कल मैच खत्म होने के बाद बाल बाल बचे रोहित शर्मा।
कल तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज को हराने के बाद जब टीम बस से निकली तो हर कोई जश्न मना रहा था जब टीम के खिलाड़ी होटल पहुंचे तो उनका स्वागत हो रहा था
लेकिन जैसे ही रोहित शर्मा का ध्यान उधर गया वो बस से उतरते वक्त फिसल गए और सीधे नीचे आ गिरे सब लोग उधर सेलिब्रेट कर रहे थे लेकिन
विराट कोहली की नजर रोहित शर्मा के ऊपर ही थी और वो उनके लिए चिंतित दिखे। हालांकि, शुक्र है रोहित को ज्यादा चोट नहीं आई।
लगातार 6 साल से कह रहा हूँ कि चुनाव आयोग देश और लोकतंत्र के लिए कैंसर बन चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की जमीन पर कहीं कोई लोकप्रियता नहीं है। गोदी मीडिया के ब्रॉडकास्टिंग राइट्स खरीद, ये केवल मैच रेफ़री और अंपायर को फिक्स कर बेईमानी से चुनावी मैच जीत रहे है। खेल के नियम, फेयर प्ले, दर्शक, खेल और खिलाड़ियों से इनका कोई लेना-देना नहीं होता।
अगर जनता की मदद से चुनाव जीतते तो विजयी राज्यों में जनाधार वाले भाजपाई नेताओं को मुख्यमंत्री बनाते?
राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, बंगाल इत्यादि राज्यों में इन्होंने Selected कठपुतली ही CM बनाए है क्योंकि मोदी-शाह जानते है कि इन्होंने इन राज्यों में चुनाव आयोग के अटूट समर्थन और अपार सहयोग से ही कथित जीत हासिल की है ना कि जनसर्मथन से!
पंजाबी ब्राह्मण समाज के एंकर आदरणीय अमिश देवगन जिन्हें लोग सम्मान में गोलू मोलू भी बोलते हैं
न्यूज़ 18 छोड़ने ने बाद टाइम्स नाउ के हिन्दी चैनल नवभारत में बतौर मैनेजिंग एडिटर की जिम्मेदारी संभाल ली है.
अमिश देवगन बहुत अच्छे पत्रकार हैं. सरकार की आलोचना करने पर जिस तरह वो विपक्षी नेताओं को फटकार लगाते हैं वो उनकी काबिलियत को दिखाता है.
मैनेजिंग एडिटर का पद बहुत बड़ा है. इसके लिए काफी पढा लिखा डिग्री धारी होना चाहिए. अमिश देवगन ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से Mass Communication में PG डिप्लोमा किया है.
डिप्लोमा और डिग्री में वही अंतर है जो नदी और समुद्र के बीच होता है. मीडिया में एक भी OBC SC और आदिवासी न्यूज़ एंकर नही हैं. किसी भी न्यूज़ का एडिटर, CEO या मैनेजिंग एडिटर ओबीसी एससी या आदिवासी नही हैं.
नोएडा का मीडिया पूरी तरह 4 जातियों को के कब्जे में है. मगर अफसोस बहुजन समाज को इसकी चिंता नही है. उन्हें चिंता है किसी तरह उनकी उनकी जाति का नेता CM विधायक या मंत्री बन जाए, भले नमक रोटी चटनी खाकर जिंदगी गुजारनी पड़े.
वोट चोर गिरोह ने हरियाणा में वोटिंग के दिन बताया कि 61.19% पोलिंग हुई है
अगले दिन यानी 6 अक्टूबर को बताया कि 65.65% पोलिंग हुई
फिर 7 अक्टूबर को बताया कि 67.9% वोट पड़े और 8 को रिजल्ट आ गया
EVM बंद हो गई। सील करके रखवा दी कई। तो फिर दो दिन बाद, काउंटिंग से 12 घंटे पहले 2.25% वोट कहां से आ गए?
