કેન્દ્રીય શ્રમ, રોજગાર અને રમતગમત મંત્રી તેમજ પોરબંદર લોકસભા બેઠકના લોકલાડીલા સાંસદ ડૉ. મનસુખભાઈ માંડવીયાને જન્મ દિવસની હાર્દિક શુભકામનાઓ.
ઈશ્વર આપને ઉત્તમ સ્વાસ્થ્ય અને લાંબુ આયુષ્ય આપે તેવી પ્રાર્થના.
@mansukhmandviya
ઉમરેઠ વિધાનસભા પેટા ચૂંટણી માટે ભારતીય જનતા પાર્ટીના ઉમેદવાર શ્રી હર્ષદભાઈ પરમારે ઉમેદવારી નોંધાવી તે પ્રસંગે તેમની સાથે ઉપસ્થિત રહીને ચૂંટણીમાં યશસ્વી વિજયની શુભકામનાઓ પાઠવી.
ઉમરેઠની જનતામાં ભારતીય જનતા પાર્ટી અને શ્રી હર્ષદભાઈ પ્રત્યે આત્મીયતાની લાગણી છે. તેઓ વિકાસની રાજનીતિને સમર્થન આપીને શ્રી હર્ષદભાઈને જ્વલંત વિજય અપાવશે.
इस बार देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। आज उनसे संवाद कर अत्यंत प्रसन्नता हुई है।
अटल जी शिक्षा को राष्ट्र की उन्नति और सामाजिक समरसता का मजबूत माध्यम मानते थे।
अटल जी की स्मृति में हरियाणा में 250 अटल पुस्तकालय जनता को समर्पित किए गए हैं। ज्ञान, विज्ञान, दर्शन और साहित्य की पुस्तकों व रीडिंग हॉल की सुविधाओं से युक्त ये पुस्तकालय प्रदेश के युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे।
From discussion to direction.
Summed up the Crime Conference in Gandhinagar with police officials.
Focused on modern policing, stronger community engagement, and teamwork for safer, smarter public service.
वीर बाल दिवस- (२६ दिसम्बर)
भारतीय इतिहास में कुछ घटनाएँ ऐसी हैं जो केवल अतीत का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गयी हैं। देशभर में 21 दिसम्बर से 27 दिसम्बर ‘वीर बाल सप्ताह' के रूप में मनाया जाता है। इन सात दिनों में ‘दसवें सिख गुरु, श्री गुरु गोविन्द सिंह जी’ के पूरे परिवार के धर्म, सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा हेतु किए गए सर्वस्व बलिदान को याद किया जाता है। यह बलिदान न केवल सिख समाज बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए अद्वितीय उदाहरण है।
17वीं शताब्दी के अन्त में भारत में मुग़ल शासन का अत्याचार अपने चरम पर था। जबरन धर्म परिवर्तन, अन्याय और अत्याचार आम हो चुके थे। गुरु गोविन्द सिंह जी ने ऐसे समय में “खालसा पंथ” की स्थापना कर लोगों को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का साहस दिया। यही कारण था कि मुग़ल शासक और पहाड़ी राजा गुरु जी के विरोधी बन गए।
1704 ई. में मुग़ल सेना और पहाड़ी राजाओं ने “आनन्दपुर साहिब” को चारों ओर से घेर लिया। महीनों तक चले इस घेराव में भोजन और पानी की भारी कमी हो गई। अन्त में धोखे से दिए गए वचनों पर विश्वास कर गुरु जी ने आनन्दपुर छोड़ा। इसी दौरान “सरसा नदी” पार करते समय गुरु जी का परिवार बिखर गया।
“21 और 22 दिसम्बर 1705” को ‘चमकौर साहिब’ में गुरु गोविन्द सिंह जी और उनके कुछ सिखों को मुग़ल सेना ने घेर लिया। संख्या में बहुत कम होने के बावजूद सिखों ने अद्भुत वीरता दिखाई।
इस युद्ध में गुरु जी के दो बड़े पुत्र— “साहिबज़ादा अजीत सिंह जी” और “साहिबज़ादा जुझार सिंह जी” ने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए युद्ध किया और वीरगति को प्राप्त हुए। उनके बलिदान ने यह सिद्ध कर दिया कि, आयु से नहीं बल्कि साहस और विश्वास से महानता प्राप्त होती है।
