🚨 CJP प्रदर्शनकारी का असली चेहरा!
सेना और दिल्ली पुलिस को गाली दे रहा था ये शख्स।
जब बजरंग दल ने उसे पकड़कर उसके घर पहुँचाया, तो पता चला उसका बूढ़ा विकलांग पिता घर पर है।
पिता और बेटा दोनों माफी माँगने लगे।
सोचो घर की जिम्मेदारी निभाने की बजाय ये सड़कों पर घूमकर देश की सेना को गाली देता फिरता है। क्रांति करना चाह रहा है 😅😅
ये है CJP वाले “छात्र आंदोलन” की असली हकीकत!
#CJPExposed #BajrangDal #NationalSecurity
नसरुद्दीन अपनी असली औकात मे आ गया 🐷
इसे इलाज की जरूरत हे।
बताओ यह लोग ऐसे हि धमकी भरे वीडियो बनाते हैँ
और सरकार इनका कुछ कर भी नही पाती ...
क्या है यह कौन है ये कोई बड़ा क्रांतिकारी है ❓
देश की आज़ादी मे इसका कोई योगदान था ❓
याद रख या लिख के रख 🔔 फरक नही पड़ना।
🤣🤣🤣
खुदा की कसम दिल्ली पुलिस को काट दुंगा
क्या ये कहीं से NEET का छात्र लगता है आपको
और क्या ये छात्र आंदोलन है, धर्मेंद्र प्रधान के
इस्तीफे की बात रही नहीं अब तो मार काट पर
उतर आए हैं ये तो शांतिपूर्ण आंदोलन घंटा
Ask any of these Communist students anything and they get agitated, they start pushing the journalists, start shouting ‘Godi Media, Godi Media’, they won’t answer the questions or put forward their demands. Instantly they start abusing Modi Ji which makes it clear that it’s a paid, orchestrated regime change movement.
Hindus and the deities are targeted and insulted, abuses are hurled at the Hon’ble Prime Minister who has given his everything to steer this country out of darkness. In the past 12 years he has transformed the country into a self sustained power house. We know who all are behind this conspiracy, they will not succeed.
Credit : NMF News.
LIVE डिबेट में सुधांशु त्रिवेदी का राजीव राय पर तीखा हमला — पॉइंट टू पॉइंट
• राहुल राय ने कहा कि यदि राजीव राय के अनुसार किसी व्यक्ति के साथ मारपीट हो रही थी, तो वे उसे बचाने के बजाय वीडियो बनाने में व्यस्त थे।
• सवाल उठाया गया कि यदि कोई सांसद घटनास्थल पर मौजूद था, तो उसकी प्राथमिकता वीडियो रिकॉर्ड करना थी या पीड़ित की मदद करना।
• बहस के दौरान कहा गया कि राजीव राय ने स्वयं स्वीकार किया कि उन्होंने वीडियो बनाया था, जिसके आधार पर उनके दावों पर सवाल उठाए गए।
• संसद में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के बीच अचानक "खामनेई को श्रद्धांजलि" का मुद्दा उठाने पर भी सवाल किए गए।
• तर्क दिया गया कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था की चर्चा के दौरान ईरान के आंतरिक धार्मिक नेतृत्व का विषय प्रासंगिक नहीं था।
• राहुल राय ने कहा कि भारत सरकार का आधिकारिक प्रोटोकॉल केवल किसी देश के Head of State (राष्ट्राध्यक्ष) के लिए होता है।
• उदाहरण देते हुए कहा गया कि ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के निधन पर भारत सरकार ने आधिकारिक शोक व्यक्त किया था, क्योंकि वे राष्ट्राध्यक्ष थे।
• इसी आधार पर कहा गया कि किसी अन्य आंतरिक धार्मिक या राजनीतिक पदाधिकारी के लिए संसद में वैसा प्रोटोकॉल लागू नहीं होता।
• इसके बाद चर्चा NEET परीक्षा पर पहुंची।
• राहुल राय ने दावा किया कि NEET लागू होने से पहले निजी मेडिकल कॉलेजों में भारी रकम लेकर MBBS और PG सीटें दी जाती थीं।
• उनका कहना था कि NEET ने सामान्य और मध्यमवर्गीय छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ाए।
• उन्होंने आरोप लगाया कि NEET व्यवस्था आने के बाद निजी कॉलेजों की मनमानी पर रोक लगी, जिससे कुछ लोगों के आर्थिक हित प्रभावित हुए।
• पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस मामले में चुनौती परीक्षा केंद्र से नहीं, बल्कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी थी।
• उन्होंने कहा कि सरकार तकनीकी उपायों के माध्यम से प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है।
• अंत में राहुल राय ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और मेरिट आधारित बनाने के लिए लगातार सुधार आवश्यक हैं।
#NEET #Education #Politics #India #Debate
@SudhanshuTrived@BJP4India@yadavakhilesh@samajwadiparty
Before NEET was introduced, admissions to private medical colleges were effectively sold. MBBS seats would cost anywhere between ₹20–50 lakh, while postgraduate seats could cost up to ₹1 crore. After NEET was introduced, that system came to an end...-@SudhanshuTrived
Dharmendra Pradhan cannot claim credit for introducing NEET. He must, however, take responsibility for what has happened under his tenure...-@priyankac19
Watch @TheNewshour with @Navikakumar.