@kkvishnoibjp@alokrajRSSB@DrKirodilalBJP एक गलत विज्ञप्ति की वजह से पद खाली रह रहे हैं अन्य व्यवसाय में कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती 2024 के नियम डिग्री डिप्लोमा और NTC अलग अलग करने की वजह से पद खाली रह रहे हैं जिनका पद सम्मान वेतन सम्मान कार्य सम्मान होने के बावजूद भी
@BhajanlalBjp@narendramodi आज हर निचले तबके के व्यक्ति के पास इंटरनेट की पहुंच है शिक्षा को AI और डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़कर हर ग्रामीण लोगों तक उसकी पहुंच होनी जरूरी हो। ग्रामीण राजस्थान के सरकारी स्कूलों का रिजल्ट वैसे भी 50% से ऊपर नहीं रहता और टीचर सिर्फ टाइम पास करते है उनके पदो की कटौती करनी चाहिए।।
@alokrajRSSB आलोक राज जी कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती में भी फर्जीवाड़ा हुआ है अनुभव के नाम पर यह भी भोले वाले हैं,, ऑफलाइन पेमेंट और डिपार्टमेंट की मिली भगत से जय हो आलोक राज जी 🙏🙏🙏
@aajtak@RajCMO कौशल नियोजन एवं उधमिता विभाग में कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती में पूरा पूरा विभाग ने दस्तावेज सत्यापन में रिश्वत लेकर फर्जीवाड़ा किया है जो अपने ही आदेश की धज्जियां उडा रहा है बार बार शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है इस भर्ती की भी जांच CBI से कराई जावे
कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती 2024 में गंभीर सवाल!
कर्मचारी चयन बोर्ड और विभाग की लापरवाही या अनदेखी...अयोग्य अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग देने के आरोप। शिकायत के बाद भी विभाग और बोर्ड ने नहीं सुनी फरियाद।
एक भर्ती में दो नियम क्यों? क्या अपने लोगों को फायदा पहुंचाया गया।
सोहन जी, ड्राइविंग एक्सपीरियंस के बारे में सवाल डीवी के वक्त उठेंगे और संबंधित विभाग जो डीवी के लिए जिम्मेवार होगा वो ही इस विषय पर निर्णय ले सकता है। वैसे सोचो यदि आपकी सर्विस के सैलरी के बैंक ट्रांजैक्शंस नहीं होंगे तो फिर कोई भी फर्जी एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट बनवा लाएगा।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में OMR शीट बदलने के खुलासे ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। SOG की रिपोर्ट के अनुसार 9 साल पहले यानी 2018 से पूर्व की भाजपा सरकार से शुरू हुआ यह खेल 2026 तक जारी रहा है जो बेहद ही चिंताजनक तथ्य है। जो कर्मचारी इस फर्जीवाड़े में लिप्त थे, वे 2024 और 2025 में भी सक्रिय तथा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में पदस्थ थे।
कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के नासूर को मिटाने के लिए देश में सबसे पहले कदम उठाते हुए उम्रकैद की सजा, दोषियों की संपत्ति जब्त एवं 10 करोड़ जुर्माने का कड़ा कानून बनाया। इतिहास में पहली बार आरपीएससी (RPSC) के सदस्य को गिरफ्तार किया गया। कांग्रेस सरकार के दौरान SOG ने 250 से अधिक गिरफ्तारियां कीं और पेपर लीक माफियाओं की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया।
कांग्रेस सरकार ने कभी भी राजनीति को न्याय के आड़े नहीं आने दिया। जहां कमी थी उसका सामना करते हुए सुधार किया। कई परीक्षाओं को रद्द तक करने की परिस्थिति बनी तो युवाओं के हित में यह निर्णय भी लिया गया। चाहे कांग्रेस शासन हो या भाजपा शासन हो, अगर किसी ने भी बेईमानी की हो उन्हें पेपर लीक पर बने नए कड़े कानून के तहत सजा दिलाई जाए जिससे न्याय सुनिश्चित हो सके।
