UP SIR में 85,854 Form-7 स्वतः बनाकर बिना कारण मतदाताओं के नाम हटाने का दावा भ्रामक है।
संबंधित मामलों में नोटिस, सुनवाई, जांच और आदेश के बाद कार्रवाई हुई। 6 मार्च के बाद लंबित मामलों पर निर्णय भी नियमानुसार हुए।
सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
Claims that 85,854 Form-7 entries were auto generated to delete UP voters without reason during SIR are misleading.
Notices, hearings, scrutiny and recorded orders preceded action. Pending cases were decided after 6 March as per procedure.
@ECISVEEP@SpokespersonECI@ANINewsUP@PTI_News@ians_india@DDNewsUP@AIRNewsHindi
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में जनपद उन्नाव के जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा यह सुनिश्चित करने हेतु विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है कि कोई भी पात्र मतदाता निर्वाचक नामावली में सम्मिलित होने से वंचित न रह जाए। इस उद्देश्य से जनपद के 2,740 मतदान स्थलों पर विशेष
शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता को निर्वाचक नामावली में अपना नाम सम्मिलित कराने का अवसर प्राप्त हो सके।यदि किसी व्यक्ति को इस संबंध में कोई शिकायत अथवा समस्या हो वह जनपद में कार्यरत 2,740 बूथ लेवल अधिकारियों ,42 तो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों
As per the instructions of the Election Commission of India (ECI), the District Election Officer (DEO) of Unnao district has launched a proactive campaign to ensure that no eligible elector is left out of the electoral rolls. @ceoup@ECISVEEP@SpokespersonECI@ABPNews@infodepau
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश
(प्रेस विज्ञप्ति)
*सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक एवं निराधार खबर "ECI साफ्टवेयर मे मतदाताओं का नाम काटने हेतु बिना कारण 85,854 फार्म ऑटोजनरेट किये गये" के सम्बन्ध में सही सूचना*
लखनऊ, 10 अक्टूबर 2026।
दिनांक 09-10-2026 को सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर "In UP SIR, ECI Software Auto-generated 85,854 Forms to Delete Voters Without a Reason" में यह भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में ईसीआई सॉफ्टवेयर में से 85,854 मतदाताओं के नाम फार्म-7 ऑटो जेनरेट कर बिना समुचित कारण के विलोपित कर दिये गये हैं।
खबर के संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 का कार्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 और भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश दिनांक 27.10.2025 के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। खबर में लगाए गए आरोप मिथ्या धारणाओं पर आधारित होने के कारण खारिज किये जाते हैं।
उत्तर प्रदेश में दिनांक 06-01-2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में 12 करोड़ 55 लाख मतदाता सम्मिलित थे। इनमें से लगभग तीन करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नो मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस जारी की गयी थी। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 के प्रावधानों के अन्तर्गत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को यह अधिकार है कि वह मतदाता सूची के पुनरीक्षण में किसी भी मतदाता के सम्बन्ध में स्वतः संज्ञान (Suo moto) जांच कर सकता है। अतः विहित प्रावधानों के अधीन ही इन 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस निर्गत करते हुए उन्हें प्राप्त कराया गया। नोटिस प्राप्त ऐसे मतदाताओं से यह अपेक्षा की गयी कि एक निश्चित अवधि में सुसंगत दस्तावेज़ों की सूची में से कोई एक दस्तावेज उपलब्ध करा दें। प्रदेश में नोटिस सुनवाई करते हुए उन पर निर्णय लिये जाने की अन्तिम तिथि 27-03-2026 थी। सुनवाई प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा इन नोटिस प्राप्त मतदाताओं के अर्ह (Eligible) अथवा अनर्ह (Ineligible) होने का निर्णय लिया गया।
जिन लोगों के संबंध में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा यह निर्णय लिया कि वे अर्ह (Eligible) हैं, उनका नाम अन्तिम मतदाता सूची में सम्मिलित कर लिया गया तथा जिन व्यक्तियों के सम्बन्ध में अनर्ह (Ineligible) होने का निर्णय लिया गया, उनका नाम अन्तिम मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं किया जाना था, इसलिए ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाने के लिये सॉफ्टवेयर में फॉर्म-7 जनरेट करने की व्यवस्था थी।
