ये होता
बारिश full होने के बावजूद इस तरह लोगों का आना
एक आवान पर लाखों में लोग आ जाते है
राजस्थान में मेरे हिसाब से एक ही नेता है जो है कर सकता है
@hanumanbeniwal
बाड़मेर में दलित परिवार से आने वाले श्री जैसाराम जी मेघवाल की मृत्यु हो जाने के प्रकरण को लेकर दिवंगत जैसाराम जी के परिजन बाड़मेर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर आंदोलित है,सरकार को इस प्रकरण में संज्ञान लेकर दिवंगत जैसाराम जी मेघवाल के परिजनों के साथ न्यायोचित कार्यवाही करनी चाहिए | मैंने RLP परिवार के सदस्यों को बाड़मेर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे स्वर्गीय जैसाराम जी मेघवाल के परिजनों से मुलाकात करने को कहा है|
@RajGovOfficial
मूर्खों का सरदार बोलना बहुत शानदार भाषा है लेकिन मूर्खों का राजा बोलना असभ्य भाषा हो गई......
ऐसा कैसे चलेगा @madanrrathore जी? ???
@sharatjpr@hanumanbeniwal
RLP परिवार के सदस्य डॉ. श्रवण चौधरी की आज जमानत होने के उपरांत अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने जयपुर आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की ,इस अवसर पर एडवोकेट बलराम जी जाखड़, उमेश जी चौधरी, नरेश जी जाखड़, सुनील जी नेहरा, रोहित कुमार जी माचवाल, सुषिल जी मंगावा, ओमप्रकाश जी चौधरी सहित अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, राजस्थान की जनता आपसे एक सीधा सवाल पूछ रही है। जब किसी आम आदमी पर मुकदमा दर्ज होता है तो पुलिस तुरंत सक्रिय हो जाती है, लेकिन जब मामला प्रमोद शर्मा जैसे व्यक्ति से जुड़ा हो ,जो खुद को आपका रिश्तेदार बताता है तो कानून की रफ्तार धीमी क्यों पड़ जाती है ? जमीन हड़पने, कूट रचित दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी से जुड़े मामले में जब प्रमोद शर्मा पर दर्ज मुकदमे में माननीय हाईकोर्ट ने भी उसे राहत देने से इनकार कर दिया तो आप बताइए,उसकी गिरफ्तारी कब होगी ? और यदि वो पुलिस की पहुंच से बाहर हैं तो क्या सरकार उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित करवाने का साहस दिखाएगी ? आपकी सरकार भ्रष्टाचार और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की बातें करती है। मंचों से बड़े-बड़े भाषण दिए जाते हैं कि कानून सबके लिए बराबर है। फिर जनता जानना चाहती है कि यह बराबरी सिर्फ विपक्ष और आम लोगों के लिए है या मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों पर भी लागू होती है? अगर कोई और व्यक्ति होता तो अब तक कितनी कार्रवाई हो चुकी होती ?
राजस्थान की जनता देख रही है कि सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है। मैं मुख्यमंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि क्या रिश्तेदारी कानून से बड़ी हो गई है? क्या प्रशासन को यह संदेश दिया गया है कि कुछ लोगों को विशेष संरक्षण देना है? अगर ऐसा नहीं है तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों?
आज राजस्थान का युवा, किसान और आम नागरिक यह सवाल पूछ रहा है कि आखिर प्रमोद शर्मा को लेकर सरकार का रुख इतना नरम क्यों है ? इसलिए मैं फिर पूछता हूं कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पा रही है तो उनकी गिरफ्तारी पर इनाम कब घोषित करोगे ? या फिर जनता यह समझे कि सरकार रिश्तेदारी निभाने में ज्यादा व्यस्त है और कानून का राज सिर्फ भाषणों तक सीमित है ?
लोकतांत्रिक रूप से ज्ञापन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन देने गए RLP के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित कर दिया जाता है मगर प्रमोद शर्मा के लिए कुछ नहीं क्यों ?
क्या प्रमोद शर्मा और उसके जैसे भूमाफियों को कानून से बचने का कोई वीआईपी पास आपने दे रखा है ?
