जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित सुरक्षा सखी एवं युवा संवाद कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी के सान्निध्य एवं संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल जी तथा गृह एवं पशुपालन राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेडम जी की गरिमामयी उपस्थिति में सहभागिता का अवसर मिला।
#आपणो_अग्रणी_राजस्थान
आदिवासी समाज के सम्मान को जिसने ठेस पहुँचाई, उसे समाज कभी नहीं भूलेगा; कांग्रेस ने बार-बार आदिवासी हितों की अनदेखी की है।
भाजपा ने आदिवासी गौरव, सम्मान और अधिकारों को मजबूती दी है—इसीलिए आदिवासी समाज का विश्वास भाजपा के साथ है।
#जनजातीय_गौरव@BJP4Rajasthan@ShankarGora @BJYMinRa
पिछली कांग्रेस सरकार में लगातार 19 पेपर लीक हुए।
युवा सबसे ज़्यादा “Frustrate” पिछली कांग्रेस सरकार में हुए।
- श्री @ShankarGora
प्रदेश अध्यक्ष, भाजयुमो राजस्थान
गत दिवस भाजयुमो राजस्थान के प्रदेश श्री @ShankarGora ने दिल्ली प्रवास के दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद श्री @Tejasvi_Surya से शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
देश के नौजवान, इन देश तोड़ने वालों से सावधान! ❌
2020: Sonia Gandhi, Delhi riots!
2026: Arvind Kejriwal, Jantar Mantar vandalism!
इनके भड़काऊ बयानों को हर युवा तक पहुंचाइए। इनकी असलियत पूरे देश को बताइए! ⬇️
भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौड़ जी के निर्देशानुसार एवं भाजयुमो राजस्थान के माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री शंकर गोरा के नेतृत्व में “डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म के माध्यम से प्रशिक्षण अभियान” के तहत होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों हेतु जिलास्तरीय संयोजक- सह संयोजक की निम्नानुसार घोषणा की जाती है।
भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के माननीय प्रदेशाध्यक्ष श्री @madanrrathore जी के निर्देशानुसार एवम भारतीय जनता युवा मोर्चा राजस्थान के माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री @ShankarGora के नेतृत्व में “डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म के माध्यम से प्रशिक्षण अभियान” के तहत होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों हेतु प्रदेश स्तरीय की निम्नानुसार घोषणा की जाती है।
आज राजस्थान की प्रथम महिला मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती वसुंधरा राजे जी के जन्मदिन के अवसर पर मेरे गांव आँवा में खलियानों वाले बालाजी बालाजी मंदिर में 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया गया ।इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।@VasundharaBJP
महेंद्र जी के साथ जो हुआ, वो सबक है...
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के दाएं हाथ रहे उनके मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज के साथ एक ऐसा वाकया पेश आया जो अजीबोगरीब तो है ही लेकिन अनपेक्षित भी है। वे कोटा से जयपुर आ रहे थे। ट्रेन के टॉयलेट में फंस कर रह गए। उनके पास उनका फोन था, जिसके चलते उन्होंने अपने भाई और पुत्र की मदद से रेलवे अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाकर टॉयलेट का गेट खुलवाया। लेकिन यह 58 मिनट कितने पीड़ा दायक और तनाव भरे रहे यह उन्हीं के शब्दों में पढ़िए...
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ट्रेन के बाथरूम में मोबाइल अवश्य लेजायें
वरना कभी आप भी मेरी तरह……एक बड़ी मुसीबत से रूबरू हो सकते हैं..!!
मैं कल शुक्रवार दिनांक 30 जनवरी,2026 की शाम कोटा-श्रीगंगानगर ट्रेन 22981 में सवार होकर कोटा से जयपुर आ रहा था।
सवाईमाधोपुर से थोड़ा आगे मैं ट्रेन के बाथरूम में आवश्यक सेवा के लिए गया।वापस बाथरूम से निकलने लगा तो डोर के अंदर लगी डोर लैच (कुंडी) फ्री हो गई।डोर खुल ही नहीं रहा था।
मैंने तमाम कोशिशें की,पर सारी असफल।बदबू के मारे दम घुटने लगा।मैं कई बार चिल्लाया भी,लेकिन किसी को मेरी आवज नहीं सुनाई दी।रेलवे के किसी अधिकारी के नंबर भी मेरे पास नहीं थे।
फिर मैंने मेरे भाई (मामाजी के पुत्र) हरीश शर्मा और बेटे दिव्यांश को फ़ोन लगाया और उन्हें जानकारी दी।उन्होंने कहा आप रेलवे हेल्पलाइन पर फ़ोन करो।हम भी करते हैं।उन्होंने और मैंने फ़ोन किया लेकिन सफलता नहीं मिली..!!
मैं धीरे-धीरे अवसाद की तरफ़ जा रहा था।ट्रेन में बाथरूम 2 फीट बाय 2 फीट से भी छोटा।मतलब इतना छोटा कि व्यक्ति अच्छे से हिल-डुल भी नहीं सके।
थोड़ी देर में हरीश का फ़ोन आया।उसने कहा कि रेलवे के अधिकारियों को सूचित कर दिया है।अभी उनका टेक्नीशियन या इंजीनियर आ रहा है।
थोड़ी देर में रेलवे के कर्मचारी आगये।10 मिनट तक उन्होंने भी कोशिश की पर नाकाम।उधर पुत्र दिव्यांश चिंता के कारण बार-बार फ़ोन कर रहा था..डोर खुला या नहीं पापा ?
रेलवे के कर्मचारियों ने कहा कि अब डोर तोड़ने के अलावा अन्य कोई उपाय नहीं है।
लेकिन इस प्रक्रिया में यह परेशानी है कि डोर को तोड़े तो मेरे ऊपर डोर के गिरने की पूरी-पूरी संभावना।मैंने कहा तोड़ो वरना दम घुटने से मेरी मौत हो जाएगी।
मैंने डोर के दोनों हाथ ✋🤚 लगा दिए,ताकि मेरे हाथ ✋🤚डोर को थाम सके और वो मेरे सिर पर गिरे नहीं।इसके बाद डोर को बाहर की तरफ़ से अंदर की तरफ़ हथौड़े की मार से धकेला गया।थोड़ी देर में गेट टूट कर मेरे हाथों पर।
थोड़ी से चोट तो आई पर मैं उस बदबूदार घुटन से बाहर आगया।इस पूरे घटनाक्रम में 58 मिनट लगे।
अब आप ख़ुद सोच सकते हैं कि यह 58 मिनट
मेरे लिए कैसे रहें होंगें ?