@mktyaggi टीचर के मटके से पानी पीने पर भी मौत के मिली थी बच्चे को इससे ज्यादा ओर क्या हो सकता है वैसे ये मनघडंत कहानी अच्छी लिखते हो
सोच बदलो आज भी गांवों के हालात में बदलाव नही हुआ है
भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के 11वें स्थापना दिवस पर आप सभी को खूब-खूब बधाई एवं शुभकामनाएं।
BPVM के लिए शुरुआत से लेकर आज तक मेहनत करने वाले तमाम साथियों को तहे-दिल से जोहार अभिनंदन। आप सभी के सहयोग से दक्षिणी राजस्थान सहित पूरे भील प्रदेश टेरिटरी में युवाओं को एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच मिला है।
इस मोर्चे ने आरक्षण, संवैधानिक अधिकार, आदिवासी इतिहास एवं संस्कृति और अनेक ज्वलंत मुद्दों पर कार्य किया है। पुनः विशेषकर BPVM संगठन के लिए दिल से काम करके अपनी पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में व्यस्त रहने वाले तमाम साथियों को स्थापना दिवस की खूब-खूब बधाई एवं शुभकामनाएं।
आज गुलमर्ग, कश्मीर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संबंधी संसदीय समिति की बैठक में सम्मिलित हुआ। इस दौरान J&K बैंक, ट्राईफेड और राष्ट्रीय जलविद्युत शक्ति निगम लिमिटेड (NHPC) के अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
Privileged to host Ms. Sukhgeet Kaur, Member Sec. NCTE, Sh. Harish Gautam ADE Jaipur, Sh. Jaideep Purohit CDEO, Ms. Maya Samson CBEO & district officials during their surprise visit @jnvbans today at 8 AM.
Impressed by our team spirit, student energy & PM SHRI implementation.
घाटोल (बांसवाड़ा) में असामाजिक तत्वों द्वारा अनिल भील पर हमला कर निर्मम हत्या की घटना दुःखद है। @PoliceRajasthan उक्त मामले की त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करें और पीड़ित परिवार को न्याय प्रदान किया जाए। #अनिल_भील_को_न्याय_दो@Dmbanswara@BanswaraPolice
🌟 @jnvbans, Banswara-II के विद्यार्थियों ने This Week - Exposure Visit Campaign के अंतर्गत बांसवाड़ा जिले के ऐतिहासिक स्थल – अरण्थुना का भ्रमण किया।
✨ यह विद्यार्थियों के लिए इतिहास और संस्कृति का जीवंत अनुभव रहा।
“हर अनुभव है एक नई शिक्षा”
#ExposureVisit#NVS#JNV#PMShri
आप सभी ने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से आज मेरे प्राकृतिक जन्म दिवस पर आशीर्वाद स्वरूप शुभकामनाए दी, उसके लिए आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद। आप सभी का प्रेम व आशीर्वाद ऐसे ही बरकरार रहे, धन्यवाद जोहार।
“आदिवासी तोड़ो अभियान” — यही है भाजपा का ‘विकास’ मॉडल?
*"सरकार की नजर में झोपड़ी कोई मकान नहीं, और आदिवासी कोई इंसान नहीं..."*
मध्यप्रदेश में आदिवासी भाइयों की झोपड़ियों को सरकारी बुलडोज़र से नेस्तनाबूद किया जा रहा है।
* जिन हाथों ने जंगल बचाया, उन्हीं हाथों को आज उजाड़ा जा रहा है।
* जिनके पूर्वजों ने धरती को सींचा, उनके वंशजों को आज बेघर किया जा रहा है।
* जिन्हें संविधान ने वन अधिकार दिए, उनके घर छीनना कैसा कानून?
ये केवल झोपड़ी नहीं थी — यह आशियाना था, पहचान थी, आत्मसम्मान था।
केंद्र व राज्य सरकार बताए –
* क्या आदिवासी होना अब अपराध है?
* क्या ‘आदिवासी गौरव’ केवल चुनावी नारा था?
* क्या यह "अमृतकाल" है या "उजाड़काल"?
बुलडोज़र चलाया संविधान पर,
घर गिराया इंसानियत का,
आदिवासी आज फिर बेघर है — और प्रधानमंत्री मौन हैं।
*हम चेतावनी देते हैं:-*
आदिवासियों के सब्र की परीक्षा न लें।
जिस दिन आदिवासी समाज एकजुट होकर सड़कों पर उतरा — सत्ता की नींव हिल जाएगी।
ये सिर्फ घर नहीं तोड़े गए — यह भरोसे, हक और इंसानियत पर हमला है।
हम झोपड़ी में जन्मे हैं, लेकिन झुकना नहीं जानते।
@DrMohanYadav51@CMMadhyaPradesh@minforestmp@MP_MyGov
@Bhagvatee_bhil पहले हेमंत सोरेन फ़िर कमलेश्वर डोडियार ओर अब जयकृष्ण पटेल गिरफ्तार
डर के मारे पार्टी चेंज कर दो तो दूध के धुले
वा रे कानून के दलालों
चौथा स्तंभ ही पूरी तरह से बिका हुआ है जो सच है वो भी पार्टी बदलने पर बदल जाता है बागीदौरा विधायक😂