@RajCMO@PoliceRajasthan
प्रदेश में कई नेताओं के बाद अब पुलिस भी सीमेंट फैक्ट्रियों की मुनीम गिरी में उतर गई है,आज जयपुर आवास पर झुंझुनूं जिले की नवलगढ तहसील के ग्राम - गोठड़ा से जुड़ा प्रकरण संज्ञान में आया जहां एक सीमेंट फैक्ट्री द्वारा किए जा रहे मिट्टी के खनन व ब्लास्टिंग को रोकने के लिए जब कोई पीड़ित परिवार पुलिस को शिकायत देता है सीमेंट फैक्ट्री को पाबंद करने के स्थान पर शराब के नशे में धूत कुछ पुलिस कार्मिक शिकायतकर्ता के घर पहुंचकर गाली-गलौज करते है,उन्हें धमकाते है और घर छोड़ने की धमकी देते है , मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से पूछना चाहता हूँ कि आपकी पुलिस के कुछ लोग सीमेंट फैक्ट्री के एजेंट बनकर किसानो और आम नागरिकों को डराते-धमकाते है, जबकि अवैध खनन और ब्लास्टिंग करने वालों को संरक्षण देते है,क्या यही आपकी सरकार की नीति है ?
पीड़ित पक्ष ने पूरे मामले को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक झुंझुनूं को शिकायत भी दी है | सरकार को त्वरित प्रभाव से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाते हुए थाना गोटड़ा के भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और तत्काल वहां पर ब्लास्टिंग को रुकवाना चाहिए |
मैंने मामले को लेकर रेंज आईजी जयपुर व SP झुंझुनूं से दूरभाष पर वार्ता की है |
श्री बंटी नेहरा,श्री ओमप्रकाश इचरा,श्री संजीव कालिरावणा,श्री विक्रम ,श्री सुरेश कालिरावणा व श्री विकास पचार आदि लोगों ने आज जयपुर आवास पर मुलाकात करके इस संदर्भ में मुझे विस्तृत रूप से अवगत करवाया |
@RajCMO@PoliceRajasthan
नागौर में सांसद हनुमान बेनीवाल के समर्थन में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। विभिन्न जनसमस्याओं और सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की। लोगों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए सरकार से समाधान की मांग की।
सत्य को दबाया जा सकता है, हराया नहीं जा सकता।
झूठे आरोपों और दबाव की राजनीति के बीच भी सच अपना रास्ता बना ही लेता है।
संघर्ष, धैर्य और विश्वास की जीत हमेशा होती है।
"सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।" ✊🏻
— डॉ. श्रवण चौधरी
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP)
@drshravanosian
"नहीं, हमें पता नहीं था। हमने तो बस उनसे अपनी समस्या बताई थी कि हम नया गांव से आए हैं। हमें यह नहीं मालूम था कि वे कलेक्टर साहब हैं।"
कहते हैं, "पता नहीं किस रूप में नारायण मिल जाए।"
एक बुजुर्ग दंपति अपनी पेंशन शुरू करवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के तीन-तीन चक्कर लगा चुके थे, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा था। जीवन में कई बार ऐसा होता है कि जब सभी रास्ते बंद नजर आते हैं, तभी कोई संयोग बनता है और कोई अनजान व्यक्ति आपकी समस्या का समाधान कर देता है।
इसी तरह जब यह बुजुर्ग दंपति दफ्तरों के चक्कर काटते हुए अपनी परेशानी लेकर भटक रहा था, तभी उनकी मुलाकात पाली के जिला कलेक्टर रवींद्र गोस्वामी से हो गई, जो मौके पर औचक निरीक्षण कर रहे थे। कलेक्टर ने उनकी समस्या सुनी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने बुजुर्ग दंपति से कहा, "आज शाम तक आपकी पेंशन शुरू हो जाएगी।"
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह भी देखा कि बुजुर्ग दंपति अपने कार्य के लिए सीढ़ियां चढ़कर प्रथम तल पर स्थित कार्यालय तक पहुंच रहे थे। वृद्धावस्था में होने वाली इस परेशानी को महसूस करते हुए उन्होंने तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को अनावश्यक कठिनाई न हो, इसलिए संबंधित कार्यालय को प्रथम तल से भूतल पर स्थानांतरित किया जाए।
बुजुर्ग महिला को यह पता नहीं था कि उनकी बात सुनने वाला व्यक्ति कौन है। लेकिन उनकी संवेदनशीलता और मदद के भाव से प्रभावित होकर वह उनके चरण स्पर्श करने का प्रयास करने लगीं। हालांकि, वहां मौजूद अधिकारियों ने उन्हें विनम्रता से ऐसा करने से रोक दिया।
कई बार प्रशासनिक पद से अधिक प्रभाव मानवीय संवेदनशीलता का होता है। किसी जरूरतमंद के लिए समय पर मिली सहायता और उसकी पीड़ा को समझने की संवेदना ही प्रशासन की सबसे बड़ी पहचान बन जाती है। ऐसे ही क्षण लोगों के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास को और मजबूत करते हैं।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
