अखिलेश यादव जी और टिन्नू यादव
के बीच फोन पर 980 बार
बात करने वाला झूठ फैलाने
वाले अब माफ़ी मांग रहे हैं!
ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ दंडात्मक कार्रवाई करना जरूरी है ताकि कोई दूसरा व्यक्ति इस तरह का झूठ फैलाने से पहले 1000 बार सोचे।
लगातार सोनम वांगचुक सर की तबियत बिगड़ रही है,
पर सोई हुई सरकार को कोई मतलब नहीं है,
क्या ये लोग नहीं चाहते कि देश की शिक्षा व्यवस्था सही हो,
आप अपना समर्थन कमेंट के माध्यम से ज़रूर करिए।
पहले भरोसा रहता था कि कम से कम उद्घाटन तक सड़क टिक जाएगी अब तो बनते-बनते ही सेफ्टी वॉल टूटने लगी है।
करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट ,लेकिन पहली ही बारिश में निर्माण की गुणव��्ता पर सवाल खड़े हो जाते हैं। और सबसे दुख की बात यह है कि इन सवालों से न ठेकेदारों को कोई फर्क पड़ता है, न जिम्मेदार अधिकारियों को और न ही नेताओं को।
ठेकेदार बच जाएगा, फाइलों पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी बच जाएंगे, और बचाव में कोई न कोई नेता यह कह देगा कि सड़कें बनती हैं तो टूटती भी हैं
अगर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी पहली बारिश नहीं झेल पा रहा, तो जवाबदेही किसकी तय होगी?
टैक्स जनता देत��� है, जोखिम भी जनता उठाती है... फिर जवाबदेही से हर बार बच कौन जाता है?
देश के सरकारी शिक्षा तंत्र में हर दिन आ रही ऐसी गिरावट किसी बड़े नीतिगत संकट से कम नहीं है, जहाँ बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के बजाय व्यवस्था लगातार सुस���त पड़ती जा रही है। इस बदहाली के बीच उत्तर प्रदेश के आंकड़े सबसे ज्यादा चिंताजनक हैं, जहाँ पिछले सत्र में बिना किसी दाखिले वाले स्कूलों की संख्या केवल 81 थी, जो इस नए सत्र में लगभग चार गुना बढ़कर 313 तक पहुँच चुकी है।
प्रशासनिक विफलता की पराकाष्ठा देखिए कि इन 313 स्कूलों में एक भी छात्र मौजूद नहीं है, लेकिन इसके बावजूद वहाँ 177 शिक्षकों को कागजों पर तैनात रखा गया है।
पूरे देश में पिछले 10 वर्षों में 94 हजार से अधिक सरकारी स्कूल हमेशा के लिए बंद हो गए यानि औसतन हर दिन 25 सरकारी स्कूलों पर ताले लगाए गए।
केवल पिछले एक वर्ष के भीतर ही देश भर में 4,791 सरकारी स्कूल बंद हुए हैं, जिनमें से आधे से अधिक यानी 2,426 स्कूल अकेले मध्य प्रदेश के हैं। इसके अलावा तेलंगाना में 1392, पश्चिम बंगाल में 568, आंध्र प्रदेश में 474, तमिलनाडु में 369, कर्नाटक में 281 और हिमाचल प्रदेश में 266 स्कूलों को बंद करना पड़ा है।
इस गिरती व्यवस्था ने सरकारी शिक्षा से आम जनता का भरोसा इस कदर तोड़ा है कि पिछले 2 वर्षों में सरकारी स्कूलों का नामांकन 12.75 करोड़ से घटकर 11.89 करोड़ रह गया, जिसके चलते मजबूरन 88 लाख से अधिक बच्चों को प्राइवेट स्कूलों का रुख करना पड़ा।
देश भर में आज 5,663 स्कूल ऐसे हैं जहाँ एक भी छात्र नहीं है, पर 20,667 शिक्षक वहाँ नियुक्त हैं। यहाँ तक कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहाँ पिछले सत्र में एक भी स्कूल शून्य नामांकन वाला नहीं था, वहीं इस नए सत्र में 149 ऐसे स्कूल हैं जो शून्य नामांकन वाले हैं और इन स्कूलों में 140 शिक्षक कार्यरत हैं।
जब तक सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, जवाबदेही और गुणवत्ता पर ज़मीनी स्तर पर गंभीर काम नहीं होगा, तब तक कागज़ी विकास और 'स्मार्ट एजुकेशन' के बड़े-बड़े दावे सिर्फ एक छलावा साबित होंगे। सत्ता के शीर्ष पर बैठे ज़िम्मेदार नेतृत्व को देश के नौनिहालों के भविष्य से जुड़े इस नीतिगत संकट और प्रशासनिक अकर्मण्यता पर जवाब देना होगा!
