गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः🙏
कल मुंबई(पालघर) में स्थित "श्री परमहँस आश्रम" में "यथार्थ गीता" के रचयिता परमहँस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज के दर्शन व सत्संग का लाभ लिया।🙏
सेवा में,
आदरणीय अश्विनी वैष्णव जी,
माननीय रेलमंत्री,
रेल मंत्रालय, भा��त सरकार।
विषय : भुज-दिल्ली ट्रेन का नामकरण 'वीरमदेव सोनगरा एक्प्रेस' रखने के क्रम में...
महोदय,
स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात जालोर को इससे बड़ी सौगात क्या मिल सकती थी कि अब जालोरवासी एक ट्रेन के माध्यम से अपने राज्य की राजधानी जयपुर एवम् देश की राजधानी दिल्ली से एक साथ सीधे जुड़ सकेंगे। इससे आवागमन तो सुलभ होगा ही, क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी पँख लगेंगे। यह महनीय कृत्य माननीय प���रधानमंत्री जी के यशस्वी नेतृत्व एवम् आपकी दायित्व-निर्वहन कुशलता के बिना संभव नहीं था। मैं जालोर-सिरोही लोकसभा क्षेत्र के समस्त नागरिकों की ओर से आपके प्रति हार्दिक कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ।
मैं ��पसे निवेदन करना चाहता हूँ कि इस ट्रेन का नामकरण सनातनी योद्धा महापराक्रमी वीरमदेव सोनगरा के नाम पर किया जाए, ऐसा करना क्षेत्र की समस्त जनता की भावनाओं के प्रति आदर ज्ञापित करना सिद्ध होगा।
वीरमदेव सोनगरा — जिन्होंने क्रूर मज़हबी आततायी अलाउद्दीन खिलजी की पुत्री का प्रेम ठुकराया, लड़ते हुए वीरगति का वरण किया, किंतु सनातन का शीश झुकने न दिया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शौर्य यात्रा में इत��हास की क्रूरताओं एवम् सनातनी वीरों के पराक्रम को स्मरण करते हुए हमारे प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी ने कहा था — जब खिलजी सोमनाथ पर आक्रमण के बाद शिव-विग्रह को दिल्ली ले जा रहा था, तब जालोर के सोनगरा चौहानों ने उससे लोहा लिया था एवम् शिवलिंग को पुनः सोमनाथ मंदिर में थापित किया था — वीरमदेव चौहान उसी महत् कुल के प्रदीप्त-नक्षत्र हैं। स���स्त गौड़वाड़ एवम् समीपवर्ती गुजरात क्षेत्र के लोग वीरमदेव सोनगरा को मामा जी कहकर अपनी लोक-आस्था प्रकट करते हैं। मामा जी अर्थात् गौ, ब्राह्मण एवम् स्त्री-अस्मिता समेत समस्त सनातनी सांस्कृतिक मूल्यों के रक्षक देवता।
चूंकि ट्रेन गुजरात के भुज से आरंभ होती है, इसलिए मैं आपका ध्यान इस तथ्य की ओर आकृष्ट करवाना भी समुचित समझता हूं कि वीरमदेव सोनगरा की वीरगाथा से संबद्ध काव्य एवम् इतिहास ग्र��थ 'कान्हड़दे प्रबंध' प्रथमतः गुजरात से ही प्राप्त होता है। गुजरात के महाविद्यालय एवम् विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में वीरमदेव सोनगरा की वीरगाथा को पढ़ाया जाता है। वहाँ से कई शोधग्रंथ भी प्रकाशित हुए हैं।
महोदय, आपने जालोर को जयपुर और दिल्ली से जोड़ने का लोकहितकर कार्य किया है। भारत के सांस्कृतिक गौरव की पुनर्स्थापना के प्रति आपकी सरकार की अटल प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखाई पड़ती है। ऐसे मे�� यह नामकरण का आग्रह आपसे एवम् आपकी सरकार से करना अपेक्षा से अधिक नहीं है। यह हमारे क्षेत्र के समस्त नागरिकों का समवेत स्वर है।
आदर सहित
निवेदक
प्रवीण कुमार मकवाणा
एक नागरिक,
लोकसभा क्षेत्र — जालोर-सिरोही।
pkmakwana1000@gmail.com
@AshwiniVaishnaw
@jogeshwarg
@PMOIndia
@lumbaram64
आलोक आश्रम (बाड़मेर) में श्री क्षत्रिय युवक संघ का उच्च प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ
श्री क्षत्रिय युवक संघ का ग्यारह दिवसीय उच्च प्रशिक्षण शिविर बाड़मेर स्थित आलोक आश्रम में आज 18 मई को प्रारंभ हुआ। माननीय संघप्रमुख श्री लक्ष्मण सिंह जी बेण्याकाबास ने शिविरार्थियों का स्वागत 1/3
सब के सब फंस गए:– भाजपा, कांग्रेस, RLP, BAP
एक बार फिर ऐसा प्रतीत होता है कि भारतीय ���नता पार्टी द्वारा दिए गए “होमवर्क” को कांग्रेस पार्टी पूरा करने में जुट गई है। पिछले वर्ष प्रदेश सरकार ने 30 मार्च के स्थान पर भविष्य में राजस्थान दिवस को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाने की घोषणा की थी।
जब राजस्थान की स्थापना की जा रही थी, तब राजप्रमुख सवाई मान सिंह द्वितीय ने आग्रह किया था कि “राजस्थान शक्ति और शौर्य की धरा है, अतः इसका स्थापना दिवस शक्ति के महापर्व नवरात्र के प्रथम दिवस पर ही होना चाहिए।” इस विचार को सरदार पटेल ने स्वीकार किया ��र राजस्थान की स्थापना चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत् 2006 को की गई।
आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का अवसर है। शक्ति की इस भूमि राजस्थान का कण-कण शक्ति उपासना में लीन है, किन्तु प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने आज राजस्थान दिवस पर बधाई देना उचित नहीं समझा। हम जिस प्रदेश में रहते हैं, वहाँ विवाह, त्योहार, उत्सव तथा अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम भारतीय पंचांग के अनुसार ही निर्धारित किए जाते हैं। अधिकांश नेता भी चुनावी हलफनामा दाखिल करने से पूर्व ज्योतिष के अनुसार तिथि, समय, काल, ग्रह और नक्षत्र की जानकारी अवश्य लेते हैं।
ऐसे में प्रश्न उठता है कि यदि कांग्रेस पुनः सत्ता में आती है, तो क्या वह राजस्थान दिवस को तिथि के स्थान पर फिर से 30 मार्च की निश्चित तारीख पर ले जाएगी? तिथि परिवर्तन के साथ उत्सव के प्रति उत्साह में यह कमी आखिर क्यों दिखाई देने लगी है?
केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि हनु���ान बेनीवाल और राज��ुमार रोत जैसे नेताओं ने भी राजस्थान दिवस पर बधाई नहीं दी।
यही नहीं, प्रदेश भाजपा भी अपने केंद्रीय नेतृत्व तक सही जानकारी पहुँचाने में असफल रही प्रतीत होती है। अभी तक प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा भाजपा शासित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों की ओर से भी बधाई संदेश सामने नहीं आए हैं।
खैर, प्रदेश इन दिनों मानो उत्साह और आनंद से दूर, नीरो की तरह बंशी बजाने में व्यस्त दिखाई देता है।
दाता री ढाणी।
देश के विदेश, वित्त और रक्षा मंत्री रहे आदरणीय जसवंत सिंह जसोल की ढाणी। आज आपके पोते के विवाह के शुभ अवसर पर बधाई देने आए शुभचिंतक इस झोंपड़े को जरूर देखने जा रहे थे। बात झोंपड़ी में थोड़े ही है , बात उसके मालिक में ��ै। वरना...
पुणे में माध्यमिक प्रशिक्षण शिविर संपन्न
पुणे स्थित साल्वे गार्डन में श्री क्षत्रिय युवक संघ का माध्यमिक प्रशिक्ष�� शिविर 23 से 27 जनवरी तक आयोजित हुआ। माननीय संघप्रमुख श्री लक्ष्मण सिंह बेण्याकाबास के निर्देशन में केंद्रीय कार्यकारी गज��ंद्र सिंह आऊ ने शिविर का संचालन किया। 1/2
" हम जैसे लोग खूब घूमते फिरते है, सैकड़ों लोगों से मिलते है। पढ़ते भी रहते है। साथ ही इस जिले के भी है फिर भी जनरल हणुत सिंह जी के बारे में कितना कम ज���नते है। फिर सारे देश की तो क्या ही बात की जाए। ऐसी महान शख्सियतो के जीवन चरित को विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। जिससे ऐसे विरले व्यक्��ि के बारे में युवा पीढ़ी जान सके और उनसे प्रेरणा लेकर देश सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ सके।
बॉलीवुड में हाल ही में एक फिल्म बनी है 'इक्कीस' जो कि बसंतर के युद्ध पर बनी है। ऐसी और अनेक फिल्में और डॉक्यूमेंट्री बनी चाहिए।"
पढ़िए जनरल हणुत सिंह जी जसोल के जीवन पर मेरा लेख।
https://t.co/gjydP9IAD9
कर्नल मानवेंद्र सिंह जसोल…
राजनीति का वो चेहरा , जिसका सम्मान भी है और जिस पर पूरे क्षेत्र को अभिमान भी है।
सादगी से भरा, सुलझा हुआ व्यक्तित्व।
सीमा से संसद तक देशहित की सोच लिए चलने वाले कर्नल साहब, जिनकी पहचान स्वच्छ छवि, साफ राज��ीति और ज़मीनी जुड़ाव से होती है।
इतने पॉजिटिव इंसान कि उनसे एक बार मुलाकात हो जाए तो फिर बात हो या न हो,
केवल आँखों और चेहरे को पढ़ते हुए ही मन को संतुष्टि मिल जाती है।
जनता के बीच रहकर, बिना शोर-शराबे के काम करना ही जिनकी असली पहचान है।
ऐसे जनप्रतिनिधि कम होते हैं,
जो पद से नहीं, अपने व्यवहार से लोगों के दिलों में जगह बनाते हैं…
कर्नल मानवेंद्र सिंह जसोल उन्हीं में से एक नाम हैं।
@ManvendraJasol
पश्चिमी राजस्थान के पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. जसवंत स��ंह जी जसोल व पूर्व सांसद व विधायक, मानवेन्द्र सिंह जी जसोल के बाद सबसे लोकप्रिय उभरते हुए युवा नेता शिव विधायक, प्रिय रविंद्र सिंह जी भाटी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं @RavindraBhati__