को स्मरण दिलाना चाहता हूँ कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना कोई अपराध नहीं है। कुचामन में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ता बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर ज्ञापन देने गए थे, लेकिन उन्हें पहले शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया और बाद में उन पर राजकार्य में बाधा डालने जैसे झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए। इतना ही नहीं, उन्हें पकड़ने के लिए हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की तरह इनाम भी घोषित कर दिया गया। यह आपकी सरकार की नैतिकता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
जनता की आवाज़ को मुकदमों और भय के माध्यम से दबाने का प्रयास किसी भी लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को शोभा नहीं देता। सरकार और प्रशासन का दायित्व निष्पक्षता से कार्य करना है, न कि राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर विपक्षी विचारधारा के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना,ऐसे में डीडवाना-कुचामन के जिला पुलिस अधीक्षक (SP) ने जिस प्रकार अपनी जिम्मेदारियों को भूलकर RLP कार्यकर्ताओं को पकड़ने के लिए इनाम घोषित किया है, वह उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। राजस्थान की जनता यह सब देख रही है।
सरकार और प्रशासन को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को मुकदमों, धमकियों और इनाम की घोषणाओं से दबाया नहीं जा सकता। सत्ता के अहंकार में उठाए जा रहे ऐसे कदमों को जनता देख रही है और समय आने पर उसका लोकतांत्रिक रूप से जवाब भी देगी।
हम लोकतांत्रिक अधिकारों के इस खुले दमन की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि निर्दोष कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएँ। लोकतंत्र में विरोध की आवाज़ को कुचलने का जो प्रयास सरकार कर रही है, वह प्रयास अंततः जनशक्ति के सामने पराजित होगा।
मैं पुनः मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूँ कि जनता की आवाज़ न कभी झुकी है और न कभी झुकेगी। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता आपकी गलत नीतियों से डरने वाला नहीं है।
@RajCMO@PTI_News@ANI@DainikBhaskar@rpbreakingnews@JagranNews@aajtak@ABPNews@ZeeNews@BBCHindi@News18Rajasthan@zeerajasthan_@1stIndiaNews@NavbharatTimes@AmarUjalaNews@TOIIndiaNews@htTweets@IndianExpress
आज जोधपुर मुख्यालय पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी परिवार के सदस्यों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर जनहित से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का निस्तारण करने की मांग की | इस अवसर पर प्रदेश में बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और बढ़ती महंगाई को लेकर भी RLP परिवार के सदस्यों ने लोकतांत्रिक रूप से आक्रोश प्रकट किया |
भरतपुर,धौलपुर व डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में ओबीसी का आरक्षण दिलवाने की मांग को लेकर बनी "जाट आरक्षण संघर्ष समिति" के संयोजक श्री नेमसिंह फौजदार के साथ श्री गोविंद सिंह,श्री सुभाष मदेरणा,कैप्टन जयसिंह जी व आरएलपी नेता श्री योगेश चाहर सहित कई साथियों ने जयपुर आवास पर मुलाकात की और उक्त तीनों जिलों के जाट समाज को केंद्र में ओबीसी का आरक्षण दिलवाने की मांग को लेकर विशाल हुंकार रैली करने का निमंत्रण दिया | मैंने विधानसभा से लेकर लोक सभा तक केंद्र में भरतपुर ,धौलपुर व डीग जिले के जाटों को ओबीसी का आरक्षण दिलवाने की मांग पुरजोर रूप से उठाई थी , मैं केंद्र सरकार को आगाह करना चाहता हूं कि जल्द से जल्द इन जिलों के जाट समाज के बंधुओं को केंद्र में ओबीसी का आरक्षण प्रदान करें | इस मांग को लेकर आगामी दिनों में भरतपुर में प्रस्तावित विशाल रैली की तिथि तय की जाएगी |
@Zinda_Avdhesh हनुमान बेनीवाल की सरकार नहीं है
वो विपक्ष में है
विपक्ष मुद्दा उठा सकते हैं ध्यान आकर्षित कर सकते हैं
काम तो सरकार को करना है
कैसी बात कर रहा है तू भाई
थोड़ा लॉजिक लगाओ
कोटपूतली में अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीणों पर खनन माफियाओं द्वारा किए गए हमले से घायल हुए नागरिकों के परिजनों से मिलने व मौका स्थिति को देखने तथा प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करने RLP के तमाम नेता पहुँचे....सबने हनुमान जी का संदेश पहुँचाया कि अगर समय रहते सरकार मांगे नहीं मानती है तो हनुमान बेनीवाल जी खुद न्याय दिलाने धरने पर पहुंचेंगे..... @hanumanbeniwal
कल कोटपूतली के अजीतपुरा-कुजोता क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीणों पर खनन माफियाओं द्वारा किए गए हमले से घायल हुए नागरिकों के परिजनों से मिलने व मौका स्थिति को देखने तथा प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करके पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट बनाने के लिए मैने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के निम्न नेताओं की टीम को आज मौके पर जाने हेतु निर्देशित किया है जो शाम 05 बजे मौके पर पहुंचकर विस्तृत जानकारी लेंगे -
1- श्री छुट्टन यादव
2- श्री प्रभाती लाल जाट
3- श्री शंकर लाल नरोलिया
4- श्री कालूराम ककोड़िया
5- श्री जयराम ताखर
आज सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचकर कोटपूतली के अजीतपुरा-कुजोता क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीणों पर खनन माफियाओं द्वारा की गई कथित ताबड़तोड़ फायरिंग में घायल हुए नागरिकों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी व ट्रोमा सेंटर में भर्ती अन्य मरीजों से मुलाकात की तथा चिकित्सकों को घायलों का बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए |
आज जयपुर आवास पर भैराणा धाम को रिको की अवाप्ति से बचाने के लिए आंदोलित साधु संतो ने जयपुर आवास पर मुलाकात की,उन्होंने मुझे सरकार के साथ हुई वार्ता से अवगत करवाया और कई मुद्दों पर गहन चर्चा की | संतो ने यह स्पष्ट किया कि 27 मई की रात्रि को रिको को हटाने सहित अन्य मांगों पर जो सहमति सरकार की तरफ से व्यक्त की गई हम उस पर तटस्थ है और जब तक रिको वापिस नहीं लिया जाता तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा | मैने साधु - संतो से कहा कि इस आंदोलन में हर कदम पर आपके साथ है और भैराणा धाम की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा |
मैं राज्य सरकार से यह स्पष्ट कहना चाहता हूं कि साधु - संतो को बरगलाए नहीं और उन्हें धोखा नहीं दे अन्यथा यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा |
मैंने मेरे घर पधारे साधु - संतो से आर्शीवाद भी लिया |
@RajGovOfficial
राजस्थान की सरकार ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन करने और आन्दोलन करने वालो की आवाज को दबाने के लिए सिस्टम का दुरपयोग करना शुरू कर दिया है ।
मेड़ता सिटी - रिया बड़ी में हनुमान जी बेनिवाल ने रैली और कूच किया उसका मुकदमा 4 महिने बाद दर्ज, नेशनल हाइवे जाम का मुकदमा किया दर्ज, जिसमे हनुमान बेनिवाल, शुशील कुमार रियाड, दिलिप चौधरी, श्रीमति इंदिरा देवी बावरी, सुरेन्द्र बेड़ा, प्रभाती लाल जाट, गिरधारी लाल माली, चेनाराम गोदारा, हरसुख कड़कड़ावा, राजेन्द्र डुकिया, लक्ष्मण मुवाल, श्रवण चौधरी, महेन्द्र चौधरी, विजयपाल राव को नेशनल हाईवे जाम में आरोपी बनाये है
क्या अब राजस्थान में आमजनता की आवाज़ उठाना भी गुनाह हो गया है सरकार विपक्षी दलों को कुचलने में लगी हुई है और यह सीधे सीधे लोकतंत्र की हत्या है ।
भजनलाल सरकार नैतिकता और सिद्धांतो के साथ स्वच्छ राजनीति का ढोंग करती है और दूसरी तरफ मुकदमों से आमजनता में खौफ पैदा करने का प्रयास कर रही है ।
प्रदेश की जनता इन हरकतों को देख रही है और ये हरकतें भाजपा की ताबूत में आखिरी कील साबित होगी , RLP के योद्धा ऐसे मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं तानाशाही के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा ।
@BhajanlalBjp@RajCMO@PoliceRajasthan@hanumanbeniwal@RLPINDIAorg
जनहित के मुद्दों पर मौन, RLP कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई में पूरी ताकत!
वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति खंडित करने वालों पर सवाल उठाना अपराध नहीं है। चाकसू के साथी श्योजीराम चौधरी जी की हिरासत कई सवाल खड़े करती है।
संत, सनातन और गौमाता के नाम पर सत्ता में आई राजस्थान की भाजपा सरकार आज संतों की तपस्या और आस्था की उपेक्षा कर रही है। राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए सनातन की भावनाओं को आहत किया जा रहा है।
जयपुर जिले में स्थित दादूपंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भैराणा धाम को औद्योगिक क्षेत्र (रीको) के लिए अधिग्रहण से बचाने हेतु संत समाज पिछले दो महीनों से आंदोलनरत है। भीषण गर्मी में संतजन तपस्या करते हुए इस पवित्र स्थल एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
27 मई को प्रदेशभर से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ता और सदस्य संतों के सम्मान में भैराणा धाम पहुंचे तथा लोकतांत्रिक तरीके से संत समाज की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। महापंचायत के दौरान सरकार के निर्देश पर आए अधिकारियों के साथ वार्ता हुई, लेकिन प्रथम चरण में सहमति नहीं बन सकी। संतों के निर्देशानुसार जयपुर कूच का निर्णय लिया गया।
इसके बाद सरकार ने पुनः अधिकारियों को वार्ता के लिए भेजा और मध्य रात्रि के बाद हुई बातचीत के दौरान प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संत समाज की संयुक्त समिति बनाने, भैराणा धाम में प्रस्तावित रीको परियोजना को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने सहित कई बिंदुओं पर जनता, संतों और मीडिया के समक्ष सार्वजनिक सहमति व्यक्त की गई। इसके पश्चात जयपुर कूच स्थगित कर दिया गया।
किन्तु 27 मई से आज 1 जून हो गई मगर सरकार द्वारा किए गए आश्वासनों को अमल में लाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। सार्वजनिक रूप से किए गए वादों का पालन न करना सरकार की विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
मैं राजस्थान सरकार से कहना चाहता हूं कि यदि वह इस मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को श्रेय नहीं देना चाहती, तो यह उसकी इच्छा है। हमने हमेशा श्रेय से अधिक जनहित को प्राथमिकता दी है। लेकिन संत समाज की भावनाओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जब किसी जनआंदोलन के बाद सरकार सार्वजनिक समझौता करे और फिर अपने वादों से पीछे हट जाए, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से कहना चाहता हूं कि 27 मई को हुए समझौते के बाद आपकी सरकार से जुड़े विभिन्न संगठन संतों पर अनैतिक दबाव बनाने और उन्हें भयभीत करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।
सरकार को चाहिए कि वह समय पर संभल जाये और समझौते के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करे, संत समाज की भावनाओं का सम्मान करे तथा भैराणा धाम की पवित्रता और पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित करे अन्यथा प्रदेश भर में भैराणा धाम को बचाने के लिए आंदोलन किए जाएंगे और इन आंदोलनों के दौरान किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी |
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सत्ता की लाठी और गोली से डरने वाली नहीं है |
@PMOIndia@RajCMO