"🚨 Exposed! Islamabad Police officer Ahtsham caught red-handed with Indian currency notes, ordered by seniors to plant them at Rawalakot #PoJK protests to falsely drag India in.
Pakistan's dirty tricks to divert from its brutal crackdown on locals exposed! Shame on Pak deep state for such cheap propaganda.
#PoJKProtests #PakistanExposed"
Proud moment for Uttar Pradesh & India! 🇮🇳
Kanpur's world-famous leather goods are now reaching Cambodia — thanks to the strong support of UP Government & Centre's export push!
From local craftsmanship to global markets, this is real #AtmanirbharBharat in action. More exports = more jobs for our artisans!
Congratulations to all leather exporters & farmers. Keep shining! ✨
#KanpurLeather #UttarPradesh #MadeInIndia #ExportGrowth #yogiforgrowth #thankyoumodiji
AI की पूरी दुनिया Binary System (0 और 1) पर टिकी है — वो सिस्टम जो आज कंप्यूटर, AI और डिजिटल क्रांति का आधार है।
लेकिन क्या आप जानते हैं? ये आइडिया हजारों साल पुराना है!
प्राचीन भारत के ऋषि पिंगल (Pingala) ने अपनी 'छंदः शास्त्र' में Binary-like system (laghu-guru) विकसित किया था — लगभग २२०० साल पहले, Leibniz से बहुत पहले!
सच्चा ज्ञान timeless होता है। भारत ने Binary की नींव रखी थी।
#AI #Binary #RishiPingala #AncientIndia #ProudIndian 🇮🇳🧠
AI runs on the Binary System — just 0s and 1s — the foundation of computers, algorithms, and modern intelligence.
But did you know this idea is over 2,200 years old?
Ancient Indian scholar Rishi Pingala described a binary-like system (long-short syllables) in his Chhandah Shastra — centuries before Leibniz!
True innovation has deep roots. India laid the groundwork for Binary long ago.
#AI #BinaryCode #RishiPingala #AncientWisdom #IndianHeritage 🇮🇳🧠
🦷 Dentists of India, it's time to stand up!
Our students are fighting hunger strikes against paper leaks & broken exam systems. Future generations deserve better.
If doctors, teachers & professionals can raise their voice, why not us? Let's join hands for real accountability!
Your one voice can save thousands of careers.
Tag a dentist friend & RT if you support!
#DentistsForStudents #NoMoreLeaks #ExamReform #StudentProtest #IndiaAgainstLeaks 🦷🇮🇳
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@NODS2019@DrPrakashKPande
📢 IDBI Bank Specialist Officer (SO) Recruitment
❎ No Exam, Direct Shortlisting
💰 Salary: ₹1,02,300 – ₹2,04,000/-Month
📌 Vacancies: 31
🗓 Last Date: 27 July 2026
📅 Application > Shortlisting > GD > PI > Document Verification > Joining Letter
Let us know if you are Interested 👇
**सामान्य नागरिक के रूप में:**
भूख हड़ताल पर बैठे सभी प्रदर्शनकारियों से —
एक साधारण छात्र/अभिभावक/नागरिक की तरफ से सीधा सवाल:
अगर आपको जिम्मेदारी वाली **सीट/पद** दे दिया जाए, तो क्या आप **व्यावहारिक रूप से एक भी पेपर लीक** रोक पाएंगे?
अगर हाँ, तो **लिखित में** गारंटी दें।
अगर नहीं, तो कृपया यह प्रदर्शन समाप्त कर दें।
हम प्रतीकात्मक हड़ताल नहीं, बल्कि असली बदलाव चाहते हैं। जवाबदेही दोनों तरफ होनी चाहिए।
आपका लिखित स्टैंड या प्रदर्शन खत्म करने का फैसला ही बताएगा कि बात कितनी गंभीर है।
हम देख रहे हैं और इंतजार कर रहे हैं। 🙏
#पेपरलीक_बंद_करो #परीक्षा_सुधार #छात्र_आवाज
**As a common concerned citizen:**
To the brave protesters sitting on hunger strike —
A straight question from an ordinary student/parent like me:
If you are given a responsible seat/position, can you **practically stop every single paper leak** from happening again?
