क्या हम मानवता भूल गयेे- Best Poem on Humanity
मानव ने मेंरा घर उजाड़ा,
हम बारिश में भीग रहे।।
मानव के बच्चें रहे महलों में,
हमारे बच्चे कांप रहे।।
जिस डाली और पेड़ पर,
बसता था पहले घर हमारा।
मानव ने अपने स्वार्थवश,
अब वहां अपार्टमेंट बना दिये।।
कैसा होगा वह सपनों का घर,
जो हमारी कब्रो ��र बना।
महात्माओं के इस देश में,
क्या हम मानवता भूल गये।।
मत काटो इन पेड़ो को,
मत उजाड़ो इन जंगल को।।
यह विनम्र विनती है, सबको।
क्या हम मानवता भूल गये।।
-------दिवाकर शुक्ला
मेरी माँ की 2 महीने पहले मौत हो गई, मैं उन्हें नागपुर में हॉस्पिटल में लेकर था, यहाँ मेरे प्लॉट पर जाने के लिए दी गई सड़क को ही भू माफिया बेच दे रहे हैं…….और फफक-फफक कर रो पड़ा ये फौजी।
प्रीतम द्विवेदी सेना में हैं। लोन लेकर प्लॉट लिया। प्लॉट के लिए जो सड़क दी गई थी भू माफिया अब उसी की प्लॉटिंग कर रहे हैं।
भारत माँ का ये सेवक अपनी माँ की दवा करवा रहे थे, तब ये पाप किया गया। मामला MP के रीवा का। इन्हें न्याय कौन दिलवाएगा?
🙏 PLEASE HELP SAVE ANSH 🙏
💔 13-year-old Ansh Dwivedi is battling critical liver & lung infections and is in ICU at Apollo Medics, Lucknow. 🏥
💰 Treatment cost may reach ₹30 Lakhs.
❤️ Every contribution can save a life.
🤲 Please DONATE & SHARE.
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🙏 Your support & prayers matter! ❤️
प्रयागराज के जंघई बाज़ार से निधि पांडे (13 वर्ष) और अनन्या पांडे (9 वर्ष) लापता हैं।
दो मासूम बेटियाँ इस वक्त अपने परिवार से दूर हैं। परिवार बेहद चिंतित है और उनकी सुरक्षित वापसी का इंतज़ार कर रहा है।
🙏 सभी साथियों से विनम्र अपील है कि इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें और प्रयागराज प्रशासन/पुलिस तक यह जानकारी पहुँचाएँ, ताकि बच्चियों की तलाश में हर संभव मदद मिल सके।
आप सबसे विनम्र निवेदन है अपनी क्षमता के अनुसार छोटी से छोटी मदद ज़रूर करें। बिटिया के इलाज में बड़ा सहारा बन सकता है।
कृपया मदद करें और इस अपील को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ… शायद आपकी छोटी-सी मदद किसी माँ की गोद उजड़ने से बचा ले। 🙏
पिता का नाम: सतीश शुक्ला (पिंटू)
मोबाइल नम्बर: +91 73078 96340
प्रयागराज के जंघाई बाज़ार से दो छोटी बच्चियाँ ग़ायब हुई हैं
निधि पांडे (13) और अनन्या पांडे (9) ..
