इंटरनेशनल डंका बजता हुआ,
जलता दहलता मणिपुर छोड़कर भारत
के पत्रकार इजरायल युद्ध कवर करने
गए है,
बाकी आप वीडियो में सुनिए.
Fake New Production centre is India...
यह BJP शिरोमणि राष्ट्रीय महासचिव @blsanthosh हैं
बता रहे हैं पंडित नेहरू ने संसद में सावरकर की मौत पर श्रद्धांजलि नहीं होने दी थी
पंडित नेहरू का देहांत 1964 में हो गया था और सावरकर की मृत्यु 1966 में हुई
क्या ज़बरदस्त पॉवर थी नेहरू की!
हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !
सरस्वती नगर, जिला परिषद वार्ड 10 से पंचायत चुनाव में हिमाचल प्रदेश सेवादल यंग ब्रिगेड की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री नेहा मेहता जी को शानदार विजय प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं।
जय हिंद। 🇮🇳
@SevadalHMP
हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !
सरस्वती नगर, जिला परिषद वार्ड 10 से पंचायत चुनाव में हिमाचल प्रदेश सेवादल यंग ब्रिगेड की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री नेहा मेहता जी को शानदार विजय प्राप्त करने पर को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं।
यह जीत जनता के विश्वास, समर्पण और जनसेवा के प्रति आपकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कांग्रेस पार्टी को विश्वास है कि आपके नेतृत्व में क्षेत्र विकास, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के हितों को नई दिशा मिलेगी।
जय हिंद। 🇮🇳
हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएं! 🌺
सरस्वती नगर, जिला परिषद वार्ड-10 से पंचायत चुनाव में उल्लेखनीय विजय प्राप्त करने पर हिमाचल प्रदेश सेवादल यंग ब्रिगेड की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री नेहा मेहता जी को हार्दिक बधाई।
यह जीत आपके संघर्ष, समर्पण और जनता के बीच बनाए गए विश्वास की जीत है। हमें विश्वास है कि आप जनसेवा की भावना के साथ क्षेत्र में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण के नए आयाम स्थापित करेंगी।
उज्ज्वल, सफल एवं जनहितकारी कार्यकाल के लिए ढेरों शुभकामनाएं।
जय हिंद। 🇮🇳
पंचायत चुनावों में आस-पड़ोस और रिश्तेदारों की भूमिका बहुत अहम रहती है। खुशी की बात है कि 2400 स्थानों पर कांग्रेस समर्थित प्रधानों ने जीत हासिल की है। हमारे 2300 उप-प्रधान भी जीतकर आए हैं।
यह शानदार जीत हिमाचल प्रदेश की जनता के विश्वास और समर्थन का परिणाम है। प्रदेशवासियों ने हमारी जनकल्याणकारी नीतियों पर अपनी मुहर लगाते हुए कांग्रेस के प्रति अपना भरोसा एक बार फिर जताया है।
इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय हिमाचल प्रदेश के लोगों को जाता है।
जेबकतरों से सावधान - आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर ग़लत आए तो आपको क्या मिलता है?
एक bill:
Digital scan copy: ₹100/विषय
Re-totalling: ₹100/paper
Re-evaluation: ₹25/सवाल
अपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं।
सोचिए, जब 4 लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन डालें हैं तो CBSE कितनी कमाई कर रहा है।
जब scanning फ़ोन से हुई हो, ग़लत मार्किंग तय है। और उसे ठीक करवाने की क़ीमत बच्चा भर रहा है।
गलती CBSE की। सज़ा बच्चे की। कमाई सरकार की।
जब शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया जाए तब गलती सुधारी नहीं जाती। बढ़ाई जाती है। और इसकी सबसे बड़ी क़ीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं - अपने समय से, अपने आत्मविश्वास से, और अपने भविष्य से।
डालें हैं तो CBSE कितनी कमाई कर रहा है
जब scanning फ़ोन से हुई हो,ग़लत मार्किंग तय है और उसे ठीक करवाने की क़ीमत बच्चा भर रहा है
गलती CBSE की।सज़ा बच्चे की
जब शिक्षा को सेवा नही,कारोबार बना दिया जाए तब गलती सुधारी नही,बढ़ाई जाती है और इसकी सबसे बड़ी क़ीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं
CBSE की गलती से नंबर ग़लत आए तो आपको क्या मिलता है?
