धौलपुर चंबल नदी में डूबते छह लोगों को बचाने के लिए जान की परवाह न करते हुए यह जावाज सिपाही चंबल में कूद गए तीन लोगों को सुरक्षित निकाला भाई रविंद्र गुर्जर और देवेश को राज्य सरकार व पुलिस प्रशासन की तरफ से पदोन्नति मिलनी चाहिए @VijaySBainsla@DholpurPolice
धौलपुर चंबल नदी में डूबते छह लोगों को बचाने के लिए जान की परवाह न करते हुए यह जावाज सिपाही चंबल में कूद गए तीन लोगों को सुरक्षित निकाला भाई रविंद्र गुर्जर और देवेश को राज्य सरकार व पुलिस प्रशासन की तरफ से पदोन्नति मिलनी चाहिए
@ashokgehlot51@RajCMO@SachinPilot@PoliceRajasthan
धौलपुर चंबल नदी में डूबते छह लोगों को बचाने के लिए जान की परवाह न करते हुए यह जावाज सिपाही चंबल में कूद गए तीन लोगों को सुरक्षित निकाला भाई रविंद्र गुर्जर और देवेश को राज्य सरकार व पुलिस प्रशासन की तरफ से पदोन्नति मिलनी चाहिए
@ashokgehlot51@RajCMO@SachinPilot@PoliceRajasthan
राजस्थान में 2 साल का प्रोबेशन काल है इस दौरान इतना कम वेतन मिलता है कि यदि किसी कर्मचारी को दूर दराज में नौकरी करनी है तो वहां खर्चा निकालना भी मुश्किल हो जाता है इसलिए श्री @ashokgehlot51 जी से निवेदन है कि कर्मचारियों की इस मांग पर गौर करें 🙏❤️
#प्रोबेशन_पूर्ण_वेतन_लागू_करो
#कृषि_पर्यवेक्षकों_की_मांगे_पूरी_करो
कृषि पर्यवेक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आदेश पर आज सभी कृषि पर्यवेक्षक अपने-अपने जिलों के ग्रुप से लेफ्ट हो कर कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं अतः श्रीमान @ashokgehlot51 जी से निवेदन है कि जल्द से जल्द कृषि पर्यवेक्षकों की मांगों को माने
#कृषि_पर्यवेक्षकों_की_मांगे_पूरी_करो
‘आप मांगते-मांगते थक जाओगे, मैं देते-देते नहीं थकूंगा, मुख्यमंत्री जी हमारी वाजिब मांगे तो पूरी कीजिए।।
मुख्यमंत्री महोदय @ashokgehlot51 जी इन कृषि पर्यवेक्षकों के बारे में भी सोचिए।
ये अल्पवेतन में भी राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं जो कृषकहित में संचालित हैं उनको उनको सफल बना रहे हैं ।
1. कृषि पर्यवेक्षक अपने खुद के वाहन से खुद का पेट्रोल जलाकर पूरे दिन फील्ड में घूमता है और विभागीय योजनाओं को सफल बनाता है लेकिन राज्य सरकार की तरफ से उसे कोई आर्थिक लाभ नहीं है।
2. कृषि पर्यवेक्षक ग्रामीण क्षेत्र में पटवारी, एएनएम एवं ग्राम विकास अधिकारी की तरह ड्यूटी करता है लेकिन उसे कोई हार्ड ड्यूटी एलाउंस नहीं है।
3. कृषि पर्यवेक्षक विभाग की सभी योजना को मोबाइल ऐप के माध्यम से संचालित करता है विभाग की तरफ से कोई मोबाइल टैबलेट लैपटॉप नहीं है और ना ही कोई इंटरनेट भत्ता है ना ही कोई स्टेशनरी अलाउंस है ।
4. कृषि पर्यवेक्षक के पास अपने खुद के कृषि पर्यवेक्षक मुख्यालय के अलावा अन्य कृषि पर्यवेक्षक मुख्यालय का चार्ज है लेकिन विभाग की तरफ से कोई भी अतिरिक्त चार्ज का भत्ता नहीं है।
5. कृषि पर्यवेक्षक एक तकनीकी पद होने के बावजूद भी उसे 2400 ग्रेड पे दिया जा रहा है इतनी महंगाई में अपने परिवार का खर्चा चला पाना मुश्किल है ।
महोदय जी उपरोक्त बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए कृषि पर्यवेक्षक के हित में फैसला लेवें।
@kana_ias@RajCMO@KatariaLalchand@aajtak@1stIndiaNews@News18Rajasthan@zeerajasthan_@AgrDir@ZeeNewsEnglish
#कृषि_पर्यवेक्षकों_की_मांगे_पूरी_करो
कृषि पर्यवेक्षक संगठन हमेशा से ही बहुत शालीनता से अपनी मांगों को रखते हुए आया है लेकिन किसी प्रकार का कोई एक्शन अभी तक सरकार की तरफ से नहीं लिया गया है अतः श्रीमान जी निवेदन है कि हमारी मांगों को पूरा किया जाए
@Mahendr8233
#कृषि_पर्यवेक्षकों_की_मांगे_पूरी_करो
आगाज हो चुका है अंजाम बाकी है ।
मुख्यमंत्री महोदय @ashokgehlot51 साहब इन कृषि पर्यवेक्षकों के बारे में भी कुछ सोचो ।
ये अल्पवेतन में भी राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं जो कृषकहित में संचालित हैं उनको सफल बना रहे हैं ।
@KatariaLalchand