If yes, then give us that commitment **in writing**. If not, then please end this protest.
We support real change, not just symbolism. Transparency and accountability should apply both ways. Your clear written stand or decision to end it will show seriousness.
We are watching and waiting for your reply. 🙏
#ExamIntegrity #NoMoreLeaks #StudentVoice
**पूर्वांचल (पूर्वी UP) के आमों की विविधता! 🥭**
पूर्वी उत्तर प्रदेश (वाराणसी, गोरखपुर आदि) में कई दमदार किस्में उगती हैं। इन्हें कैसे पहचानें?
- **लंगड़ा (Banarasi Langra)**: पकने पर भी छिलका हरा रहता है! अंदर रसदार, मीठा-खट्टा स्वाद, मजबूत खुशबू। जुलाई में बेस्ट। स्लाइस करके खाएं।
- **दशहरी (Dasheri)**: लंबा-पतला आकार, हल्का पीला छिलका। फाइबरलेस, शहद जैसा मीठा। चूसकर या काटकर।
- **चौसा (Chausa)**: देर से पकता, गोल-मोटा, सुनहरा पीला। बहुत रसीला – चूसने वाला आम! जुलाई-अगस्त में।
- **लखनऊ सफेदा या अन्य**: गोल, मीठा, लेकिन लंगड़ा-चौसा ही राजा।
**टिप**: बाजार में छिलके के रंग, आकार, खुशबू और स्वाद से पहचानें। केमिकल वाली से बचें – प्राकृतिक आम सुगंध से पहचान लो!
पूर्वांचल के आम = गर्मियों का स्वाद! 🍃 #MangoSeason #LangdaAam #Purvanchal #UttarPradesh
**समय की छाया: झारखंड का रहस्य**
झारखंड के घने साल जंगलों के बीच बसा छोटा सा कस्बा था — **झरिया**. वहाँ की हवा हमेशा कोयले की कालिख और पुरानी कहानियों से भरी रहती थी। लोग कहते थे कि यहाँ का समय कभी-कभी **अपना रास्ता भटक जाता है**।
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रात के ठीक ११:४५ बजे इंस्पेक्टर **अर्जुन सिंह** अपनी पुरानी जीप से झरिया थाना पहुँचा। उसकी घड़ी में ११:४५ ही था, लेकिन थाने की दीवार घड़ी ३:१७ बजा रही थी। सब-इंस्पेक्टर राकेश ने कंधे उचकाए।
“सर, आजकल यही हो रहा है। कभी दो घंटे आगे, कभी तीन पीछे। मोबाइल का नेटवर्क भी गड़बड़ कर जाता है।”
अर्जुन ने कुछ नहीं कहा। उसे सिर्फ एक केस सॉल्व करना था — **डॉ. विक्रम मेहता** का गायब होना।
डॉ. विक्रम, एक पुरातत्वविद्, पिछले तीन दिनों से लापता थे। उन्होंने जंगलों में एक प्राचीन **मंदिर** की खुदाई कर रही थी, जिसके बारे में लोकल आदिवासी कहते थे — “वो मंदिर समय का द्वार है। जो अंदर गया, वो कभी सही समय में नहीं लौटा।”
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**अगली सुबह (या था?)**
अर्जुन मंदिर के खंडहर तक पहुँचा। सूरज अभी उग ही रहा था, लेकिन उसकी घड़ी में दोपहर के २:४० थे। मोबाइल पर तारीख **१७ जुलाई** दिखा रही थी, जबकि कल १५ जुलाई था।
मंदिर के अंदर एक पुरानी पत्थर की मूर्ति थी — **कालभैरव** की। उसके नीचे एक गुफा। अर्जुन टॉर्च लेकर अंदर घुसा।
अचानक हवा ठंडी हो गई।
उसने देखा — एक आदमी मिट्टी खोद रहा है।
“डॉ. विक्रम?” अर्जुन ने आवाज दी।
आदमी मुड़ा। उसका चेहरा वैसा ही था, लेकिन आँखें... जैसे किसी और युग की।
“इंस्पेक्टर... आप भी आ गए? अच्छा। अब समय को ठीक करने में मदद करो।”
विक्रम ने बताया कि इस गुफा में एक **प्राचीन यंत्र** है — आदिवासी इसे “समय का चक्र” कहते हैं। जब उस यंत्र को छुआ जाता है, तो आस-पास का समय **लहरों** में बहने लगता है। कभी आगे, कभी पीछे।
“कल रात मैंने यंत्र को छुआ था। फिर अचानक मैंने खुद को देखा — तीन दिन बाद। मैं मरा हुआ था। मेरी लाश गुफा के बाहर पड़ी थी।”
अर्जुन ठिठक गया। “मतलब... आप भविष्य देख आए?”
