@lucknow_index इससे झूठा मक्कार और नकारा मुख्यमंत्री कोई नही है। आओ एक दिन प्रयागराज सामने से दिखाऊंगा कि गंगा में कितना बड़ा नाला गिर रहा है वो भी बिना शोधित किये। जिस गंगा के नाम पर वोट माँगकर ये मक्कार सत्ता में आए थे आज तक उसी को साफ नहीं कर पाए तो ये गोमती को क्या साफ करेंगे।
@yadavakhilesh इन भाजपाई चोरों ने पूरा देश और प्रदेश बेचकर खा लिया। हम सभी प्रयागराज के स्थानीय निवासी है। हम रोज देख रहे है कि प्रयागराज के प्रोजेक्ट में करोड़ो का गबन हो रहा है। हर साल प्रयागराज की सड़कें बनती है लेकिन 1 बारिश भी नहीं झेल पाती। इस भ्रष्टाचार का मुखिया CM स्वयं है।
The raindrops in Prayagraj enhance its beauty just as moonlight adds charm to the Earth in the darkness. This monsoon, the beauty of Prayagraj is captivating everyone. This city is truly ethereal and glorious. The aesthetics is numerous.
The first branded hospital chain have set foot in Prayagraj. The Park medi group will construct a 500 bed super speciality hospital in Prayagraj by April 2028. The company expects to invest ₹200 crore towards construction of the facility. Medanta group is also in queue.
The awaited demand for the Salori Hetapatti Bridge has finally fulfilled. This will be the 6th bridge to be built on the river in Prayagraj. The government has performed the bhoomi pujan for this bridge. This 4-lane bridge will become a new gateway of development for Prayagraj.
@NandiGuptaBJP अपनी अंतरात्मा से पूछिए आपके जिले से कितना निर्यात हुआ? प्रयागराज के नेताओ ने प्रयागराज को दुधारू गाय की तरह दुह कर धक्का खाने के लिए छोड़ दिया। ऐसे जनप्रतिनिधियों की तो जमानत जब्त होनी चाहिए।
@kpmaurya1 आप और आपके अधिकारी लूटकर खा गए प्रयागराज को। महीने भर यही पड़े रहते हो लेकिन आपकी एक चपरासी भी नहीं सुनता। अभी तो कम जलील हुई है सरकार अभी और जलील होगी सरकार। प्रयागराज में कोई विकास नहीं केवल और केवल भ्रष्टाचार। यहाँ का पैसा दूसरे शहर भेज दिया जाता है। शर्म करिए।
महाकुंभ के नाम पर जो 1 लाख करोड़ रुपए प्रयागराज के तथाकथित ‘स्मार्ट डेवलपमेंट’ के नाम पर ख़र्च किए गए थे, ये उस महा-भष्ट्राचार का जीता-जागता और बहता-बहाता प्रमाण है।
बनाने चले थे ‘दिव्य’; लेकिन हर तरह दिख रहा है ’द्रव्य’! अब क्या इलाहाबाद का नाम फिर से बदलकर प्रयागराज से ‘जलराजनगर’ करेंगे।
भाजपाइयों ने सोचा न था कि उनके महापाप की पोल कभी धार्मिक रूप से खुलेगी, कभी प्राकृतिक रूप से। पाप की सज़ा इसी धरती पर मिलती है।
इतिहास में पढ़ाया जाता है, नदियों के किनारे शहर-सभ्यताएं विकसित हुईं, उप्र के भाजपा राज में ये तस्वीर उप्र के किसी भी शहर की हो सकती है। महत्वपूर्ण शहर नहीं मुद्दा है।
उप्र में एक मुख्यनगरी है, जहाँ भ्रष्टाचार के कारण जल-निकासी की कुव्यवस्था इतनी बदनाम हो चुकी है कि वहाँ आये-दिन सड़कें नदी बन जाती हैं। वो नगर इस तरह की बदइंतज़ामी का मॉडल बन चुका है।
तथ्य के स्तर पर बात करें तो ये स्मार्ट सिटी प्रयागराज का सबसे सभ्रांत इलाका ‘जार्ज टाउन’ बताया जा रहा है, जहाँ थाना तक जलमग्न है। देश की जनता पूछ रही है कि ये इलाका भाजपा के शहर उत्तरी के विधायक जी के तहत ही आता है या फिर ये बहकर शहर दक्षिणी के भाजपा विधायक जी के विधानसभा क्षेत्र में चला गया है। हर तरफ़ हालात ऐसे ही हैं, इसीलिए ये कन्फ़्यूज़न है।
वैसे सुना है भाजपा राज में प्रयागराज के विकास पर 1 लाख करोड़ रुपये का गोरखधंधा हुआ है।