सुनो @abp न्यूज़, मैं कोई कॉsल गर्ल या प्रॉस्टिट्यूsट नहीं हूँ.
जब भाजपा का आईटी सेल मेरा हौसला नहीं तोड़ पाया तो तुम जैसे गोदी मीडिया को कमान सौंप दी?
पहले भाजपा के नेता बेटियों की इज्जत ख़राब करते थे, अब तुम लोग भी बेटियों की इज्जत लूटोगे? इतनी हिम्मत? इतनी बेशर्मी? ये बात यहीं खत्म नहीं होगी @abp
बेटियों का सम्मान तुम लोगों के लिए खेल का सामान हो गया है?
@narendramodi@NCWIndia
पहले किसी लड़की को ‘कॉल गर्ल’ और ‘प्रॉस्टिट्यूट’ बोलो, न्यूज़ चलाओ; जब विरोध किया जाये तो ‘सॉरी’ बोल दो! तमाशा बना दिये हो?
तुम्हारी इस ‘फेक न्यूज़’ और बड़ी दलाली पाने की कोशिश ने मेरी क्या मानसिक हालत कर दी है इसका अंदाज़ा है तुमको?
कोर्ट में मुलाक़ात होगी. मुझे न्याय चाहिये माफ़ी नहीं.
@ABPNews
I’ve just reached London
It’s time the world sees the reality of vote chor and murderer of democracy.
International danka bajane ka time aa gaya hai
Join the protest tomorrow in front of Mahatma Gandhi’s statue in parliament square at 12pm if you’re here
Jai Hind 🇮🇳
अगर ये बयान कांग्रेस या किसी विपक्ष के नेता या मुस्लिम समाज के व्यक्ति ने दिया होता तो अब तक तो उस पर देशद्रोह का ठप्पा और मुक़दमा लग चुका होता
मदन राठौर भाजपा से है तो इनको अधिकार है ये सब बोलने और कहने का
आशुतोष रांका और सौरव दास को पाँच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उससे पहले पूरे दिन और पूरी रात उन्हें पुलिस की हिरासत में रखा गया। सरकार के पास लगता है जेल का डर ही आख़िरी डर बच गया है। जंतर मंतर पर तिरंगा फहराने के सांकेतिक प्रदर्शन से दिल्ली की शांति भंग नहीं हुई थी। दिल्ली पूरे दिन जैसी चलनी थी, उसी तरह से चल रही थी। इनकी वजह से कहीं ट्रैफिक जाम नहीं लगा, जहाँ लगना था, पहले से लगता रहा है। इस तरह की गिरफ्तारी का मतलब है कि सरकार अब यह आज़माना चाहती है कि वह जेल भेजेगी, कोई क्या कर लेगा। उमर ख़ालिद की तरह अब जेन ज़ी युवाओं को सबक सिखाया जा रहा है। बिना ट्रायल के छह साल से भी अधिक समय तक जेल में डालने की शुरूआत हो गई है। लेकिन इन युवाओं ने भी हर बार कहा है कि उन्हें जेल का डर नहीं लगता है। लेकिन बात उनके डरने की नहीं है, सरकार को जेल के डर के अलावा कुछ आता नहीं। यह सौरव और आशुतोष की गिरफ्तारी नहीं है, उस जेन ज़ी को डराने की घोषणा है जिसके लिए रात ग्यारह बजे जागने की कोशिश उसी वक्त फेल हो गई थी। सरकार सभी आंदोलनों को एक साथ एक जगह जमा होने का रास्ता बना रही है।
इतना सब करने के बजाए बैक डोर से जल्दी जल्दी वोटर का नाम जोड़ने में लगी सरकार को समझना चाहिए कि वोट चोरी की करतूत पर बजाज का बल्ब जल गया था। बल्ब की रौशनी में रज़ाई के नीचे कहानी पढ़ने वाला बच्चा जेन ज़ी बन गया है। बहुत दुखद है ।
बड़ी खबर - सूत्रों के अनुसार पुलिस FIR दर्ज करने तैयार नहीं है। DCP ने कहा है कि मुझे 24 घंटे का टाइम दीजिए।
NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ कल अपने कार्यकर्ताओं पर हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए संसद मार्ग थाने पर डंटे हुए हैं।
Hello @DelhiPolice,
Can you tell the people of India, how much taxpayer money are you wasting on doing illegal surveillance on me?
