सात दिनों से चल रहे आयुर्वेद छात्र संगठन द्वारा पिछले 4 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल को आगे बढ़ाते हुए शासन के ख़िलाफ़ आमरण अनशन का निर्णय लिया।
अपने विभाग की उदासीनता से छात्र इतना पीड़ित हो चुका है कि अपनी जान की परवाह किए बिना शासन के ख़िलाफ़ अनशन पर बेठने को मजबूर हैं ।