भगवान और माँ बाप के कसम खाकर झूठ बोलने वालों की कमी नहीं है इस दुनिया में।
ऐसे बचें माँ के पेट से बाहर नहीं आनी चाहिए। और जो यहाँ है वह एक हराम के बच्चे ही होगा।
#धोका:
मैं उन लोगों में से हुँ, जो सबसे ज्यादा धोका अपने अच्छाई के लिए खाया है, सामने वाला को वैसा ही मान लिया जैसा दिखा, लेकिन बाद में पता चला की यहां लोग रावण से भी ज्यादा चेहरा लिए फिरते है।
#जय_श्रीराम
साबधान।।
मेट्रो सिटी में कुछ ऐसी फैमिली घूम रहे है, जो अपने बचों को use करके अच्छे परिवार में रिश्ता जोड़ते है और कुछ साल तक रिलेशनशिप में भी रहते है और फिर ड्रामा करके रिश्ता तोड़ते है।
मैं बस उस लड़कियों को इतना कहुगा की "तुम कैसी लड़की हो जो खुद की इज्जत को ऐसे लूटा देते हो ?
एक अनाथ को ���गर तुम थोड़ा स्नेह दोगे तो, वो तुम्हे भगवान की तरह पूजा करेगा।
��र अगर एक धोकेवाज को तुम एक माँ बाप की तरह प्यार दोगे, आखिर में वह धोका देगा ही देगा।
इसलिए प्रेम और खाना उसीको दो जो इसका लायक हो। क्यों कि प्रेम और अच्छा खाना हर किसीसे नहीं पचता।
#जय_जगन्नाथ
माँ बाप से भी बढ़कर होता है खुद की बेदाग इज्जत...
जब कोई समझे ही न तो उसे समझाने की जरूरत ही क्या,
जब कोई माने ही नहीं तो बताने की जरूरत ही क्या...
जिन रिश्तों में एक दूसरे की फीलिंग्स की रेस्पेक्ट ही न हो,
उस रिश्तों को जबरदस्ती खीचने की जरूरत क्या..?
#character
शेरवानी पहन कर घोड़ी चढ़ना, मेहंदी से हाथ रंग लेना, और सात फेरे लेकर दूसरे जिंदगी में आजाना हि विवाह नहीं है।
विवाह एक निष्ठा व् विश्वास की कसम है जो हम ईश्वर के समक्ष खाते है।
एक अच्छी रिश्ता उदारता दिखाने का प्रतियोगिता है।
ये मत देखो उसने क्या किया, ये देखो खुदने क्या किया।
शादी में सफलता केवल सही जीवनसाथी ढूंढने से नहीं मिलती है बल्कि सही जीवनसाथी बनने से मिलती है।
जैसे..
जहां सूर्य की किरण हो वही प्रकाश होता हैं।
और जहां प्रेम की भाषा हो वही परिवार होता है।।
जय श्री राम आपका दिन मंगलमय हों 🙏🚩🌾
#भारत_भाग्य_विधाता
तुम भी मुझको लूटने वालो में शामिल हो गए,
तुम भी ��ुझको लूटने वालो में शामिल हो गए,
तुम तो मेरे सबसे बड़े चाहनेवालों में थे..
फिर ऐसा क्यों हुआ और कैसे हुआ,
जो हमेशा दूसरों को कहता था आज खुद पर कैसे असर हो गया।।
जब तुम आना मेरी मृत्यु,
तो माँ की शक्ल अख्तियार करके आना,
या तो गौरैया की तरह मेरे आंगन में आना
या तितली की तरह मेरे कंधे पर बैठ जाना,
ताकि मैं तुम्हारे साथ चल सकूँ कि मैं तुम्हारे संग किसी महोत्सव में चल रहा हूँ,
आना तो ऐसी निश्चलता और निश्���िंतता लिए आना,
अगर कोई इंसान आपके लिए सबकुछ पीछे छोड़ कर आपको सम्मान दे रहा है, तो उसको बार बार झूठ बोल कर उसके लिए असम्मानजनक परिस्थिति मत बनाए।
ऐसे करने से उस इंसान का सभी पर भरोसा उठ जाता है। उसके लिए प्रेम और नफ़रत एक जैसा हो जाता है।
#face2face#शिक्षा
#औरत हमेशा सही नहीं होती है और #पुरूष हमेशा ��लत नहीं होता है..
हमारे #समाज में ऐसी भी कुछ नीच चरित्र है जो अपने खुशी के लिए दुसरो से फायदा उठाती है और बाद में उस पर दोष लद कर चली जाती है।
समाज में पुरूष का इज्जत तो चला जाता है, पर उसको यह नहीं पता उसकी खुदकी क्या गया..
#शिक्षा
एक हद के बाद इंसान सब कुछ छोड़ देता है
शिकायते करना, मिन्नतें करना, मनाना
और फिर दिल ऐसा हो जाता है
कोई बात करे तो ठीक ना करे तो भी ठीक
क्यों कि पता लग चुका होता है
की दुनिया बहुत झूठी और मतलबी है ...
इसलिए किसीके इज्जत के साथ मत खेलो��
किसीके अंतिम सांस तक उससे झूठ मत बोलो।।