इन डकैतों ने हरियाणा में हर विधानसभा में औसतन 15,175 वोट बढ़ा दिए।
नरेंद्र मोदी, अमित शाह कहते हैं- आने वाले कई साल तक देश में BJP की सरकार रहेगी।
मैं करीब 50 साल से राजनीति देख रहा हूं, लेकिन कोई भी नेता ऐसी बातें नहीं कह सकता।
इंदिरा गांधी जी ने बांग्लादेश का युद्ध जीता, उसके बावजूद अगले कुछ साल में Anti-incumbency हो गई। देश के कई प्रधानमंत्रियों-मुख्यमंत्रियों को इसका सामना करना पड़ा।
Anti-incumbency हिंदुस्तान की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत है।
लेकिन ये ताकत नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर असर क्यों नहीं करती- इसका जवाब दो इलेक्शन कमिश्नर्स ने दे दिया है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 दिल्ली
राहुल गांधी जी लगातार कहते रहे हैं कि SIR में गड़बड़ी हुई है और वोट की चोरी हो रही है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इसके प्रमाण भी देश के सामने रखे हैं।
कल ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने भी प्रमुखता से बताया कि SIR के दौरान नियमों में बदलाव किए गए। सवाल यह है कि जब चुनाव आयोग तीनों आयुक्तों से मिलकर बनता है, तो ऐसे महत्वपूर्ण फैसले किस प्रक्रिया के तहत लिए गए?
लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए। इतना ही नहीं, दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा 10 महीने में 14 बार मुख्य चुनाव आयुक्त और कैबिनेट सचिव को भी पत्र भेजे जाने से मामला और गंभीर हो जाता है।
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और असम तक चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने देश की संवैधानिक व्यवस्था, कानून और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गंभीर आघात पहुँचाया है।
CEC की नियुक्ति, चुनावी प्रक्रिया और उन्हें मिली immunity को लेकर @RahulGandhi जी लंबे समय से सवाल उठाते रहे हैं। कर्नाटक, हरियाणा समेत कई राज्यों में उन्होंने तथ्यों के आधार पर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन BJP और Election Commission की मिलीभगत से इन महत्वपूर्ण तथ्यों पर न तो कोई निष्पक्ष जांच हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।
यह मुद्दा देश और जनता के खिलाफ गंभीर अपराध है और सीधा जनता के वोट और लोकतंत्र पर हमला है। BJP-RSS ने Election Commission के सहारे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर प्रहार किया है।
CEC के पद से ज्ञानेश कुमार को तुरंत प्रभाव से dismiss किया जाना चाहिए और इस मामले में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। साथ ही, नरेंद्र मोदी और अमित शाह की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
@kcvenugopalmp@priyankagandhi@INCIndia@ECISVEEP@MLJ_GoI
कुछ पत्रकार ऐसे हैं जो बीच बीच में निष्पक्ष बनने का प्रयास करते हैं उन्हीं में से एक है रजत शर्मा।
रजत शर्मा कभी सरकार से सवाल नहीं करता है।
रजत शर्मा कभी महंगाई पर नहीं बोलता है।
रजत शर्मा कभी बेरोजगारी पर नहीं बोलता है।
कल चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर रजत शर्मा ने निष्पक्ष दिखने की पूरी कोशिश की,
लेकिन लोग उनकी चाटुकारिता की आदत को अच्छी तरह जानते हैं।
बेचारे को उस पोस्ट पर सराहना से ज़्यादा गालियां ही मिली हैं।😀
रजत शर्मा जैसे पत्रकार TV पर इतना जहर बो दिए हैं कि उनके मुंह से कुछ भी सुनना अब लोगों को अच्छा ही नहीं लगता है।
करवा ली बेइज्जती… मिल गया सुकून?
