बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026: समस्तीपुर में शिक्षकों के स्थानांतरण उपरांत योगदान हेतु निर्देश जारी, 30 सितंबर अंतिम तिथि
बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत समस्तीपुर जिले के अंदर ई-शिक्षाकोष पोर्टल (e-Shikshakosh Portal) के माध्यम से शिक्षकों का ��मायोजन, समानुपातिकरण एवं पारस्परिक स्थानांतरण (Mutual Transfer) की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), समस्तीपुर द्वारा जिले के सभी प्रारंभिक एवं उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों/प्रधान शिक्षकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
विभाग द्वारा स्थानांतरित शिक्षकों को अपने नवपदस्थापित विद्यालय में योगदान करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
ई-शिक्षाकोष से सत्यापन अनिवार्य: योगदान से पूर्व संबंधित शिक्षक के स्थानांतरण आदेश का ई-शिक्षाकोष पोर्टल से अनिवार्य रूप से सत्यापन किया जाएगा।
ऑनलाइन प्रविष्टि: शिक्षक द्वारा योगदान करने के तुरंत बाद इसकी प्रविष्टि ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।
स्वतः विरमित प्रक्रिया: नवपदस्थापित विद्यालय में योगदान की तिथि से संबंधित शिक्���क अपने पूर्व पदस्थापन विद्यालय से स्वतः विरमित (Relieved) समझे जाएँगे।
प्रभार का हस्तांतरण: स्थानांतरण के क्रम में संबंधित शिक्षक/प्रधानाध्यापक अपने स्तर से किसी अन्य शिक्षक को अपने प्रभार का दायित्व सौंपना सुनिश्चित करेंगे।
वेतन भुगतान के नियम:
स्थानांतरण के उपरांत किसी भी स्थिति में किसी प्रखंड से आंशिक (Partial Payment) वेतन भुगतान का दावा या प्रस्ताव स्वीकार नहीं होगा।
नवपदस्थापित प्रखंड द्वारा ही शिक्षक के पूर्व पदस्थापन विद्यालय/प्रखंड के आधार पर पूरे माह के वेतन का भुगतान किया जाएगा।
स्थानांतरण के कारण मासिक वेतन को विभाजित करके बिल प्रेषित नहीं किया जाएगा।
LPC (अंतिम वेतन प्रमाण पत्र) संबंधी स्पष्टता:
जिले के अंदर ही एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण हेतु LPC In एवं Out की आवश्यकता नहीं है।
यदि स्थानांतरण एक जिले से दूसरे जिले में हुआ है, तो LPC In एवं Out की आवश्यकता अनिवार्य होगी।
यात्रा भत्ता एवं अन्य निर्देश: इस स्थानांतरण एवं योगदान हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। साथ ही निर्धारित समय-सीमा के भीतर विहित प्रपत्र में रिपोर्ट उपलब्ध करान�� का निर्देश दिया गया है।
#Flipcart समय का महत्व ��हीं देता है।
समान मंगवाने पे आप #फ्लिपकार्ट पे भरोसा न करें कि समय पे आपका सामान पहुंच जाएगा।
कभी कभी तो आप इंतजार करोगे और आपका ऑर्डर #Cancil हो जाएगा।
बिहार में शिक्षक��ं के ट्रांसफर की सूची जारी: 73,151 आवेदनों में से 4,259 म्यूचुअल स्थानांतरण के
पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, जिसके तहत ट्रांसफर की सूची जारी कर दी गई है। राज्य भर में 72,800 से अधिक शिक्षकों के तबादले की कार्रवाई जारी है। सोमवार को कटिहार, सुपौल, मधुबनी और सीतामढ़ी जिलों के शिक्षकों की ट्रांसफर सूची जारी की गई।
शिक्षा विभाग के अनुसार:
कुल स्वैच्छिक आवेदन: करीब 73,151 ��िक्षकों ने स्वैच्छिक ट्रांसफर (Voluntary Transfer) के लिए आवेदन दिया है।
म्यूचुअल ट्रांसफर: 4,259 शिक्षकों ने पारस्परिक (Mutual) स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है।
सीतामढ़ी में 'निपुण चितरंगी' कॉमिक बुक की शुरुआत
दूसरी ओर, बच्चों की पढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया को और अधिक रोचक बनाने के लिए एक नई पहल की गई है। जिला शिक्षा कार्यालय, सीतामढ़ी की ओर से 'निपुण चितरंगी' नाम से एक विशेष कॉमिक बुक प्रकाशित की गई है।
अगर आपको अपने आधार कार्ड पर नाम बदलवाना है, तो ये पूरा प्रोसेस अब और भी ज्यादा आसान हो गया है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने हर स्थिति ���े लिए अलग-अलग नियम तय किए हैं (Rules to Update Aadhaar)। अगर आप शादी के बाद नाम बदलवाना चाहते हैं या फिर पूरे तरीके से नाम बदलवाना चाहते हैं, तो इसके लिए भी अलग-अलग नियम हैं। आइए जानते हैं कि किस स्थिति में कौन से दस्तावेज देने होंगे।
