डॉक्टर्स पर बढ़ते हमलों और मेडिकल स्टूडेंट्स की तनावपूर्ण जिंदगी से जुड़े विषयों को सामने लाने के लिए यह एक नागरिक मंच है।
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क्योंकि #DoctorsLivesMatter
एक महिला ने परिवार नियोजन का ऑपरेशन कराया था। इसके बावजूद वह गर्भवती हुई। उसने मुआवजे के लिए मुकदमा किया और जीत गई।
लेकिन पंजाब हाईकोर्ट ने फैसला खारिज करके कहा कि सर्जरी विफल होने का मतलब यह नहीं है कि डॉक्टर ने चिकित्सा में लापरवाही की। हाईकोर्ट ने मुआवजे के आदेश को रद्द कर दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि चिकित्सा लापरवाही को सिर्फ इसलिए माना नहीं जा सकता कि सर्जरी विफल हो गई। अदालत ने कहा कि चिकित्सा लापरवाही के लिए ठोस सबूतों की आवश्यकता होती है, न कि सिर्फ अनुमानों पर। ऑपरेशन करने वाला डॉक्टर उस इलाज के लिए सक्षम था अथवा नहीं, यह प्रमुख बिंदु है।
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@udfaindia
आज का दिन बहुत ही भारी था,
हमारे सीनियर 1990 के बैच( SNMC jodhpur) के राजीव गहलोत बॉस हमें छोड़ कर चले गए,
पर जाते जाते कई सवाल, और इस शकी समाज के लिए भी मेसेज छोड़ कर गए हैं,
राजीव बॉस हमसे तीन साल सीनियर थे पर हमारी साथी डॉ प्रभा के पति होने के कारण हमारे काफी करीब थे।
भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और पूरे परिवार को ये असीम क्षति सहने की शक्ति दे 🙏
सवाल ये कि उनको ऐसा क्या हुआ कि एक ही दिन में सब कुछ हो गया, वो भी हल्के बुखार और 18000 प्लेटलेट्स के साथ,जो खुद गाड़ी चलाकर उसी अस्पताल में गए जहां रोज लोगों को जिंदगी दे रहे थे।
उनके आखिरी शब्द अपने साथी एनेस्थेटिस्ट को ये थे कि यार चोकिंग हो रही है तुम मुझे इंट्यूबेट करलो, 🥲
आज भी ये यक्ष प्रश्न खड़ा है कि उनको हुआ क्या था?
थोड़ी हिम्मत की जरूरत थी उनका पीएम होना चाहिए था ताकि पता चल पाता कि कॉज ऑफ डेथ क्या था।
सबक ये दे गए, कि किसी का कुछ पता नहीं हम आज है और कल निकल ले,इसलिए मिलते रहे,जिंदगी बड़ी छोटी होती जा रही है।
और अंत में राजीव बॉस उस समाज को भी मैसेज दे गए कि, डॉ किसी को नहीं मारता, ना ही वो कोई गलत इंजेक्शन देता है, जिसकी चर्चा हर अस्पताल में होने वाली मौत के बाद अखबारों की हेड लाइन होती है।
वो RAS, मजिस्ट्रेड,नेता, कलेक्टर और आम आदमी सब समझ ले कि जब मौत आती है ना, तब हम डॉक्टर्स अपनो को भी नहीं बचा पाते हैं, हमारा अस्पताल, हमारा स्टाफ, हमारी व्यवस्था सब धरा ही रह जाता है।
इसलिए भगवान के लिए अस्पतालों में होने वाली हर मौत का जिम्मेदार डॉक्टर्स को ना माने🙏
एक बार फिर राजीव बॉस को हम सब की तरह से दिल से श्रद्धांजलि। 🥲
(डॉ रामदेव चौधरी की कलम से……)
This #Medfluenzer keeps popping up on my feed. She's always on some glam trip, stuck aftr MBBS (cant clear any entrances), keeps switching jobs ,social media is main hustle.
Nothing against anyone,but DO NOT romanticize an unsteady career. It's not pretty & is very stressful!
