ये आँधी है परिवर्तन की.....
जहाँ 45 डिग्री की तपती गर्मी में भारत पाकिस्तान के बॉर्डर के इलाके में हजारों लोग अपने अपने साधनों से हनुमान बेनीवाल जी के साथ चल रहे है...... @hanumanbeniwal#सर्वधर्म_शांति_सद्भावना_यात्रा
Prepaid Recharge Customers के साथ हो रही लूट का मुद्दा आज मैंने Parliament में उठाया।
(a) अगर आपका recharge खत्म हो जाए तो Outgoing Calls बंद होना समझ में आता है, लेकिन Incoming Calls बंद करना मनमानी है।रिचार्ज खत्म होते ही न कोई आपसे संपर्क कर सकता है और न ही आपके फोन पर OTP जैसे जरूरी मैसेज आ पाते हैं। Emergency के हालातों में व्यक्ति बेसहारा हो जाता है।
(b) 28 दिन का Recharge plan एक scam है। साल में महीने 12 होते हैं लेकिन रिचार्ज 13 बार करवाना पड़ता है (28 days x 13 times = 364 days).
Recharge plan की वैधता calender months (30–31 दिन) के हिसाब से होनी चाहिए, क्योंकि 28 दिन के चक्कर में लोगों को साल भर में एक अतिरिक्त रिचार्ज करवाना पड़ता है।
मोबाइल आज के समय में Luxury नहीं, बल्कि आम नागरिक की Necessity बन चुका है।
इसलिए टेलीकॉम कंपनियों को उपभोक्ताओं के साथ Fair और Transparent रवैया रखना चाहिए।
जिस तरह विगत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आरक्षण के साथ खिलवाड़ करके भर्तियों में ओबीसी सहित अन्य आरक्षित वर्गों के युवाओं के साथ अन्याय किया गया ,अब राजस्थान में मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp के नेतृत्व वाली BJP सरकार भी उसी तर्ज पर भर्ती परीक्षाओं में ओबीसी आरक्षण के साथ खिलवाड़ कर रही है,सरकार द्वारा आरक्षण के साथ खिलवाड़ करना संविधान प्रदत्त अधिकारों का हनन है | LDC भर्ती इसका बड़ा उदाहरण है | मेरे संज्ञान में यह भी आया है कि वनपाल,चतुर्थ श्रेणी सहित भर्तियों में भी आरक्षण से जुड़े प्रावधान व नियमों की अनदेखी करके सरकार आरक्षित वर्गों के युवाओं के साथ अन्याय कर रही है | मैं मुख्यमंत्री जी को याद दिलाना चाहता हूं कि अविलंब भर्तियों में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों से जुड़े मामले में संज्ञान लेकर विसंगतियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाते हुए OBC के साथ SC,ST व MBC वर्ग के युवाओं के साथ न्याय करें |
किसी भी भर्ती में आरक्षण के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा |
@RajCMO
आज दिल्ली में लोक सभा अध्यक्ष श्री @ombirlakota जी से संसद भवन स्थित उनके कक्ष में मुलाकात करके #अरावली_पर्वतमाला को बचाने के लिए लोक सभा के स्तर से हस्तक्षेप करने की मांग रखी | मैंने लोक सभा अध्यक्ष जी से कहा कि अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए उठ रही आवाज किसी एक पहाड़ी को बचाने का विषय नहीं है बल्कि यह जनस्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा हुआ मामला है | दिल्ली -एनसीआर से लेकर हरियाणा व राजस्थान के एक दर्जन जिलों मे फैली अरावली पर्वतमाला भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है और दिल्ली–एनसीआर के लिए यह सिर्फ पहाड़ नहीं, बल्कि जल, वायु और जैव-विविधता की जीवनरेखा है। दुर्भाग्य से आज यह पर्वतमाला गंभीर संकट से जूझ रही है और इन सब हालतों के मध्य भारत सरकार द्वारा गठित एक कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की परिभाषा ही बदल दी जिससे इस पर्वतमाला