देश में आप कहीं भी जाएंगे, पहचान के तौर पर सबसे पहले आपका आधार कार्ड ही मांगा जाएगा। वहीं अगर आप किसी चीज का फॉर्म भरेंगे या कुछ बड़ा खरीदेंगे, तो भी आपको आधार कार्ड दिखाना ही होगा। ऐसे में अगर आपके आधार पर सारी जानकारी अपडेट��ड नहीं होगी, तो आपको परेशानी हो सकती है। इसलिए बहुत जरूरी है कि आप आधार पर दर्ज सारी जानकारी को हमेशा अपडेटेड रखें।
अगर आप शादी के बाद नाम या सरनेम बदलना चाहते हैं, तो UIDAI के List of Acceptable Documents for Aadhaar Update के हिसाब से मैरिज सर्टिफिकेट, पहचान, पता और रिश्ते का प्रमाण देना होगा। वहीं अगर सर्टिफिकेट पर फोटो नहीं है तो पुराने नाम वाला कोई दूसरा वैध पहचान पत्र देना होगा जिसमें फोटो भी हो।
वहीं अगर आप तलाक के बाद नाम अपडेट कर���ा चाहते हैं, तो इसे अपडेट करवाने के लिए फैमिली कोर्ट की ओर से जारी तलाक की डिक्री यानी कि तलाकनामा देना होगा। साथ ही अगर इस पर भी फोटो नहीं होगा तो, फोटो वाला पुराना पहचान पत्र देना जरूरी होगा।
अगर आप ऐसे ही, यानी कि बिना शादी या तलाक के अपना फर्स्ट नेम या पूरा नाम बदलना चाहते हैं, तो इसके लिए गजट नोटिफिकेशन ही अकेला दस्तावेज होगा। ध्यान रखें कि गजट नोटिफिकेशन का इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ नाम बद���ने के लिए किया जा सकता है। इसे पता बदलने, बर्थ डेट बदलने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
नाम बदलने का प्रोसेस क्या है?
👉नाम बदलने के लिए सबसे पहले अपने दस्तावेज तैयार रखें। अगर पूरा नाम बदलना है तो गजट नोटिफिकेशन तैयार रखें, वरना अपनी स्थिति के हिसाब से दस्तावेज तैयार रखें।
👉इसके बाद आप या तो UIDAI के पोर्टल पर जा सकते हैं, या फिर सीधा आधार केंद्र पर जाकर ये काम कर सकते हैं।
👉मालूम कि जैसे ही आप नाम बदलने के लिए एप्लाई करेंगे, आपको एक फॉर्म मिलेगा, जिसे आपको सही भरना है।
👉इसके बाद अधिकारी आपके द्वारा भरे गए फॉर्म को वेरिफाई करेंगे और प्रोसेस पूरा करने के बाद ₹75 की फीस लेंगे।
👉प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको एक रसीद मिलेगी जिस पर अपडेट रिक्वेस्ट नंबर (URN) लिखा होगा।
👉इस नंबर से आप कभी भी अपना रिक्वेस्ट स्टेटस चेक कर सकते हैं।
#AadhaarCardNewUpdate #AadhaarCard
*सरप्लस ट्रांसफर चाहने वाले शिक्षकों को बड़ा झटका।
पटना हाईकोर्ट ने CWJC 12326/2026 पर सुनवाई करते हुए मामले में Status Quo (यथास्थिति) बनाए रखने का आदेश दिया है। माननीय न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकल पीठ ने निर्देश दिया कि फिलहाल जो शिक्षक जहां कार्यरत हैं, वहीं बने रहेंगे।
स्थानांतरण ऐच्छिक है पर अधिशेष शिक्षकों को अपना गृह प्रखंड/पंचायत हर हाल में छोड़ना होगा: शिक्षा मंत्री, बिहार सरकार।
यह कैसा नियम है मंत्री जी कि किसी को भी अधिशेष बनाकर गृह प्रखंड/पंचायत छुड़ा दें और शेष अपने गांव में पदस्थापित होकर आनन्द लें? नीतियां तो सबपर लागू होनी चाहिए।
डॉबर के कई प्रोडक्ट की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इनमें शहद और गाय का घी भी शामिल है। ये प्रोडक्ट 100% शुद्धता के दावे के साथ बेचे जा रहे थे। यह रोक खाने-पीने के सामानों के मानक तय करने वाली सरकारी संस्था FSSAI ने लगाई है।
फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इन दावों को गुमराह करने वाला बताया है। इस प��� डाबर से 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
शिक्षकों के जबरिया ट्रांसफर , समायोजन , नवंबर से विद्यालय निरीक्षण कर ऑन द स्पॉट फैसला , नियोजित शिक्षकों की पॉलिसी , शिक्षकों का डेप्युटेशन और रील बनाने वाले शिक्षकों पर खुलकर बोले शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी जी। सुने .....
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