एक bill:
Digital scan copy:₹100/विषय
Re-totalling:₹100/paper
Re-evaluation:₹25/सवाल
अपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं
सोचिए,जब 4 लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन
CBSE वालों का कारनामा देख लीजिए। वो देश के छात्रों को बताते हैं कि उनकी कॉपी स्कैनर से स्कैन की जाती हैं।
• मगर ये तस्वीरें सबूत हैं कि लोगों को मोबाइल थमाकर उनसे छात्रों की कॉपियों की फोटो खींचकर अपलोड कर देने को कह दिया गया
•तस्वीरों को ध्यान से देखने पर समझ आता है कि कहीं
शिक्षा मंत्रालय में आग का पता नहीं …पर हमारी शिक्षा व्यवस्था पर असली आग भाजपा ने अपने कुकर्मों से लगाई है।
भाजपा ने शिक्षा को पेपर लीक माफियाओं के ज़रिये लूट का धंधा बना लिया है। जो कहानी व्यापम घोटाले से शुरू की थी, उसका ख़ामियाज़ा अब CBSE के छात्र तक भुगत रहे हैं।
CBSE का बड़ा खेल सामने आया है।
CBSE दावा करता है कि छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं स्कैनर से स्कैन की जाती हैं, लेकिन सामने आई तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां करती हैं। कई जगह कॉपियों की तस्वीरें मोबाइल फोन से खींचकर अपलोड की गई प्रतीत होती हैं।
तस्वीरों में कहीं पन्ने मुड़े हुए दिख रहे हैं, कहीं परछाइयां नजर आ रही हैं और कहीं कॉपियां ठीक से फ्लैट भी नहीं हैं। इससे पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि लाखों छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की डेटा सुरक्षा भी सवालों के घेरे में है। आखिर ऐसी व्यवस्था कैसे स्वीकार की जा सकती है जिसमें छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो?
यदि कॉपियों की जांच और स्कैनिंग प्रक्रिया में इतनी गंभीर खामियां हैं, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। देश के छात्रों और अभिभावकों को पारदर्शी जवाब मिलना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही और जवाबदेही की कमी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती।
जेबकतरों से सावधान। आज वे सड़क पर नहीं, CBSE के दफ़्तरों में बैठे हैं।
अगर CBSE की गलती से आपके बच्चे के नंबर ग़लत आ जाएँ, तो न्याय पाने के लिए भी आपको पैसे देने पड़ते हैं।
• Digital Scan Copy: ₹100 प्रति विषय
• Re-totalling: ₹100 प्रति पेपर
• Re-evaluation: ₹25 प्रति प्रश्न
अपनी ही उत्तर पुस्तिका की सही जाँच करवाने के लिए एक छात्र को ₹2000 तक खर्च करने पड़ सकते हैं।
सोचिए, जब लाखों छात्र ऐसे आवेदन करते हैं, तो यह व्यवस्था कितनी बड़ी कमाई का ज़रिया बन जाती है।
जब कॉपियों की स्कैनिंग तक मोबाइल फ़ोन से की जाए, तो ग़लतियाँ होना तय है। लेकिन उन ग़लतियों की कीमत कौन चुकाता है?
गलती CBSE की।
भुगतान छात्र का।
कमाई व्यवस्था की।
शिक्षा जब सेवा से कारोबार में बदल जाती है, तब ग़लतियाँ सुधारी नहीं जातीं, उनसे कमाई की जाती है।
और इसकी सबसे बड़ी कीमत हमारे बच्चे चुकाते हैं। अपने समय से, अपने आत्मविश्वास से और अपने भविष्य से।
एक महीने में ₹272 की बढ़ोतरी!
गैस सिलेंडर महंगा, रसोई का बजट बेहाल।
आम जनता महंगाई से परेशान है, लेकिन सरकार जवाब देने को तैयार नहीं।
महंगाई पर रोक लगाओ, जनता को राहत दो।
हर महीने सिलेंडर महंगा,
हर दिन जनता परेशान,
और सरकार कहती है "सब चंगा सी!"
जनता पूछ रही है:
क्या अच्छे दिनों का मतलब सिर्फ बढ़ती कीमतें और खाली होती जेबें हैं?
#LPGPriceHike
वहीं, जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पेपर लीक पर सवाल पूछा गया, तो वो कहते हैं- राहुल गांधी Frustrated हैं।
जी हां...
राहुल गांधी Frustrated हैं
कांग्रेस Frustrated है
पूरा देश Frustrated है
हम सब इसलिए Frustrated हैं, क्योंकि आप मौजूदा पीढ़ी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।