के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए | मुझे आश्चर्य इस बात का है कि एक तरफ देश के उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली-NCR की हवा को बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण “स्वास्थ्य आपातकाल” कहा है और प्रदूषण रोकने के लिए जल्दी कदम उठाने की बात कही मगर दूसरी तरफ माननीय सुप्रीम कोर्ट ने ही अरावली की जो नई परिभाषा तय की है वो अरावली को बर्बाद करने की एक नई परिभाषा बनेगी जिस पर सुप्रीम कोर्ट को पुनर्विचार करना चाहिए | पिछले कुछ दशको में अरावली की पहाड़ीयों का विनाश इतने बड़े पैमाने पर हुआ है कि राजस्थान मे अजमेर से झुंझनू और हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले तक फैली अरावली मे 12 से ज़्यादा दरारें खुल गई जहाँ से थार रेगिस्तान की धूल दिल्ली- एनसीआर तक उड़ रही है ,ऐसा पर्यावरण से जुड़े जानकारो ने मुझे कहा है | अरावली की नई परिभाषा से खनन को बढ़ावा मिलेगा और पहाड़ीयां ज़मीदोँज हो जाएगी तथा भारत की प्राचीन पर्वतमाला निरंतरता खो देगी जिससे ज़्यादा गैप और दरारें बन जाएगी, अरावली राजस्थान की भी लाइफ लाइन और पहचान है क्योंकि इस पर्वतमाला की 692 KM लंबाई मे से लगभग 550 KM राजस्थान से गुजरती है और अरावली का नुकसान होने से मरुस्थल का विस्तार होगा, गर्म हवाओं का व्यापक असर राजस्थान मे बढ़ेगा और बंगाल की खाड़ी से आने वाले मानसून से होने वाली बारिश भी प्रभावित होगी तथा इससे निकलने वाली नदियां भी लुप्त होगी |
@LokSabhaSectt@loksabhaspeaker@RLPINDIAorg
तमाशबीनों की दुनिया…
महीपाल सिंह — एक साधारण युवक, पर सपनों से भरा हुआ।
एयरफ़ोर्स में जाने का सपना लेकर वह जैसलमेर आया था।
परीक्षा दी, मन में उम्मीद थी कि अब घर लौटकर मां-बाप को खुशख़बरी सुनाएगा…
लेकिन किसे पता था — लौटने का यह सफ़र, उसकी ज़िंदगी का आख़िरी सफ़र बन जाएगा।
जैसलमेर से बस चली ही थी कि कुछ किलोमीटर दूर अचानक बस में आग लग गई…
कुछ ही पलों में बस धू-धू कर जलने लगी, चारों ओर चीख़-पुकार मच गई।
30 से ज़्यादा यात्री उस आग में झुलस गए,
कई वहीं जलकर राख हो गए,
कई ज़ख़्मी होकर तड़पते रहे…
महीपाल भी 35% तक जल चुका था,
पर हिम्मत नहीं हारी — वह लड़खड़ाते हुए बाहर निकला,
ज़िंदा रहने की आख़िरी उम्मीद लिए सड़क पर दौड़ा।
वह एक कार के पास गया — मदद की गुहार लगाई,
लेकिन ड्राइवर ने दरवाज़ा खोलने के बजाय, उसे धक्का देकर दूर कर दिया।
वह दूसरी कार की ओर भागा —
पर इस बार दरवाज़ा खुला ही नहीं।
तीसरी, चौथी, पाँचवीं कार…
हर बार वही नज़ारा —
लोग देख रहे थे, पर किसी ने हाथ नहीं बढ़ाया।
महीपाल की आँखों में दर्द था, शरीर जल रहा था,
लेकिन शायद उस पल सबसे ज़्यादा जल रहा था उसका विश्वास इंसानियत पर…
आधा घंटा तपती धूप में, तिल-तिल कर तड़पने के बाद
एक मोटरसाइकिल सवार ने आखिर दया दिखाई,
उसे जैसलमेर के अस्पताल पहुँचाया।
वहाँ से जोधपुर रेफर किया गया —
पाँच घंटे की लंबी पीड़ा भरी यात्रा के बाद इलाज शुरू हुआ।
पर अब महीपाल थक चुका था…
उसके शरीर के साथ शायद उसकी आत्मा भी जल चुकी थी।
और बीती रात — महीपाल ने दुनिया छोड़ दी।
बस, एक अधूरा सपना, कुछ जलते हुए सवाल और तमाशबीनों की भीड़ पीछे छोड़ गया।
कभी सोचना…
अगर उस वक़्त किसी एक इंसान ने इंसानियत दिखा दी होती,
तो शायद आज महीपाल ज़िंदा होता।
पर अफ़सोस…
हम सब सिर्फ़ तमाशा देखने वाले बन गए हैं।
जैसलमेर….