“नहीं। मैं भविष्य **से** आया हूँ।”
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**समय लहराया...**
अचानक सब अंधेरा हो गया। जब रोशनी लौटी, तो अर्जुन बाहर खड़ा था। रात हो चुकी थी। उसकी घड़ी में ११:५५ थी, लेकिन थाने की घड़ी अब ९:२० बजा रही थी।
उसने रेडियो पर सुना — “डॉ. विक्रम की लाश आज सुबह जंगल में मिली...”
अर्जुन के हाथ काँप गए। मतलब वो अभी भी **उस समय** में है जब विक्रम मरा नहीं था? या फिर...
वो दौड़कर गुफा में वापस गया।
वहाँ विक्रम खड़ा था, लेकिन अब उसके हाथ में चाकू था।
“तुम्हें समझना चाहिए था, इंस्पेक्टर। मैंने यंत्र को जानबूझकर छुआ। मैं भविष्य से जानता हूँ कि मेरी हत्या **तुम** करोगे। इसलिए मैंने पहले ही तुम्हें मारने का प्लान बना लिया।”
अर्जुन ने पिस्तौल निकाली।
“तुम पागल हो गए हो, डॉक्टर।”
लड़ाई शुरू हुई।
समय फिर लहराया।
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**अब समय १४ जुलाई का था।**
अर्जुन ने देखा — विक्रम यंत्र को छूने जा रहा है। अर्जुन ने उसे रोका।
“न छुओ! ये यंत्र तुम्हें मार डालेगा!”
विक्रम हँसा। “तुम नहीं समझे। मैंने तीन दिन पहले भी यही सुना था... तुम्हारे मुँह से।”
अर्जुन के दिमाग में सब कुछ घूम गया।
**वो खुद समय का चक्कर बन गया था।**
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**अंतिम मोड़**
अर्जुन ने यंत्र को तोड़ दिया।
एक तेज़ रोशनी फैली।
जब सब शांत हुआ, तो समय फिर **सामान्य** हो गया।
थाने में सबकी घड़ियाँ एक ही समय दिखा रही थीं — **१६ जुलाई, रात ११:४५**।
डॉ. विक्रम की लाश कभी नहीं मिली।
लोग कहते हैं, वो अभी भी जंगल में घूम रहा है — कभी तीन दिन आगे, कभी दो दिन पीछे।
और इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह?
वो हर रात ठीक ११:४५ बजे थाने के बाहर अपनी जीप पार्क करता है।
फिर अपनी कलाई घड़ी देखता है।
और मुस्कुराता है।
क्योंकि अब वो जानता है — **समय कभी सीधा नहीं चलता**, खासकर झारखंड के इन जंगलों में।
**क्या तुम भी कभी झरिया आओगे?**
**अपनी घड़ी साथ लेकर...**
डबल इंजन की भाजपा सरकार मिशन जीरो पॉवर्टी के संकल्प को गति देते हुए प्रदेश के हर जरूरतमंद परिवार तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।
जीरो पॉवर्टी अभियान तहत 4.25 लाख पात्र परिवार सरकारी योजनाओं से आच्छादित
#BJP4ViksitBharat#BJP4UP#नवनिर्माण_के_नौ_वर्ष