव जीतने की है। अगला चुनाव तो पहले ही जीत लिया गया है। कृपया समझिए, भारत की जनता में इतना गुस्सा है कि अगला चुनाव पहले ही खत्म हो चुका है। समस्या RSS द्वारा भारतीय राज्य के औजारों पर कब्जा है। समस्या यह है कि आपको जीतने के लिए निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव नहीं मिलेगा। इसलिए हमें प्रतिरोध मोड में जाना होगा। Resistance works। Resistance CBSE है। Resi
stance NEET है। Resistance पदयात्रा है। सुबह उठकर पूछो — मैं आज प्रतिरोध कैसे करूं? और प्रतिरोध करो। मैं आपको गारंटी देता हूं, यह काम करेगा।
मेरी नजर में, किसी भी तरफ से कोई भी आलोचना मैं खुशी से झेलने को तैयार हूं, क्योंकि मेरे लिए यह धार्मिक कर्तव्य है, आध्यात्मिक कर्तव्य है। यह अब राजनीति नहीं रही। इसलिए मैं आपको वादा करता हूं कि इस समूह को जोड़ने और सफल बनाने के लिए जितना भी अपमान सहने पड़ेंगे, मैं सहूंगा। आगे कैसे बढ़ें, यह बहुत सरल है। हमें एक खास विचार से दूर होना होगा। ममता दी 100% तो नहीं, लेकिन 90% यकीन से कहती हैं कि उनका चुनाव चुराया गया। उद्धव जी 40% यकीन रखते हैं। मेरे भाई तेजस्वी 40%... सुनिए, 100% यकीन रखिए — चुनाव चुराए जा रहे हैं। अपने मन से सारे संदेह हटा दीजिए। समझिए कि सोशल मीडिया पर उपस्थिति बनाने में सालों लगते हैं। यह एक हफ्ते में ऑर्गेनिक नहीं होता। मेरे 1 करोड़ YouTube फॉलोअर्स हैं, लेकिन मेरा अकाउंट पूरी तरह दबाया गया है। अगर आप यह सोच रहे हैं कि सोशल मीडिया निष्पक्ष है और विपक्ष को सपोर्ट मिल रहा है, तो आप दूसरी दुनिया में जी रहे हैं। पूरा आर्किटेक्चर — मीडिया, सोशल मीडिया, कानूनी व्यवस्था, नौकरशाही, खुफिया एजेंसियां — सब इस सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए संरेखित हैं। लेकिन यह सरकार टिक नहीं पाएगी। यह टिक नहीं पाएगी क्योंकि इसने हमारे लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है। इसने भारतीय लोगों के भविष्य को नष्ट कर दिया है।
अब जो आने वाला है (ईरान के बाद), वह अनियंत्रित है। और यह हमें जनता को संगठित करने का अवसर देगा। यह भी समझ लीजिए कि हम समन्वयित नहीं हैं, साथ नहीं काम करते — ये सब BJP और उनके मीडिया दोस्त फैला रहे हैं। यह सच नहीं है।
मैं DMK की गारंटी ले सकता हूं कि भारत के विचार की रक्षा में हर कोई इस कमरे में खड़ा होगा। हमारे बीच झगड़े हैं, लेकिन अगर आप मुझसे कहें कि मैं केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को गले लगाऊं, तो मैं नहीं कर सकता और नहीं करूंगा, क्योंकि मेरी उनसे राजनीतिक लड़ाई चल रही है।
हमें लचीले होना होगा और समझना होगा कि हम पर पूरा हमला है — यह साबित करने के लिए कि विपक्ष कमजोर है, disorganized है।अंत में, मुझे लगता है कि हमारी चर्चाओं में अक्सर उदासी छाई रहती है। लोग सोचते हैं — "ओह भगवान, हम BJP को कभी हरा पाएंगे?" मैं आपको बताता हूं, अगर हम साथ खड़े होकर प्रतिरोध करें तो उन्हें हराना आसान है। पिछले चुनाव में इस कमरे में मेरे अलावा किसी को यकीन नहीं था कि हम BJP को हरा सकते हैं। अब इस कमरे में हर कोई यह विश्वास करना शुरू करे कि हम उन्हें हरा देंगे।इस विश्वास से शुरू कीजिए, और मैं गारंटी देता हूं — राज्य दर राज्य, चुनाव दर चुनाव, चाहे वे धांधली करें या न करें, वे गिरेंगे।
अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा कही बातों को भी भाजपा दरबार के मिरासी और उनके गुलाम चैनल्स अपने स्वार्थ के लिए अर्थहीन और असत्य बनाकर पेश कर रहे हैं. नटराजन मामले ने सुप्रीम कोर्ट ने पहले हाई कोर्ट जाने का फिर न्याय न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट आने का निर्देश दिया, इसमें खारिज कर दिया कहा से आया. @RahulGandhi
अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।
Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत।
“The Congress Party’s role as many of you have stated, is to unite all of you together with love and affection.”
