Entire roads, highways have been blocked. Ridiculous suggestive gestures, such dances, cannabis, alcohol
WHAT KIND OF RELIGIOUS ACTIVITY IS THIS EXACTLY????
Look at this post by the Police Commissionerate, Guwahati.
Babul Ali and Sukur Ali, both from Dhubri, were arrested by the Assam Police in a mobile phone theft case linked to a religious procession.
Now, look at the accused in the photos. Both were dressed as Kanwariyas during the Kanwar procession. Six stolen phones were recovered from them.
Why commit a crime after changing your identity and attire?
प्रदेश ठीक करना है तो मुख्यमंत्रियों को चाहिए कि समय-समय पर एक-दो कमिश्नर/ IG/ DIG और 2-4 डीएम-एसपी को नाप दिया करें।
और जिला ठीक करने के लिए डीएम-एसपी को चाहिए कि समय-समय पर 2-4 SDM / CO/SHO का विकेट गिरा दिया करें। गंभीर मामलों में जेल भी भेजने से परहेज़ न करें।
हर कार्रवाई के बाद प्रदेश और जिला कम से कम साल-छह महीने के ठीक चलेगा। फिर , जब ढाक के तीन-पात की स्थिति आए तो वही कार्रवाई दोहराई जाए।
लेकिन, ऐसी कार्रवाई तभी हो सकती है, जब ऊपर बैठे लोगों में नैतिक बल हो और वो अपने अधीनस्थों से मलाई न खा रहे हों।
योगी की कथनी और करनी का फर्क देखिए.
योगी ने दो दिन पहले कहा कि स्कूलों के वीडियो जिन्हें बनाना हो बनाएं, हमने तो स्कूलों का कायाकल्प कर दिया है .
हक़ीकत ये है कि यूपी के कई जिलों में स्कूलों के वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लग चुका है .
गडकरी ने पेट्रोल में इथेनॉल मिला कर दो तरीक़े से जनता की जेब काटी है। कम माइलेज और मैकेनिकल खर्च
और अब मंहगी हो गयी चीनी का बोझ।
गडकरी को जाना पड़ेगा। तथास्तु
सतना में जलभराव और शिक्षकों की कमी को लेके बच्चों का प्रदर्शन जारी है,
जल्दी इनको कोई फ़र्ज़ी केस वेस लगा के बाल सुधार गृह में नहीं डाला गया तो कल को ये जंतर मंतर पहुँच जाएँगे।
ये सरासर अपराध हैं....
सक्षम वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ अविलंब विभागीय कार्यवाही करते हुए अपराधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करके दंडात्मक कार्यवाही करना चाहिए। https://t.co/y82qz5iUAH
कुशीनगर में एसपी केशव कुमार के पीआरओ ने कहा कि साहब फोन पर बात नहीं करते। सुबह 10 से 2 बजे जनसुनवाई में आइए या मुझे समस्या बताइए।
शामली में तो डीएम के पीआरओ ने फोन पर बात कराने के बजाय डिजिटल रास्ता बता दिया। कहा, ‘डीएम सर बिजी हैं, अपनी समस्या इसी नंबर पर वॉट्सएप कर दीजिए।’
प्रयागराज में डीएम के पीआरओ ने सीधे नियम समझा दिया। कहा कि CUG नंबर सिर्फ इमरजेंसी के लिए होता है, साहब अभी हाईकोर्ट गए हैं।
कई और मजेदार जवाब मिले हैं। भास्कर पर रिपोर्ट पढ़िए।
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए तो अब पेमेंट थाने के आसपास चल रही दुकानों पर रीसिव किया जाता है। एसपी गोपालगंज श्री विनय तिवारी ने पूरे मामले का भांडाफोड़ किया है। आप भी सिस्टम को समझिए।
#Bihar
1. गोपालगंज के SP की बात बहुत गौर से सुनिए। मैं गांव का रहनेवाला हूँ इसलिए समझ सकता हूँ सिस्टम कितना बेइमान हो गया है । उसे ईमानदार लोगों की सख़्त ज़रूरत है ।
2. थाने ‘खाने’ के अड्डे बन गए हैं, ग़रीब को बंद कर देना , उससे वसूली करना धंधा बन गया है ।
Requesting media to not blame the villagers for today’s incident. People were sent from outside to incite violence. It was the villagers who had requested us to come and inspect the school.
I have been told that the local BJP counsellor was seen distributing money to some goons.
विनय तिवारी जैसे IPS केवल बिहार नहीं बल्कि पूरे देश को जरूरत है ..! इन्होंने अपने ही SHO को जेल भेजा है, मामला सुनेंगे तो लगेगा इस SHO को जेल नहीं फाँसी होनी चाहिए ..!
एक ग़रीब माँ-बेटी जो गाय ख़रीद-बिक्री के लिए बेतिया से गोपालगंज आयी थी उसे गाँजा तस्करी के झूठे मामले में फँसा कर तीन दिन प्रताड़ित किया असली तस्कर को पैसा लेकर छोड़ इस ग़रीब माँ माँ-बेटी को फँसा दिया ..! बेचारी कैसे कैसे सूद पर पैसा मंगवा कर दी तब उसको तीन बाद छोड़ा गया .! #gopalganj #vinaytiwari
पेट्रोल में इथेनॉल मिलाते मिलाते चीनी कब 65 रुपये किलो हो गई पता ही नहीं चला।
पेट्रोल तो सस्ता हुआ नहीं , गाड़ियां खराब हुई सो अलग, अब मिठाईयां और मंहगी हो गई।
पोस्ट एक political satire / wordplay थी—“PM की CARE हो रही है।”
भाइयों, थोड़ा गणित के साथ हिंदी भी समझ लिया कीजिए।
लेकिन मज़ेदार बात ये है कि व्यंग्य पर मुझसे audit report माँगी जा रही है, CAG से audit कराओगे तब तो report dunga ।
असली गणित सुनो अब - कुछ लोग समझा रहे हैं कि PM CARES सिर्फ emergency के लिए है।
सवाल यही है
फिर emergency किसे कहेंगे?
31 मार्च 2025 तक PM CARES में लगभग ₹8,452 करोड़ का balance था।
FY 2024-25 में इससे खर्च हुआ करीब ₹87.85 लाख।
जबकि करीब ₹469 करोड़ FD interest आया।
देश के किसी हिस्से में भयंकर बाढ़ आए, हजारों परिवार प्रभावित हों,
स्कूलों की इमारतें बच्चों के लिए खतरा बन जाएँ,
किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा में लोगों को तत्काल राहत की जरूरत हो- तो PM CARES के ₹8,452 करोड़ में से पैसा इस्तेमाल करने की threshold आखिर है क्या?
जब SDRF है, NDRF है और सरकार का नियमित बजट भी है, तो अलग से PM CARES क्यों बनाया गया था?
₹8,452 करोड़ मौजूद हैं।
किन परिस्थितियों में खर्च होंगे?
कितने खर्च होंगे?
किस आधार पर फैसला होगा? - जनता जवाब के साथ हिसाब भी माँग रही है ।
बाकी मेरी Maths पर शक हो तो कोई सवाल भेज देना…
वहाँ व्यंग्य नहीं, पूरा solution दूँगा।