परन्तु ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार पेपर लीक, OMR शीट बदलने जैसे गंभीर मुद्दों को न्याय सुनिश्चित करने की बजाय केवल राजनीति का माध्यम बना रही है इसलिए निष्पक्ष जांच करवाने की बजाय केवल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आयोजित हुईं परीक्षाओं को आरोपित करने का प्रयास कर रही है।
पिछले 2 साल में राजस्थानी कर्माचरी चयन बोर्ड द्वारा सूचना सहायक, संविदा नर्स (GNM/ANM), कृषि पर्यवेक्षक, कनिष्ठ लेखाकार, संगणक, समान पात्रता परीक्षा (CET- स्नातक व सीनियर सेकंडरी), पशु परिचर, कनिष्ठ अनुदेशक, LDC, कनिष्ठ अभियंता (JEN), पटवारी, वाहन चालक और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (Grade 4) की परीक्षाएं संपन्न हुईं जिनमें 35 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
ये सभी परीक्षाएं उसी सिस्टम और स्टाफ की देखरेख में हुईं जो अब ओएमआर शीट में गड़बड़ी के लिए पकड़े गए हैं। इस कारण अब इन सभी परीक्षाओं की शुचिता संदेह के घेरे में है। अभ्यर्थियों द्वारा लगातार ये शिकायत की जा रही है कि बीते 2 सालों से भर्ती परीक्षाओं की कट ऑफ असामान्य रूप से अधिक जा रही है जिससे उनके मन में शंकाएं उपज रही हैं जिन्हें दूर किया जाना आवश्यक है।
मैं मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से आग्रह करता हूं कि इस नए खुलासे के बाद अब 2024 व 2025 की सभी परीक्षाओं की भी गंभीरता एवं गहराई से जांच करवाई जाए। मुझे उम्मीद है कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए सरकार तत्काल कदम उठाएगी।
@BhajanlalBjp कौशल नियोजन एवं उधमिता विभाग के कनि.अनुदेशक भर्ती 2024 में दस्तावेज सत्यापन में गंभीर आरोप लगे है फिर भी विभाग जाँच नहीं कर रहा है लगभग 70 % अयोग्य अभ्यार्थियों का चयन हो चुका है विभाग अपने ही आदेश की अवहेलना कर रही है जिससे अनुभव के फर्जी सर्टिफिकेट बनवा लिए है
@Reetu_13@alokrajRSSB@Radhemahwa 60 से 70% फर्जीवाड़ा हुआ है अनुभव के नाम पर,, जिन लोगों ने काम किया है तो कम से कम एक-दो महीने का तो स्टेटमेंट होना चाहिए बैंक का स्टेटमेंट होना चाहिए बैंक का,, आजकल तो सारे कामऑनलाइन हो रहे हैं,, इस भर्ती की एसओजी द्वारा जांच करवानी चाहिए 🙏🙏
@Reetu_13 कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती में जो लगे हैं 70% फर्जी अनुभव वाले व्यक्ति हैं उनकी शिकायत के बावजूद भी कुछ नहीं हो पाया,, डिपार्टमेंट की मिली भगत है इसमें,, योग्य व्यक्ति घर बैठे हैं,, कुछ कीजिए बहन जी 🙏🙏
@alokrajRSSB कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती 2024 में फर्जी एक्सपीरियंस बनवाए हैं दुकान प्राइवेट आईटीआई कंपनी कम से कम दो-तीन महीने का बैक स्टेटमेंट तो चाहिए,, जब से मोदी सरकार आई सारे काम ऑनलाइन हो रहे हैं,, 2015 से सारे काम ऑनलाइन हो रहे हैं,, लोगों ने पैसे देकर बैक डेट में एक्सपीरियंस बनवाए हैं 🙏🙏
@Reetu_13@RPSC1@madandilawar@RajCMO@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@rajeduofficial कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती में जो अनुभव के नाम पर फर्जीवाड़ा विभाग के कर्मचारी लिप्त है,, बैक डेट में दुकान प्राइवेट आईटीआई और फैक्ट्री से बनवाए हैं जिस परडिस्पैच नंबर भी नहीं है बहुत सारे ऊपर,, आज सारा काम ऑनलाइन हो रहा है,, जय हो बीजेपी सरकार 🙏🙏🙏