@Gyaneshwar_Jour I don't think this is any scientifically verified and accepted protocol to treat positioniong of bones etc..and often we have heard news of barbers doing stuff like this in and around neck region and causing mishaps
@Gyaneshwar_Jour Please don't promote this fraud adventure.
Several studies have shown the risk of arterial dissection and stroke to be three to 12 times higher in people who’ve recently had a neck manipulation, according to a review by the American Heart Association’s Stroke Council
@Gyaneshwar_Jour चिरोप्रैक्टिक्स मान्यता प्राप्त कोर्स नही है ।
डॉक्टर कहना तमाम मेहनत कश डॉक्टरों का उपहास करने जैसा है
कृपया जिम्मेदार पत्रकार होने का दायित्व निभाएं।
https://t.co/SHR3gPrDqc
जोधपुर के कार्डियक सर्जन डॉ राजीव गहलोत का अचानक निधन हो गया। दो दिन पहले बुखार के बाद खुद कार चलाकर अस्पताल आए थे। समुचित इलाज के बावजूद नहीं बचाया जा सकता। उम्र मात्र 53 साल थी। ऐसे मामलों में अक्सर परिजन डॉक्टरों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाकर मारपीट और कानूनी कार्रवाई करते हैं। जबकि यह घटना बताती है कि अच्छे इलाज के बावजूद मृत्यु संभव है। इसे डॉक्टर की लापरवाही कहना उचित नहीं।
@citybrr@drlakshyamittal @udfaindia @drarunkofficial@drdeepankar07@DrAjitsinghS@drmirwaseem@DrDhruvchauhan@drvibhorgupta29 @drvikas1111 @Vivekpandey21 @abhinabavlogs
झारखंड के तीन IAS के नाम आजकल चर्चा में क्यों हैं?
कहते हैं कि हेमंत सरकार के बुरे दिनों में इन्होंने खिल्ली उड़ाई। फैलाया कि CM जेल में रहेंगे, पार्टी टूट जाएगी, दुबारा सत्ता में नहीं आएगी।
अब श्रीमानजी सफाई देकर कलंक का टीका पोंछने में जुटे हैं।
https://t.co/QivZ35XlKW
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Deeply disturbing to hear about alleged night-long ragging at AIIMS Raipur! Denial by hospital management is unacceptable.
Ragging is a serious issue that can have long-lasting effects on students' mental health. It's time to take such incidents seriously and ensure a safe, supportive environment for all students!
Colleges & hospitals must establish confidential reporting systems to tackle ragging. Anonymous complaints deserve thorough investigation, not denial. Let's prioritize student safety & well-being!
@rashmidTOI
यूपी में नर्स पर बर्बरता निंदनीय : यूडीएफ
उत्तर प्रदेश के जालौन में एक महिला नर्स के साथ बर्बरता की घटना आई सामने आई है। यूनाईटेड डॉक्टर्स फ्रंट (यूडीएफ) इसकी तीव्र निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करता है। साथ ही, पीड़ित नर्स को मुआवजा और सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की जाती है। मीडिया में आई खबरों के अनुसार महिला नर्स स्कूटी से अपनी ड्यूटी हेतु पीएचसी जा रही थी। तभी रास्ते में दो बाइक धारी अपराधी पहले से घात लगाए बैठे थे। उन्होंने नर्स को स्कूटी से गिराकर अपहरण कर लिया। फिर जंगल ले जाकर नर्स के साथ मारपीट कर दुष्कर्म किया और गुप्तांग में मिर्च भर दी। इस दौरान अपराधियों ने पीड़िता के शरीर पर एक कपड़ा नहीं रहने दिया। उन्हें नग्न अवस्था में छोड़ दिया गया।
यूडीएफ के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. लक्ष्य मित्तल ने कहा कि अपने कार्यस्थल की ओर जाती हुई एक महिला नर्स के साथ ऐसी घटना चिंताजनक है। देश में मेडिकेयर प्रोफ़ेशनल्स के प्रोटेक्शन हेतु एक नेशनल एक्ट बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त नेशनल टास्क फोर्स को हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल्स की सुरक्षा जरूरी नहीं लगती। यूडीएफ ने जालौन की नर्स को न्याय देने तथा हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल्स प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की मांग की है।
Every living being must face death. Doctors can't grant immortality, not even to themselves or their loved ones.