#EducationCrisis #SchoolSystem #EducationSystem
जिस घपले-घोटाले की सज़ा शिक्षामंत्री को मिलनी चाहिए उस��ी सज़ा शिक्षक को क्यों दी जा रही है।
भाजपा अपनी कमियों, कमज़ोरियों और भ्रष्टाचार के लिए हमेशा ही किसी और को निशाना बनाती है। कभी ‘दानाजीवी’ तथाकथित पत्रकारों से मीडियाबाज़ी करवाकर शिक्षा से जुड़े ��ूट्यूबर्स पर बेबुनियाद आरोप लगवाती है और कभी उनके शैक्षिक संस्थान बंद करवाती है। इसके लिए भाजपा संस्थान के भवनों के अवैध निर्माण का बहाना बनाती है। अगर कोई अवैध निर्माण हुआ है तो हम ‘प्रयागराज विकास प्राधिकरण’ के उन सभी अधिकारियों के निलंबन और उनसे वसूली की माँग करते हैं, जिनके समय में ये निर्माण हुआ या फिर जिन्होंने आज तक उस पर आपत्ति नहीं की। 24 घंटे में इस कार्रवाई की रिपोर्ट जनता के साम��े रखी जाए।
भाजपा शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों की विरोधी है। देश के इतिहास में अब ये पहली बार होगा कि शिक्षा के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा। प्राइमरी के सरकारी स्कूलों को बंद करने; यूनिफ़ॉर्म, स्टेशनरी, मिड-डे मील जैसे घोटालों से लेकर कॉपी की हेराफेरी व भ्रष्ट-मूल्यांकन, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण की हक़मारी, हर संभव परीक्षा धांधली, रिजल्ट में बेईमानी व कोर्ट में परिणाम फँसाने की भाजपाई चालबाज़ी जैसे विषयों पर चुनाव होगा और जनता भाजपा को हमेशा के लिए बाहर कर देगी।
रोज़गार और अपना हक मांगते युवाओं को 'कॉकरोच' समझना सत्ता के अहंकार की सबसे बड़ी भूल साबित हो रही है। बिना कोई चुनाव लड़े महज़ 5-6 दिनों में 1 करोड़ (10 मिलियन) फॉलोअर्स ��र हर घंटे जुड़ते लाखों युवा!
'Cockroach Janta Party' (CJP) कोई इंटरनेट का मज़ाक या मीम नहीं है, बल्कि यह पेपर लीक, बेरोज़गारी और 'सिस्टम फेलियर' के खिलाफ देश के युवाओं का अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल विद्रोह है। जब व्यवस्था बहरी हो जाए और सवालों को कुचला जाने लगे, तो Gen-Z का गुस्सा इसी तरह व्यवस्था की जड़ों पर चोट करता है। यह महज़ एक ट्रेंड नहीं, देश की राजनीति में एक बहुत बड़े बदलाव की आहट है!