My speech to the INDIA Alliance leadership on 8th June.
https://t.co/Ct3STc5BM8
Deeply saddened by the passing of Jaspal Rana ji, one of India's finest shooting champions and a mentor who inspired generations of athletes.
His dedication to excellence and his immense contribution to Indian sport have left an enduring mark on our nation.
My heartfelt condolences to his family, loved ones, and the entire sporting fraternity.
Respected @Jairam_Ramesh ji,
On World Environment Day, 5th June, I set out to answer one question with data — not rhetoric: is Delhi's air actually improving, or does the weather just keep taking both the blame and the credit?
Since then, I have run one of the most rigorous independent air-quality exercises ever attempted for Delhi:
▪️ 5 years 5 months of data — 1 January 2021 to 31 May 2026
▪️ 46 CPCB/DPCC monitoring stations, 7 pollutants, 8.6 million station-hours — every station-day quality-gated (minimum 16 of 24 valid hours)
▪️ Machine-learning "de-weathering" — 7 Boosted Regression Tree models, 35,000 decision trees, trained on wind, temperature, boundary-layer height and rainfall (with 6-hour and 24-hour lags)
▪️ Every station-hour re-predicted under 5 climatological weather scenarios — nearly 38 MILLION model predictions
▪️ Models validated on held-out data, cross-checked against CPCB's published CCR AQI, and confirmed by TWO independent de-weathering methods
▪️ AQI re-derived strictly through CPCB's own 2014 National AQI formula, and every season compared with the SAME season, year on year — apples to apples, weather removed
The findings are alarming. Remember: the CPCB AQI is CAPPED at 500 — the scale itself cannot express how bad it truly gets. Yet even on this capped scale, with the weather's mercy stripped away, Delhi's pollution levels are NOT decreasing:
❗ Not ONE of Delhi's four seasons is on a sustained path of real improvement, 2021→2026.
❗ At least one widely celebrated "improvement" turns out to be pure weather — not policy.
❗ And there is one winter-2026 number the government will have to answer for.
The complete findings — season by season, year by year, including a direct comparison with 31 Chinese provincial capitals — are in my animated report releasing on 13th June. The teaser is attached.
Sir, as Chairperson of the Parliamentary Standing Committee on Environment, Forests & Climate Change, I request you to take up Delhi's deteriorating air quality with the Union Home Minister — Delhi being a Union Territory comes directly under him, both the state government's machinery and the garbage-collecting MCD; with the Union Minister of Housing & Urban Affairs — under whom the DDA and the Delhi Metro function; and with the Union Environment Minister — under whom the CPCB and the national clean-air mission sit. This emergency cuts across all three ministries, and accountability keeps falling in the gaps between them.
Delhi is not asking for favourable winds. It is asking for governance.
साँस लेना मौलिक अधिकार है — सुविधा नहीं।
After Vote Chori and Sarkar Chori - the BJP-EC jugalbandi has finished the contest before it has even begun with Seat Chori.
Look at what happened in the recent Rajya Sabha elections.
Congress candidate Meenakshi Natarajan ji submitted every document. No pending cases. The EC cancelled her nomination on a frivolous BJP objection.
Parimal Nathwani ji, the BJP-backed independent, got his own name wrong on the form and skipped multiple mandatory disclosures. The EC gave him an extension to fix everything.
Same Election Commission. Two candidates. One was disqualified without even a hearing. The other was rewarded despite not following the rules.
When the Congress sought a meeting, the EC first tried to evade us. When we finally met, they did not say one word.
Expect to see much more of this - because for the BJP, it is far easier to fix the election than to win it.