While doctors can extend life by months or years through treatment, mortality is inevitable. It's unfair to blame doctors for death.
Harassing healthcare professionals with unnecessary lawsuits or intimidation will ultimately harm the public. Doctors will be reluctant to take risks & limit their practice.
We must trust & support our healthcare professionals, ensuring they feel secure to provide the best possible care.
Let's promote a culture of empathy & understanding.
*मेडिकल ऑफिसर परीक्षा स्थगित होने के बाद ऑल राजस्थान एमबीबीएस डॉक्टर्स एसोसिएशन ने उठायी पद बढ़ाने की मांग..!!*
ऑल राजस्थान एमबीबीएस डॉक्टर्स एसोसिएशन के *अध्यक्ष डॉक्टर विनोद बागड़ा* ने उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा जी एवं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खीमसर जी एवं मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा जी के ओएसडी मनोज शर्मा जी से मिलकर उनको ज्ञापन देकर मेडिकल ऑफिसर परीक्षा 2024 में पदों की बढ़ोतरी की मांग उठाई , डॉ विनोद बागड़ा ने बताया कि पिछली गहलोत सरकार में मेडिकल ऑफिसर परीक्षा 2022 में 840 से बढ़कर 1765 किए गए थे , उसी तर्ज पर माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी , चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खिमशर जी को एग्जाम पोस्टपोन के लिए धन्यवाद देकर निवेदन है किया कि इस बार भी मेडिकल ऑफिसर भर्ती परीक्षा 2024 में पदों की संख्या 1220 से बढ़कर 3000 तक की जाए , अभी तक केवल 79 पद बढ़ाने की सूचना है स्वास्थ्य निदेशक ऑफिस में , जो की बहुत ही कम है , यह बढ़ोतरी "ऊंट के मुंह में जीरा देने के समान है" साथ ही डॉ बागड़ा एवं उनकी टीम ने बताया कि बीजेपी सरकार चुनाव के समय वादा किया था कि 15000 डॉक्टर्स की भर्ती करेंगे , उस वादे के अनुरूप सीटों में बढ़ोतरी की जाए, जिससे सभी गांव और पीएचसी एवं सीएससी पर डॉक्टर उपलब्ध हो सके एवं चिकित्सा ढांचा पूर्ण रूप से विकसित हो सके और डॉक्टर्स अपनी सेवाएं दे सके, साथ ही डॉक्टर विनोद बागड़ा एवं उनकी टीम ने पचपदरा, बालोतरा, बाड़मेर विधायक अरुण जी चौधरी जी , शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी जी , बगरू विधायक कैलाश वर्मा जी एवं जयपुर ग्रामीण सांसद राव साहब को इस बारे में शीट बढ़ोतरी को लेकर ज्ञापन दिया एवं साथ ही सांगानेर विधानसभा के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री साहब के करीबी डॉ राजीव शर्मा जी को भी इस बारे में अवगत करवाया एवं ज्ञापन दिया और आगे मुख्यमंत्री जी तक बात पहुंचाने का आग्रह किया , आशा है सभी मेडिकल ऑफिसर परीक्षार्थीयो को कि सरकार इस मुद्दे को अपनी कैबिनेट मीटिंग में उठाएगी एवं सीटों में बढ़ोतरी करेगी..!!
राइट टू हेल्थ और सबकी खुशहाली के लिए राजस्थान हाईकोर्ट का ऐतिहासिक सुओ-मोटू (स्वतः संज्ञान)।
केंद्र और राज्य सरकार से पूछा- "स्वास्थ्य की स्थिति सुधारने हेतु क्या कर रही है सरकार?"
11 दिसंबर को होगी सुनवाई। नागरिक संगठनों और हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल्स को इसमें अपना पक्ष रखना चाहिए। संभव है, राजस्थान से निकलकर कोई बड़ा फैसला पूरे देश को राह दिखाए।