यह व्यवस्था इसलिये है कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर यह पता चल सके कि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से कब हटा और क्यूँ हटा। बिना फार्म-7 जनरेट किये यदि कोई नाम मतदाता सूची से सीधे हटा दिया जाये तो भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर यह पता लगाना मुश्किल होगा कि इस व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से कब और क्यों हटाया गया।
खबर में उल्लिखित 85,854 की संख्या उन्हीं मतदाताओं की है, जिनके बारे में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा स्वतः संज्ञान जांच की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए यह निर्णय लिया गया कि वे अनर्ह (Ineligible) हैं।
तरबगंज एवं पीलीभीत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में एक आवदेक द्वारा अनेक मतदाताओं का नाम कटवाने हेतु फार्म-7 भरने का उदाहरण देते हुये रिपोर्ट में यह कहा गया कि उत्तर प्रदेश के SIR-2026 के दौरान समुदाय विशेष के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवाने का प्रयास हुआ।
इस सम्बन्ध में स्पष्ट किया जाता है कि उपर्युक्त दोनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में जिन प्रकरणों के उदाहरण रिपोर्ट में दिये गये हैं उन सभी में ऐसे समस्त फार्म-7 निरस्त किये गये थे। इस प्रकार Bulk में फार्म-7 भरने की कोशिश भी सफल नहीं होने दी गयी।
यह खबर स्वयं बताती है कि हमारी वेबसाइट पर लाखों की संख्या में उपलब्ध फॉर्म-7 की सूचनाओं को अच्छी तरह से खंगालने के बाद मात्र 198 ऐसे मामले पाये गये जहाँ एक ही व्यक्ति द्वारा 10 से ज्यादा फार्म-7 भरे गये। रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे सभी प्रकरणों में कुल मिलाकर 4740 व्यक्तियों के नाम काटने का प्रयास हुआ। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में लाखों की संख्या में प्राप्त फार्म-7 में से केवल मात्र 198 ऐसे मामलों का पाया जाना, जहाँ बल्क में फार्म-7 दिये गये हों, इस बात का द्योतक है कि राज्य में बल्क में फार्म-7 सामान्यतः नहीं प्राप्त किये गये।
इस खबर में किया गया दावा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं के संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है, पूर्णतया असत्य है। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट (https://t.co/xCJSHeQNoB) पर Instructions Tab में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिनांक 27-10-2025 को जारी दिशा-निर्देश आज भी उपलब्ध है, जिसके आधार पर उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रिया सम्पादित की गयी थी।
ख़बर में यह भी उल्लिखित है कि "हमने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और साथ ही साथ भारत निर्वाचन आयोग दिल्ली को विस्तृत प्रश्न भेजे थे। खबर छपने के समय तक उनके द्वारा कोई उत्तर नही दिया गया" (We sent detailed questions to UP Chief Electoral Officer Navdeep Rinwa as well as to the ECI in Delhi. They had not replied by the time of publication)
यहाँ स्पष्ट करना है कि दिनांक 08.10.2026 को अपराह्न 3:32 बजे इनके द्वारा ई-मेल के माध्यम से प्रश्नों को प्रेषित करते हुए उसी दिन सायं 07:00 बजे तक विस्तृत उत्तर की मांग की गई थी।
अपने ई-मेल में इनके द्वारा पूछे गये महज 3 प्रश्नों में उन आँकड़ों, तथ्यों एवं उदाहरणों का कोई उल्लेख नहीं किया गया जो इनके द्वारा प्रसारित ख़बर में प्रस्तुत किये गये। यह भी ध्यातव्य है कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में विधान परिषद की खण्ड स्नातक एवं खण्ड शिक्षक क्षेत्र का निर्वाचन चल रहा है। मात्र 3 घण्टे के समय में अपने तथाकथित विश्लेषण के संबंध में इनके द्वारा उत्तर मांगा जाना यह सिद्ध करता है कि इन्हें उत्तर प्राप्त किये जाने या सत्यता जानने में कोई रूचि नहीं है। तत्पश्चात अगले दिन दिनांक-09.10.2026 को प्रातः 08:30 बजे ही इनके द्वारा सोशल मीडिया पर ख़बर भी प्रसारित कर दिया जाना यह दर्शाता है कि महज खानापूर्ति के लिए और आम जनमानस में भारत निर्वाचन आयोग की गलत छवि प्रस्तुत करने के उद्देश्य से अत्यन्त अल्प समय में विस्तृत उत्तर की मांग की गई।