महीपाल सिंह नामक युवक एयरफ़ोर्स की परीक्षा देने जैसलमेर आता है…
परीक्षा देकर बस से वापस अपने घर रामदेवरा लौटने के लिए निकलता है…
जैसलमेर से मात्र दस किलोमीटर दूर पहुँचते ही अचानक बस में आग लगती है, बस धू धू कर के जलने लगती है…
बस में सवार 30 से ज़्यादा लोग आग से झुलस जाते हैं…
तीस में से दस लोग वहीं दम तोड़ देते हैं…
दस लोग 90% तक जलकर आख़िरी साँसें ले रहे होते हैं…
महीपाल सिंह भी 35% तक जल जाता है…
अफ़रातफ़री मची देखकर महीपाल सिंह दौड़कर एक कार वाले के पास जाकर मदद माँगता है…
कार मालिक उसे कार से नीचे उतार देता है…
वो बदहवास सा दौड़कर दूसरी कार के पास जाता है…
वो कार मालिक दरवाज़ा तक नहीं खोलता…
महीपाल सिंद दर्जनों कारों की तरफ़ उम्मीद भरी नज़रों से देखता है….
लेकिन सभी कार मालिक मानो ये कह रहे हो कि, हम तो यहाँ तमाशा देखने आए हैं…
आधा घंटा चिलचिलाती धूप और जले हुए शरीर का दर्द सहने के बाद…
एक मोटरसाइकिल वाला महीपाल सिंह को जैसलमेर पहुँचाता है…
वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे जोधपुर रेफर कर दिया जाता है….
पाँच घंटे का सफ़र तय करके महीपाल जोधपुर पहुँचता है….
इलाज शुरू होता है…
लेकिन इंसानों के रूप में इतने हैवान देखने के बाद शायद महीपाल की जीने की इच्छा ही ख़त्म हो जाती है…
और बीती रात महीपाल ये दुनिया छोड़कर चला जाता है….
तमाशबीनों की दुनिया….!!!
भगवान सबको एक बेटी दे, लेकिन ऐसी बेटी किसी को भी नहीं दे 🥲🙏
ओसियां से दिल को झकझोर देने वाला मामला बेटी ने माता-पिता को अकेला छोड़ा, लिव-इन रिलेशनशिप में गई...
यह घटना समाज के उस बदलते चेहरे की झलक है, जहां रिश्तों की गहराई अब स्वार्थ और आधुनिक सोच के आगे झुकती नजर आती है।
जो लोग पाकिस्तान का पानी रोकने के दावे कर रहे थे, वो किसानों का काला सोना भी नहीं बचा पा रहे।
पानी के साथ करोड़ों रुपयों की भैंसें भी पाकिस्तान जा रही हैं।
#Flood#Punjab
हनुमान बेनीवाल ने मंत्री किरोड़ी मीणा पर कही बड़ी बात
'एक भी कांग्रेस नेता को पकड़वा के दिखा दो'
'उनके लगाए हुए आरोप निराधार है'
'किरोड़ी लाल मीणा को कोई सीरियस नहीं लेता'
'ना इन्होंने पार्टी बनाई, ना इनमें लड़ने का दम है'
'रेप के मुकदमे लगे थे तो मैं इनके साथ खड़ा था'
@DrKirodilalBJP@hanumanbeniwal@RLPINDIAorg #hanumanbeniwal #Beniwal #RajasthanWithNews18
राजस्थान उच्च न्यायालय ग्रुप डी भर्ती का आवेदन से हजारों अभ्यर्थी वंचित रह गए क्योंकि लगभग 7 दिन से न्यायालय की साइट नहीं चल रही।
#4th_ग्रेड_की_डेट_बढ़ाओ
राजस्थान उच्च न्यायालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के लिए आज आवेदन की अंतिम तिथि है परंतु पिछले 7 दिन से न्यायालय की साइट चल नही रही इसलिए हजारों युवाओं का आवेदन अभी तक नहीं हो पाया है।
अतः रजिस्ट्रार जनरल भर्ती सेल राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर से निवेदन है आवेदन तिथि को 7 दिन के लिए आगे बढ़ाया जाएं।
पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी परीक्षा दो पारियों में होगी।
RAS PRE 7 लाख की परीक्षा एक दिन में हो सकती हैं लेकिन 6-6 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा एक पारी में सम्भव नहीं हैं।
पटवारी और VDO में नार्मलाइजेशन होगा और राजस्थान के बच्चों का भविष्य खराब होगा @alokrajRSSB