जानते हुए भी इस सुधीर के बच्चे @sudhirchaudhary Fake News फैलाई… कितना परेशान हुआ वो बच्चा विजय शेरावत।
अभी भी ये सुधरेंगे नहीं।
इनकी हर Fake News पर Defamation होना चाहिए।
Court को Fine भी लगा देना चाहिए था।
Breaking News की जल्दी में किसी की इज़्ज़त तोड़ देना आसान है, लेकिन बाद में पोस्ट delete कर देने से नुकसान delete नहीं होता।
नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी पर घमासान
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी का मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है. अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे प्रधान को मंगलवार की सुनवाई में तत्काल कोई राहत नहीं मिली. हालांकि, जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा कि मिलन प्रधान को चुनाव लड़ने दिया जाए. मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी.
पढ़ें पूरी ख़बर: https://t.co/6w0AMh5MkD
#Nandigram #WestBengal #HighCourt
मैंने कई बार वीडियो देखा, राहुल के मंच पर नहीं हुआ मोदी की मां का अपमान - @Editor_SanjayS
असल में BJP फंस गई है! बुरी तरह...
अब एजेंडा राहुल सेट कर रहे, BJP नेता फॉलो कर रहे.... भक्तों के बुरे दिन शुरू हो चुके हैं.
आख़िरकार इंदौर छात्रों की गूंज का ये वीडियो लीक हो ही गया ,
एक लड़की राहुल गांधी के छात्रों की गूंज प्रोग्राम में तस्वीर लेकर राहुल गांधी - राहुल गांधी चिल्ला रही थी , जोश चरम पर था , लेकिन ये मोदी जी की सभा की तरह स्क्रिप्टेड नहीं था , इसलिए राहुल गांधी की नज़र नहीं पड़ी ,
आज नगांव में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे कांग्रेस के काफ़िले पर भाजपा के लोगों ने प्राणघातक हमला किया है।
हमारी कारों पर पत्थरों से हमले हुए, कार का शीशा टूट गया। भीतर बैठे एआईसीसी के सचिव मनोज चौहान और अन्य साथियों को चोटें आईं हैं।
मैं और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई जिस कार में थे उस पर तो एसिड तक फेंका गया। गनीमत है कि कार के शीशे बंद थे।
मोटर साइकिलों पर बड़ी दूर तक हमारा पीछा तक किया गया। कुछ में भाजपा के झंडे भी लगे थे।
बहुत से साथी घायल हुए हैं। हमने थाने में रपट लिखाई है। फिर हम कलेक्टर और एसपी से भी मिले।
आज भाजपा का चेहरा एक बार फिर बेनकाब हुआ है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के गुंडाराज का पर्दाफ़ाश हुआ है।
एक सवाल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी है क्योंकि आचार संहिता के बाद क़ानून व्यवस्था चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी होती है।
भाजपा के इस हमले की वजह है लोकसभा उपचुनाव चुनाव में हारने का डर।
न कांग्रेस डरने वाली है और न असम की जनता।
हम लड़ेंगे और जीतेंगे।
बिहार गंभीर रूप से बाढ़ और सुखाड़ से प्रभावित है। लाखों हेक्टेयर में खड़ी फसलें नष्ट हो रही है। भीषण सूखे और बाढ़ की दोहरी मार से प्रदेश के लाखों किसान त्राहिमाम कर रहे है।
बिहार में प्रथम बार बीजेपी का 𝐂𝐌 बना है, 𝐁𝐉𝐏 के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार से है। बिहार से 𝟖 केंद्रीय मंत्री और एनडीए के कुल 𝟒𝟐 सांसद है, 𝟐𝟓𝟎 से अधिक 𝐌𝐋𝐀/𝐌𝐋𝐂 है लेकिन सब नकारे और निकम्मे है।
राज्य के 𝟓𝟎 लाख लोग बाढ़ प्रभावित है लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री और एनडीए की संवेदनहीन सरकार बाढ़ पीड़ितों की कोई सुध नहीं ले रही।
कथित डबल इंजन सरकार बाढ़ पीड़ितों को अविलंब 𝟏𝟓 हज़ार की मदद तथा सुखाड़ एवं बाढ़ प्रभावित किसानों का सर्वेक्षण करा यथाशीघ्र उन्हें मुआवजा दें।