Just give a rough estimate :)
अपनी जाति के छात्रों के अनुपात में उसी जाति के शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाए!इससे सारे शिक्षक अपनी जाति के बच्चों को बढ़िया पढ़ाएंगे और समाजों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी।कुछ जातियों के बेईमान लोग ज्यादा शिक्षक बन गए और वो दलित छात्रों को पढ़ाते ही नहीं है। @Aamitabh2
A Hindu brother from the Jat Samaj has delivered a powerful reply to the casteist bigots within the Jat Samaj, a reply that lands like a hard slap across the face of casteist Jats. It is a fearless rejection of caste arrogance.
Say no to casteism.
Say no to caste pride.
Stay Hindu. Stay Sanatani.
IIT बॉम्बे की घटना पर कुछ लोग तर्क दे रहे हैं कि आत्महत्या तो दूसरे छात्र भी करते हैं, फिर इसमें जाति की बात क्यों?
ये कैसा तर्क है? कल को किसी की हत्या हो जाए तो क्या ये कहेंगे कि लोग रोज़ सड़क हादसों में भी मरते हैं, फिर एक हत्या पर इतना सवाल क्यों?
सवाल सिर्फ़ मौत का नहीं, उन परिस्थितियों का भी है जो किसी को मौत तक ले गईं। अगर जातिगत अपमान और भेदभाव के आरोप हैं तो उनकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। दूसरी आत्महत्याओं की गिनती बताकर इन सवालों को दबाया नहीं जा सकता।
और कुछ कथित मेनस्ट्रीम मीडिया - नहीं, मनुवादी मीडिया के पत्रकार ये दिखाना चाहते हैं कि वहाँ के बच्चे बता रहे हैं कि IIT में कोई जातिवाद नहीं होता।
तो उनसे बस एक बात कहनी है - जो जाति-व्यवस्था के शीर्ष पर बैठा है, उसे जातिवाद दिखाई ही कहाँ देता है? उसे तो लगता है कि सब ठीक ही चल रहा है।
बहुत ग़लत बात है।
एक छात्र जो अपना जीवन ख़त्म कर चुका है।
उसके लिए परीक्षा में चीटिंग करने की ग़लत खबर आपने फैला दी।
पूरा मीडिया उसी Fake News को दिखा रहा है।
अब बेशर्मों की तरह माफ़ी माँग रहे हो!👎
लो मनुवादियों, IIT Bombay ने ग़लती स्वीकार की है, चीटिंग वाली फेक घटना को जानबूझकर लाया गया था, 🔥🔥
उस जातिवादी प्रोफेसर की जिंदगी नर्क कर दो, IIT Bombay के एग्जाम हॉल में CCTV लगे होते हैं, उसके फुटेज सार्वजनिक होना चाहिए,
3 महीने से दलित छात्र को जाति आधार पर टारगेट किया था, वह यह प्रताड़ना झेल नहीं पाया। UGC बिल इसलिए जरूरी है।
@iitbombay@iitdelhi
यह सिर्फ किसी एक IIT में नहीं, कई परिसरों में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं. अन्य शीर्ष संस्थानों में भी ऐसा हुआ है..ये आत्महत्याएं हैं या 'हत्याएं'? वंचित समुदाय के छात्र ही निशाने पर क्यों? दसेक साल में ऐसी घटनाएं बहुत बढ़ी हैं! फिर इनकी व्यापक पड़ताल और असलियत सामने लाने के लिए एक नेशनल कमीशन क्यों नहीं बनता, जिसकी अध्यक्षता वंचित समाज की पृष्ठभूमि से आया कोई गणमान्य बुद्धिजीवी या सेवानिवृत्त जज करे! आयोग में अध्यक्ष के अलावा अन्य वर्गों से आये गणमान्य और समर्थ लोगों को शामिल किया जा सकता है!
https://t.co/buLR7JtLkU
आईआईटी बॉम्बे में दलित छात्र के समर्थन में 400 छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्या आपको लगता है कि ये 400 छात्र सिर्फ दलित हैं? इनमें OBC, EWS कैटेगरी के छात्र भी है।
अगर वास्तव में उस छात्र पर लगाए गए आरोप सही होते, तो क्या इतने छात्र उसके समर्थन में प्रदर्शन करने आते?
इसलिए झूठ फैलाना बंद करें। सच्चाई का सामना करें क्योंकि यह मानना पड़ेगा कि आज भी द्रोणाचार्य जिंदा है।