कृपया सभी साथी पोस्ट को शेयर करे और प्रयागराज प्रशासन को टैग कर द��� ताकि जल्द से जल्द ये बच्चियाँ मिल सकें
एक शब्द—‘फूलपाड़ा’… और करीब नौ साल की दूरी मिट गई।
वर्ष 2017 से परिवार से बिछड़ीं सूरत की रतन बेन लखनऊ में अकेली मिलीं। हजरतगंज पुलिस ने उनके बार-बार बोले गए ‘फूलपाड़ा’ को सुराग बनाया और Google Maps व गुजरात पुलिस की मदद से बेटे विशाल को खोज निकाल��।
माँ-बेटे को मिलाने के बाद लखनऊ पुलिस ने दोनों को रेलवे स्टेशन पहुँचाकर गुजरात जाने वाली ट्रेन में सकुशल रवाना किया।
एक शब्द को ध्यान से सुना गया… और एक परिवार फिर पूरा हुआ।
#UPPolice #UPPCares #LucknowPolice
दोस्तों,सच कहूं तो यह पोस्ट करना नहीं चाहता था, लेकिन मजबूरी में करनी पड़ रही है।
पिछले काफी समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा हूं उम्मीद है आप सभी के प्यार, सहयोग और आशीर्वाद से इस मुश्किल दौर से जरूर बाहर निकल पाऊंगा
आप सभी सनातनी भाइयों-बहनों से यथासंभव ��हयोग की
दिल से उम्मीद है
मदरसे की जगह स्कूल गए होते तो पता होता, 2000 रुपये तक कोई चार्ज नहीं है।
अगर यह 2000 से ऊपर जाता है तो, 0.4% जो कि लगभग 8 रुपए होते है।।
यानि कि दुकानदार आपसे 2008 रुपये मांग सकता है।।
मैंने किरयाना स्टोर से 2000 रूपये का सामान खरीदा, किरयाना वाले ने पूछा कैसे pay करेंगे?
मैंने उसके स्कैनर पर Upi कर दिया
मैंने 2000 रूपये pay किये UPI Payments
द्वारा, कोई चार्ज नहीं लगा.
पर किरयाना वाले ने उसी वक़्त सप्लायर को पेमेंट किया 10 हज़ार रूपये तो उसको 50 रूपये का चार्ज लग गया.
अगले दिन मैंने फिर किरयाना स्टोर से 2000 रूपये का सामान खरीदने गया तो मुझे वही सामान 2050 रूपये का मिला.
ये भविष���य की स्टोरी बताती है कि UPI फ्री नहीं है
दुकानदार पर टैक्स लगेगा तो जेब ग्राहक की ही ढीली होंगी.
डायरेक्ट नहीं लगा सकते, पर इंदिरेक्ट्ली तो लगा दिया है. ये है डिजिटल इंडिया 😊
I personally don’t think this is true
But if this is true, then these people should go and burn down their headquarters and data centers.
And do not use China argument for fear mongering. China is arguably doing way more to fight against climate change than USA so I’m sure they would do more to prevent this than the average American company.
So @sama, @DarioAmodei and @elonmusk should stop behaving like crying children and collectively put this to stop in their own companies and send some of your Chinese researchers to China to tell their govt about this danger. It’s not that hard to work together with humans from other countries.
PET के form को भरने का 2-3 दिन से कोशि��� कर रहा हूँ मेरा OTR हो गया,लेकिन Log in करने के लिए OTP ही नहीं आ रही mobile और OTR no. से काफी बार कोशिश कर ली है।
@UpssscOfficial1
@myogiadityanath
आज last date है, plz repost कर दो शायद सरकार तक बात पहुँच जाए और form की date बढ़ जाए.
आज दिव्या का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया सुबह 9-10 बजे का वक्त दिया गया है…मम्मी को अब भी बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाई..दिव्या की हालत क्रिटिकल है ये झूठ बताकर बगल में सुला दिया है..पहली बार लग रहा है कि सच कहना कितना मुश्किल होता है…वो पोस्टमॉर्मट हाउस के फ्रीजर में है..ये सच मैं नहीं कह पाई...
बैंक के सामने हत्या के समय का एक सीसीटीवी मिल��� है इसमें बैंक कर्मचारियों की भीड़ भाग रही है..और हत्यारा हत्या कर रहा है..बैंक में काम करने वाले हत्यारे के पास तीन-तीन रिवॉल्वर कहां से आए..किसने उस तक ये रिवॉल्वर पहुंचाईं..किसने उसे इतना जघन्य अपराध करने के लिए प्रेरित किया...हत्यारा कार नहीं चला पाता था. तो कार से आने जाने वाली थ्योरी कहां से आई..वो ऑटो से हत्या करने आया था..ऑटो से ही भागा तो कोई दूसरा इन्वॉल्व जरूर है..ऑटो वाला कौन था..कोई तो हो��ा जिसे सबके मर जाने के बाद फायदा हो रहा होगा पुलिस को खोजना चाहिए..