#CockroachJantaParty #CJP #SystemFailure #YouthPower #Unemployment #GenZ
आज 23 मई को पूरा देश भारत की महान बेटी बछेंद्री पाल जी के अदम्य साहस को सलाम कर रहा है। आज ही के दिन 1984 में, उन्होंने बर्फीले तूफानों और हर कठिन चुनौती को पार करते हुए माउंट एवरेस्ट के शिखर पर भारत का तिरंगा शान से लहराया था। ऐसा करने वाली वे देश की पहली महिला पर्वतारोही बनीं।
उनका यह सफर सिर्फ एक पहाड़ की च���़ाई नहीं, बल्कि समाज की रूढ़िवादी सोच पर जीत का प्रतीक है। बछेंद्री जी का जीवन हमें सिखाता है कि यदि इरादे फौलादी हों, तो बड़े से बड़ा संकट भी आपके कदम नहीं रोक सकता।
'एवरेस्ट फतेह दिवस' के इस ऐतिहासिक और गौरवशाली अवसर पर नारी शक्ति के इस जीवंत प्रतीक को हमारा कोटि-कोटि नमन। आप युगों-युगों तक युवाओं को प्रेरित करती रहेंगी! 🇮🇳
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SSC GD परीक्षा-2026 में 13-13 लाख रुपए की डील और अलग-अलग राज्यों में हाईटेक सॉल्वर गैंग का जो भंडाफोड़ हुआ है, वह सिर्फ एक खबर नहीं है, यह दिन-रात एक करके पसीना बहाने वाले हमारे लाखों युवाओं के भविष्य की सरेआम हत्या है।
क्या हमारा पूरा सिस्टम इतना लाचार और पंगु हो चुका है कि देश में एक पारदर्शी परीक्षा कराना भी अब इसके बस में नहीं रहा
पेपर लीक और माफियाओं पर नकेल कसने के लिए जो बड़े-बड़े और कड़े कानून बनाए गए थे, क्या वे सिर्फ कागजी और हवाई साबित हो रहे हैं, क्या इन शिक्षा के दलालों में व्यवस्था और कानून का 1% भी खौफ नहीं बचा है,
यह बेहद शर्मनाक और पीड़ादायक है कि जहाँ एक गरीब मजदूर और किसान का बच्चा अपनी नींद और जवानी दांव पर लगा रहा है, वहीं ये पेपर माफिया सिस्टम को अपनी जेब में रखकर खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसी खोखली व्यवस्था किसी काम की नहीं जो एक पारदर्शी परीक्षा तक ना करा सके
शिक्षा मंत्र�� और सरकार को जवाब देना पड़ेगा कि आखिर कब तक पेपर लीक और परीक्षा में धांधली को लेकर लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ होता रहेगा...
#sscgd #paperleak #educationminister #ssc #neet
उत्तर प्रदेश लेखपाल परीक्षा 44 जनपदों के 861 केंद्रों पर हुई परीक्षा में शामिल 3 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की सालों की मेहनत और उनके भविष्य का सवाल है! आज आप सब ने मिलकर जो #UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK का मुहिम ट्विटर पर चलाया और नंबर वन पर ट्रेंड कराया है यह आपकी एकजुटता की ताकत को दिखाता है पर हमें अभी यही नहीं रुकना है हमें फिर से इसी जोश के साथ कल यानी 25 मई को सुबह 11 बजे #LEKHPAL_EXAM_INVESTIGATION इस हैशटैग के साथ हमें फिर से कल ट्विटर पर ट्वीट करना है और इसे नंबर वन ट्रेंड कराना है और बहरी हो चुकी सरकार और यूपी UPSSSC आयोग के कानो में अपनी आवाज को पहुंचाना है क्योंकि आयोग अभी भी पेपर लीक और धांधली को भ्रामक एवं असत्य मान ��हा है इसलिए जब तक निष्पक्ष तरीके से जांच नहीं होगी तब तक यह नहीं पता चलेगा कि इस पेपर लीक और धांधली मे कितने सेंटर और नकल माफिया शामिल है कल आप सब ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुड़कर सुबह 11:00 बजे इस #LEKHPAL_EXAM_INVESTIGATION के साथ ज्यादा से ज्यादा ट्विटर पर ट्वीट करें
#lekhpalexamleak #upsssclekhpal #paperleak
आयोग की लापरवाही और लचर व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से एक महत्वपूर्ण परीक्षा संदेह के घेरे में आ चुकी है!
लेखपाल भर्ती परीक्षा में जिस तरह से अव्यवस्थाओं और धांधली की खबरें सामने आई हैं, वह सिस्टम की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है। जिन होनहार युवाओं ने अपने जीवन के कीमती वर्ष और अपना सर्वस्व इस परीक्षा की तैयारी में न्योछावर कर दिया, आज वे सड़क पर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। गरीब माता-पिता की गाढ़ी कमाई और 3 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को इस तरह शिक्षा और नकल माफियाओं की भेंट नहीं चढ़ने दिया जा सकता।
आयोग और राज्य सरकार से पुरजोर मांग हैं कि वे इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लें। लीपापोती करने या इसे भ्रामक बताने के बजाय, आवश्यक और सख्त कार्यवाही करते हुए एक पारदर्शी, उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए जाएं।
#Lekhpal_Exam_Investigation
यह सिर्फ एक पेपर लीक नहीं, लाखों सपनों की हत्या है।
✅ भर्ती में धांधली
✅ दोषियों पर कार्रवाई नहीं
✅ सिस्टम में लूपहोल
कब तक यही चलता रहेगा?
छात्रों को न्याय दो 👈
#LEKHPAL_EXAM_INVESTIGATION#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK