The attack on the convoy of former CM and Assam state Incharge @bhupeshbaghel ji, @INCAssam President & MP @GauravGogoiAsm ji, Nagaon Parliament by-election candidate Sivamani Bora Ji & other leaders is highly condemnable.
The attack is an act of cowardice of the @BJP4Assam goons in the face of imminent defeat.
@ECISVEEP must ensure those responsible for this attack be held accountable and the @assampolice must ensure safety of @INCIndia leadership and the candidate.
Bhupesh Baghel ji, Gaurav Gogoi ji, Rakibul Hussain ji, Wazed Ali Choudhury ji, Manoj Chauhan ji, Sibamoni Bora ji , Mira Borthakur ji and other Congress leaders visited Nagaon Sadar Police Station, the offices of the Nagaon DC & SSP to submit written complaints over the violent attack on our election campaign convoy.
Elections are a festival of democracy. Democratic campaigning and the right to express one’s views cannot be obstructed through violence, fear or intimidation.
We demand an impartial investigation and strict action under the law against all those responsible.
To protect democracy, we will stand together against fear, intimidation and violence.
“उस मासूम की क्या गलती थी?”
सत्य निकेतन की त्रासदी में अपने बेटे, अर्पित जाज, को खोने वाला परिवार डबडबाई आंखों से यही सवाल पूछ रहा है।
अगर अच्छे और सुरक्षित हॉस्टल होते, तो उन्हें अपने बच्चे को ऐसी खतरनाक जगह में रखने के लिए मजबूर न होना पड़ता। और अगर सुरक्षा मानकों का सच में पालन होता, तो शायद यह त्रासदी होती ही नहीं - एक ऐसी त्रासदी, जिसकी कल्पना उन बच्चों और उनके माता-पिता ने सपने में भी नहीं की होगी।
सिस्टम की गैर-जिम्मेदारी और भ्रष्टाचार ने सपनों से भरी कई जिंदगियां छीन लीं और उम्मीदों से भरे कई परिवारों को उजाड़ दिया।
अर्पित का परिवार भी पूरे देश की तरह जवाबदेही मांग रहा है। वे चाहते हैं कि छात्रों की जिंदगी की जिम्मेदारी तय हो, ताकि फिर किसी माता-पिता को अपने बच्चे को इस तरह खोने का दर्द न सहना पड़े।
सिस्टम से मेरा सीधा सवाल है: नए और सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे? छात्रों को असुरक्षित PG में रहने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है? सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची?
देश पर एक system का कब्ज़ा है - परत दर परत।
कौन है ये सिस्टम?
RSS और "हम दो, हमारे दो" की अगुवाई में गिनती के लोगों ने मिल कर भारत की हर संस्था पर अपना नियंत्रण कर लिया है।
सरकार हो, व्यापार हो, शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, खेल हो, मीडिया हो, न्यायपालिका हो, चुनाव आयोग हो या bureaucracy - इस सिस्टम में हुनर नहीं, पैसा और पहुंच मायने रखता है।
इस क़ब्ज़े के खिलाफ, भ्रष्टाचार के खिलाफ, अन्याय के खिलाफ छात्रों की आवाज़ ही सिस्टम के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
इसीलिए system को students से खतरा है - क्योंकि वो सवाल पूछते हैं, जवाबदेही मांगते हैं।
इसी डर से सिस्टम छात्र नहीं, अंधभक्त चाहता है - छात्रों को प्रताड़ित करता है, अंधभक्त को बढ़ावा देता है, ताकि कोई सवाल न उठे और मनमानी चलती रहे।
#ChhatronKiGoonj
बिहार के जमुई का वीडियो बहुत ही शर्मनाक है, जिस तरह एक बिटिया को खुलेआम गुंडे उठाकर ले जा रहे हैं वो बर्बर युग की याद दिला रहा है।
जुमई और मणिपुर के विज़ुअल एक जैसे हैं, भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं पर अत्याचार बर्बरता की याद दिलाते हैं।
सरकार दोषियों पर कारवाही करे।
- @ShayarImran
मोदी जी के अंधभक्तों और BJP के लंपटों का दिल से शुक्रिया
प्रधानमंत्री की हीहीही खीखीखी वाली विदेश नीति को हर घर तक पहुँचाने के लिए
खास बात है कि बिना नाम लिए ही सब लोग जान गए कि ऐसी नौटंकी कौन करता है
हमने तो बस दिखाया था, मोदी जी कैसे अपना और देश का मखौल बनाते हैं
BJP के दिग्गज नेताओं ने तो इसे जन जन तक पहुंचाया - Thank you तो बनता है 🙏
This is the state of the car belonging to the Congress candidate Smt. Sivamoni Bora. AICC Secretary Manoj Chauhan was inside and has been hit by a stone in his ribs. Looks like BJP has been organizing training programs on stone pelting .
4 years of hollow promises.
Himanta’s family celebrates, Assam suffers.
🔹 Promised 1 lakh jobs every year : Delivered <80k in 4 years.
🔹 “Top 5 state” dream. Closed 8000 schools, opened 2000 liquor shops.
🔹 Promised 'Lakhpati women.' His wife took ₹10 crore govt subsidy instead.
🔹 Spoke of youth jobs. His son owns 18 firms, while 36 lakh youths await employment.
🔹 ST status, land to landless, free power, clean water. All remain empty slogans.
This is not governance. It’s betrayal.
Chief Minister @himantabiswa .
रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती भगदड़ की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। इनमें कई मासूम लोग अपनी जान गंवा देते हैं या घायल हो जाते हैं।
हमें मिलकर सोचना होगा कि ऐसी त्रासदियों को कैसे रोका जाए।
यदि आपके पास भीड़ मैनेजमेंट को बेहतर बनाने, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने या इससे संबंधित किसी भी तरह के सुझाव हैं, तो नीचे दिए लिंक पर शेयर करें। हम सुनेंगे आवाज़ भारत की!
https://t.co/lK5sGwuU2L
"किसी-किसी दिन खाने के भी पैसे नहीं होते। हम घर पर पैसे भेजें या खाना खाएं।" हमारे कुली भाई ऐसी मुश्किलों में जीने को मजबूर हैं।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के दौरान इन लोगों ने अपनी जान जोख़िम में डालकर लोगों की मदद की, लेकिन इनकी आवाज़ नहीं सुनी जा रही।
मैं इनकी मांगों को सरकार के समक्ष रखूंगा और इनके अधिकारों के लिए पूरी ताक़त से लडूंगा!
चमार स्टूडियो के संस्थापक सुधीर राजभर लाखों दलित युवाओं की कहानी को समेटे हुए हैं। वह अत्यंत प्रतिभाशाली हैं, नए विचारों से भरपूर हैं और सफलता के लिए आतुर हैं, लेकिन अपने क्षेत्र के शीर्ष लोगों तक पहुंच की कमी और सीमित अवसरों की चुनौती से जूझते रहे।
मगर, अपने समुदाय के कई अन्य लोगों से अलग, सुधीर ने अपना नेटवर्क बनाया। उन्होंने धारावी के कारीगरों की छिपी प्रतिभा को पहचाना और एक ऐसा ब्रांड खड़ा किया, जिसे आज विश्व के सम्मानित फैशन जगत में अपनी पहचान मिली है।
चमार स्टूडियो की सफलता यह साबित करती है कि कैसे पारंपरिक हस्तकला और आधुनिक व्यापार एक साथ आ सकते हैं, जिससे कुशल कारीगरों को भी उस सफलता में भागीदारी मिल सके जिसे वे अपने हाथों से गढ़ते हैं। आज, धारावी में सुधीर और उनकी टीम के साथ काम करते हुए, मैंने समावेशी उत्पादन नेटवर्क की अहमियत को महसूस किया - ऐसे नेटवर्क जो विभिन्न क्षेत्रों में कुशल श्रमिकों को आगे बढ़ाते हैं।
साथ ही, मुझे यह भी उतना ही महत्वपूर्ण लगा कि सुधीर को अपना ज्ञान और अनुभव दूसरों के साथ भी बांटना चाहिए। इसलिए हमने अपने मित्र रामचेत मोची को सुल्तानपुर से बुलाया ताकि वे सुधीर से मिल सकें और समझ सकें कि डिज़ाइन और इनोवेशन उनके व्यवसाय को कैसे नया रूप दे सकते हैं।
मैंने लोकसभा में कहा था कि खुशहाल भारत का निर्माण "समृद्धि और हिस्सेदारी" के मॉडल से ही संभव है। चमार स्टूडियो की सफलता दिखाती है कि यह मॉडल काम करता है - और मैं चाहता हूं कि ऐसा मॉडल पूरे भारत में लागू हो।