चुनाव आयोग ने कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन बिना किसी कारण रद्द कर दिया। ये लोकतंत्र पर सीधा हमला है, बाबा साहेब के संविधान पर प्रहार है।
इसी के विरोध में आज NSUI ने चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर अपनी आवाज़ बुलंद की। लोकतंत्र में निष्पक्षता, पारदर्शिता और संविधान की भावना सर्वोपरि है, इन्हें कमजोर करने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा।
दिल्ली की हवा पर चेतावनी 🚨
एक ही शहर — दो हवाएँ। २० स्टेशन पर AQI पिछले साल से ऊपर; सबसे ख़राब Anand Vihar ३३५ — ‘बहुत ख़राब’, पिछले साल से +१४२ अंक (+७३%)।
• मौसम का असर हटाने पर SO₂ ३८ में से २६ स्टेशन पर बदतर — सबसे बिगड़ते स्टेशनों पर +६४% तक। प्रदूषण का बोझ असमान।
• मौसम हटाने पर CO +१६% और SO₂ +१३% — ये नीति की विफलता है, मौसम की नहीं
• आज दिल्ली के सभी ४३ स्टेशन PM2.5 की WHO सीमा से ऊपर — और सभी ४१ PM10 स्टेशन भारत के NAAQS मानक से भी
• PM10 — ४३ में से ३७ स्टेशन पर प्रमुख pollutant; कल से ४३ में से ३४ स्टेशन और बदतर
सरकार से माँग — CO के स्रोत (वाहन/खुला दहन) पर तुरंत रोक; Anand Vihar के स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई + स्वास्थ्य-चेतावनी; ‘ख़राब’ से ऊपर के दिनों में जन-स्वास्थ्य प्रोटोकॉल लागू हो।
साँस लेना मौलिक अधिकार है — सुविधा नहीं।
#DelhiAQI #AirQuality #CPCB #वायुप्रदूषण #दिल्ली
आज नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन @kharge जी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी एवं कांग्रेस महासचिव श्रीमती @priyankagandhi जी की उपस्थिति में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुआ।
बैठक में कांग्रेस संगठन महासचिव श्री @kcvenugopalmp जी, एआईसीसी महासचिवगण, प्रदेश प्रभारी एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उपस्थित रहे।
संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने तथा आगामी कार्यक्रमों एवं राजनीतिक रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
📍 नई दिल्ली
अभी-अभी @TNNavbharat की एक चर्चा समाप्त करके उठा हूँ।
पूरी चर्चा के दौरान मुझे एक अज्ञात नंबर (+91 99966 52495) से लगातार कॉल आ रही थी, जिससे असुविधा हो रही थी। मैंने चर्चा के बीच में ही उस व्यक्ति को संदेश भेजकर अनुरोध किया कि फिलहाल कॉल न करें।
इसके बाद वह व्यक्ति, जो @BJP4India का समर्थक ज्ञात होता है, मुझे व्हाट्सऐप पर अभद्र और आपत्तिजनक संदेश भेजने लगा। उसने न केवल मुझे गालियाँ दीं, बल्कि मेरी बहन के बारे में भी बेहद अशोभनीय टिप्पणियाँ कीं और धमकियाँ दीं (जिसे स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है)। उसने मेरे स्वर्गीय पिता के बारे में भी अपमानजनक बातें लिखीं।
चर्चा समाप्त होने के बाद मैंने स्वयं उसे फोन किया, ताकि उसका पक्ष जान सकूँ। लेकिन उसका व्यवहार नहीं बदला। फोन पर भी वह लगातार गालियाँ देता रहा और धमकियाँ देता रहा। जब मैंने शांतिपूर्वक पूछा कि वह कहाँ का रहने वाला है, तो उसने बताया कि वह छतरपुर, मध्य प्रदेश का निवासी है।
यह किसी से छिपा नहीं है कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद देश में असहिष्णुता बढ़ी है। उसके कई समर्थक और कार्यकर्ता राजनीतिक विरोधियों के प्रति घृणा और हिंसा की भाषा का इस्तेमाल करने लगे हैं।
लेकिन मैं @RahulGandhi जी और @INCIndia का सिपाही हूँ। मैं ऐसी गालियों और धमकियों से डरने वाला नहीं हूँ। फिर भी, ताकि यह व्यक्ति भविष्य में किसी और के साथ ऐसा व्यवहार न करे, मैं चाहता हूँ कि पुलिस इस मामले का संज्ञान ले।
व्हाट्सऐप पर इस व्यक्ति का नाम “Shamsher Dhandha” दिखाई दे रहा है। इसका मोबाइल/व्हाट्सऐप नंबर नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है।
@Cyberdost@Uppolice@dgpup@MPPoliceDeptt@DGP_MP
◆ पश्चिम बंगाल में जंगलराज और 'औरतों के साथ बर्बरता..
~ ये मोहतरमा एक टीचर हैं..कृष्णनगर विधानसभा में रहती हैं..TMC की समर्थक हैं
~ कल इन्हें सड़क पर घेर लिया गया..सड़क पर मारा गया..
~ इन्हें नंगा कर घूमाने की कोशिश की गई थी जिस से यह मुश्किल से ख़ुद को बचा पाई
~ इन्हें सफ़ेद साड़ी पहनाने की कोशिश की गई..इस का मतलब है कि इन के शौहर का क़त्ल कर इन्हें विधवा बनाया जाएगा
◆ सांसद मोहुआ मोइत्रा ने यह न्यूज़ पोस्ट की है..यह VDO यूरोप और अमरीका में वायरल हो चुका है
✋ पश्चिम बंगाल में हिंसा, बलात्कार, क़त्ल की ख़बरें सेंसर की जा रही हैं..सड़क पर मणिपुर की तरह महिलाओं की लिंचिंग हो रही है
👉 पश्चिम बंगाल को मणिपुर बनाया जा चुका है
कृष्णन अय्यर काँग्रेस पेज को फॉलो कीजिए
कृष्णन अय्यर को फॉलो कीजिए
@KrishanForINC को X पर फॉलो कीजिए
#भारतजोड़ोन्याययात्रा
#भारतजोड़ोयात्रा
#VoteChori