इस प्रकार उपरोक्त प्रसारित खबर भ्रामक एवं निराधार है। यह आश्वस्त किया जाता है कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य पूर्णतया विधिक रूप से सम्पन्न किया गया है।
@ECISVEEP@SpokespersonECI@ANINewsUP@PTI_News@ians_india@DDNewsUP@AIRNewsHindi
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में आगामी नवरात्रि दशहरा एवं आगामी पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्त व्यवस्थायें ससमय पूर्ण कराने हेतु निर्देश दिये। @myogioffice
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी व भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर मे उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। @UPGovt@InfoDeptUP@PMOIndia
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश
(प्रेस विज्ञप्ति)
लखनऊः 01 अक्टूबर, 2026
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश में ईपी रेशियो एवं जेण्डर रेशियो में बढ़ोत्तरी के लिए निरन्तर पुनरीक्षण अवधि में विभिन्न विभागों के सहयोग से विशेष अभियान चलाया जाएगा। ‘‘कोई मतदाता न छूटे (NO Voter to be left behind) के उद्देश्य को साकार करने के लिए पात्र नागरिकों को शतप्रतिशत मतदाता सूची में सम्मिलित किए जाने के संदर्भ में समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
प्रदेश के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के पश्चात् सम्प्रति चल रहे निरन्तर पुनरीक्षण के अन्तर्गत अर्ह युवा, छूटे हुए मतदाता, प्रथम बार मतदाता बनने की अर्हता रखने वाले, बेघर मतदाता, दिव्यांग मतदाता तथा महिला मतदाताओें के नाम मतदाता सूची में विशेष रूप से सम्मिलित किए जाने के निर्देश समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए गए हैं। विशेष अभियान में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी सहायता समूहों, स्वास्थ्य कर्मियों आदि का सहयोग लेते हुए अधिक से अधिक संख्या में पात्र नागरिकों का पंजीकरण कराया जाएगा। अभियान के दौरान पर्याप्त संख्या में फार्म-6 की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोई भी पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के Citizen Service Portal (https://t.co/CcvJiIz3H0) अथवा ECINET Mobile App के माध्यम से ऑनलाइन फार्म-6 भरकर आवेदन कर सकते है। ऑफलाइन भी फार्म-6 भरकर आवश्यक अभिलेखों के साथ अपने बी0एल0ओ0/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्राप्त करा सकते हैं। पात्र नागरिकों को अपनी सभी प्रविष्टियां शुद्ध एवं त्रुटिरहित भरना आवश्यक है। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को छोड़कर अन्य पुनरीक्षणों में भरे जाने वाले फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी गयी है।
प्रदेश के समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इस संबंध में जनपद स्तर पर भी जन सामान्य हेतु विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाय, जिससे अधिक से अधिक नागरिकों को जानकारी प्राप्त हो सके। इस कार्य में विभिन्न विभागों यथा-महिला कल्याण, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा विभाग, दिव्यांगजन, ग्राम्य विकास, युवा कल्याण आदि का सहयोग लेने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहें। @ECISVEEP@SpokespersonECI
जिलाधिकारी द्वारा अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) के साथ शहर में जलभराव प्रभावित क्षेत्रों/मोहल्लों का स्थलीय निरीक्षण किया। अतिवृष्टि के कारण जिन स्थानों पर जलभराव हो गया है वहां पम्पसेट आदि के माध्यम से उपस्थित अधिशासी अधिकारी एवं नगर पालिका के अन्य अधिकारियों को तत्काल @rahat_up
जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा गणेश प्रतिमा विसर्जन एवं गौसिया जुलूस के दृष्टिगत थाना कोतवाली सदर क्षेत्रांतर्गत मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों एवं जुलूस मार्ग का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दोनों कार्यक्रमों से @PMOIndia@CMOfficeUP@Igrangelucknow
मा0 विधायक जी, जिलाधिकारी ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सूचना एवं संपर्क विभाग की सरकार की कल्याणकारी योजनाओं परियोजनाओं उपलब्धियों विषयक प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन कर कृषि विभाग के मिलेट्स खेती विकास एवं उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम @PMOIndia@myogioffice@InfoDeptUP