हत्यारे ने मेरा नाम स्टेटस में लिखा है कि मुझे सब पता था..हां मुझे पता था कि हत्यारा मेरी बहन के साथ क्रूरता करता था..इसलिए वो उससे अलग होना चाहती थी…ब्लिंकिट से मंगाए गए टमाटर में अगर कोई टमाटर खराब निकल जाता था तो वो उसे ये कहकर पीटता था कि तूने कैसे ब्लिंकिट किया कि टमाटर खराब निकला..��कौल मेरी बहन..हत्यारे और उसकी बहन ने मिलकर अपनी माता जी को इतना पीटा था उसकी अपनी बीमार मां का निधन हो गया था...दिव्या सिर्फ हत्यारे से अलग होना चाहती थी..मेरी बहन ने मुझे बताया था कि फैमिली कोर्ट में काउंसलर के साथ भी हत्यारे की झड़प हुई थी…मेरी बहन ने बताया था कि शादी की सुहागरात पर हत्यारे ने घर के खर्चों की एक लिस्ट बनाई थी और आधा खर्च उठाने की शर्त रखी थी…जिसे मेरी बहन ने सहर्ष स्वीकार किया थ���…दिव्या ने पिछले एक साल से अपने हिस्से का खर्च उठाना बंद कर दिया था..साइको हत्यारे की नजर में ये चीटिंग हो सकती है…मेरी बहन ने मुझे बताया कि उसका पति साइको था…लेकिन इतना बड़ा इसका अंदाजा नहीं था.. मुझे वो चीजें पता थीं जो मेरी बहन ने मुझे बताया…इतना सब होने के बाद भी वो तीज का व्रत रखने वाली थी…हाथ में हत्यारे मानस का टैटू नहीं हटवाया था..भीतर ही भीतर वो चाहती थी सब ठीक हो जाए..साइको सुधर जाए..
मी���िया इंटस्ट्री में 2017 के ��हले पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों में मैं सबसे छोटी हूं…अभी बैठी हूं तो देख रही हूं कि कुछ हमपेशा मेरी बहन की हत्या में राजनीति खोज रहे हैं… 9 वर्षों में मैंने ऐसी पत्रकारिता की है..कि जिसकी आलोचना भी करती हूं उसके सामने खड़े होकर आंख में आंख डालकर बात कर सकती हूं…नजरें नीची करने वाली पत्रकारिता मैंने कभी नहीं की…इसलिए मतभेद रखिए...मतों का अलग-अलग होना जरूरी है..मनभेद मत रखिए…आप मुझसे स्नेह करते हों.. या घृणा प्रज्ञा मिश्रा ने अपने होशो हवास में कोई अनैतिक कृत्य ना कभी किया है ना करेगी..
हत्यारे ने पहले भी दिव्या का पीछा किया था..स्ट्रेस की वजह से कुछ दिन पहले उसका एक्सीडेंट हुआ था..उसका हाथ और पैर टूट गया था..डेढ़ दो महीने बाद उसने ऑफिस जाना शुरू किया था…वो अब भी लंगड़ाकर ही चलती थी..आज जब घर से निकली थी तो लंगड़ा रही थी..दिव्या ने कितन��� प्रताड़ना झेली है उसे जानने वाला हर कोई जानता है…आंखों में आंसू हैं…वक्त ये बस बातें करने का नहीं है..लेकिन आप सबको बताना जरूरी है…तीन सीसीटीवी फुटेज हैं..एक में दिव्या घर से जा रही है..दूसरी में लंगड़ाते हुए हत्यारे से लड़ रही है…