गुरु जी के दो छोटे पुत्र साहिबज़ादा ज़ोरावर सिंह जी जिनकी आयु लगभग 9 वर्ष की थी और साहिबज़ादा फ़तेह सिंह जी जिनकी आयु लगभग 7 वर्ष की थी दोनों ही अपनी ‘दादी माता गुजरी जी’ के साथ थे। उन्हें पकड़कर ‘सरहिन्द’ ले जाया गया और वहाँ ठंडे बुर्ज में बंद कर दिया गया। बच्चों को डराया गया और धर्म बदलने का दबाव डाला गया लेकिन उन्होंने अपने धर्म और विश्वास को नहीं छोड़ा।
26 दिसम्बर का दिन सिख इतिहास का सबसे हृदयविदारक दिन माना जाता है। छोटे साहिबज़ादों ने अत्याचार के सामने झुकने से इंकार कर दिया। परिणामस्वरूप, उन्हें कठोर दंड दिया गया और वे धर्म की रक्षा करते हुए बलिदान हो गए।
उनका यह बलिदान यह सन्देश देता है कि, सच्चे विश्वास के सामने भय का कोई स्थान नहीं।
अपने पोतों की बलिदान का समाचार सुनकर गुरु गोविन्द जी की माता गुजरी जी ने भी उसी समय प्राण त्याग दिए। उनका बलिदान त्याग, धैर्य और मातृत्व की सर्वोच्च प्रमाण है।
‘वीर बाल दिवस’ हमें कई महत्वपूर्ण शिक्षाएँ देता है:
1. सत्य और धर्म की रक्षा सबसे बड़ा कर्तव्य है।
2. अन्याय के सामने झुकना कायरता है।
3. आयु या संख्या बल नहीं बल्कि साहस और विश्वास मायने रखते हैं।
4. बलिदान से ही समाज और राष्ट्र का निर्माण होता है।
#VeerBaalDiwas
देशवासियों के हृदय में बसे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सुशासन और राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिया। वे एक प्रखर वक्ता के साथ-साथ ओजस्वी कवि के रूप में भी सदैव स्मरणीय रहेंगे। उनका व्यक्तित्व, कृतित्व और नेतृत्व देश के चहुंमुखी विकास के लिए पथ-प्रदर्शक बना रहेगा।
જેને ઉડવું હો વીંઝીને પાંખો,
આભ એને ઓછા પડે !
ગુજરાતની દીકરી એ નાસા જેવી ખૂબ કઠિન કહેવાતી એવી પરીક્ષા પાસ કરીને ગુજરાત અને ભારતને ગૌરવ અપાવ્યું છે. દીકરી, સૌ ગુજરાતવાસીઓને તારા પર ગર્વ છે.
माननीय प्रधानमंत्री जी शुभकामना संदेश में आपने जो मेरे प्रति उद्गार प्रकट किए हैं, उसने मेरे हृदय को छू लिया है। इससे मुझे आगे और अधिक ऊर्जा से काम करने का आत्मविश्वास मिलेगा। मैं हृदय से आपको प्रणाम करता हूं और आपका आभार व्यक्त करता हूं।
@narendramodi@PMOIndia
બોલ માડી અંબે, જય જય અંબે 🚩
ભારતીય જનતા પાર્ટી - ગાંધીનગર મહાનગર દ્વારા મા અંબાના દર્શને જતા પદયાત્રીઓ માટે શરૂ કરાયેલા સેવા કેમ્પમાં ઉપસ્થિત રહીને અનન્ય સેવાના સાક્ષી બનવાનું સૌભાગ્ય મળ્યું.
આ કેમ્પમાં રાત્રી રોકાણ, મેડીકલ સુવિધા, રેડીયમ સ્ટીકર, ચા- કોફી , સુકો નાસ્તો અને ગરમ નાસ્તાની સગવડ ૨૪×૭ કલાક સેવા આપવામાં આવી રહી છે. (1/2)
બિહારમાં કોંગ્રેસ અને આરજેડી ના મંચ પરથી આદરણીય પ્રધાનમંત્રી શ્રી @NarendraModi અને તેમના સ્વર્ગીય માતૃશ્રી માટે કરવામાં આવેલ અભદ્ર ભાષાપ્રયોગને હું સખત શબ્દોમાં વખોડું છું. રાહુલ ગાંધીના નેતૃત્વમાં કોંગ્રેસની માનસિકતા કેટલા નીચલા સ્તરે ઉતરી ગઈ છે, તે આ અશોભનીય શબ્દોથી દેશ સમક્ષ છતું થઇ ગયું છે.
કેન્દ્રશાસિત પ્રદેશ પુડુચેરી ખાતે લેફ્ટનન્ટ ગવર્નર શ્રી,કે.કૈલાસનાથનજીની રાજનિવાસ ખાતે શુભેચ્છા મુલાકાત થઇ.
તેઓએ લાંબા સમય સુધી ગુજરાતના સનદી અધિકારી(IAS)તરીકે મુખ્યમંત્રી શ્રીના મુખ્ય અગ્ર સચિવની સેવા આપી હતી તે દરમિયાનના અનેક સંસ્મરણોને યાદ કર્યા.
@LGov_Puducherry