हमे सीजेपी से कोई धरातल पर सपोर्ट नहीं चाहिए था सीजेपी अपने आप को छात्र हित में होने का बताते आई है हमारी आवाज सिस्टम तक नहीं जा रही थी इसलिए हमे उनके मदद कि आवश्यकता थी अब वो इस @AshutoshRanka मामले में एक ट्वीट ना कर पाए तो कैसा छात्र हित??
हमारी मांग एकदम उचित है हमें बिना बताएं किसी भी कैडर को हम पर थोपा जा रहा है हमने परीक्षा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी/पियोन की दी थी वित्त विभाग का आदेश इसका सबूत है वार्ड बॉय, स्वीपर, रसोइया और चौकीदार की नहीं !!
सीजेपी हमारे हक की बात क्यों नहीं कर रही?
@AshutoshRanka
आशुतोष भैया राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024 जो राजस्थान चतुर्थ श्रेणी सेवा नियम 1999 के तहत हुई और चतुर्थ श्रेणी सेवा नियम में चतुर्थ श्रेणी के अनेक कैडर है जैसे पियोन, स्वीपर, चौकीदार, फर्राश और भी अन्य,
इस भर्ती के द्वारा लगभग 19000
@AshutoshRanka
@AshutoshRanka हमें अपना नौकर समझ रहे है और मन आय वो काम करवा रहे है प्रताड़ित किया जा रहा है आप शिक्षा विभाग को जॉब चार्ट जारी करने का कहे, आपकी आवाज सुनती है सरकार!! एक कैडर एक कार्य करवाया जाए 🙏🏻🙏🏻
जय सीजेपी जय संविधान
@AshutoshRanka बच्चों को शिक्षा विभाग मिला है लेकिन जो बच्चे विद्यालयों में लगे है उनसे पियोन कैडर के अलावा स्वीपर चौकीदारी फर्राश जैसे अन्य कैडर का काम फोर्स किया जा रहा है क्योंकि शिक्षा विभाग ने अभी तक कोई पियोन(सहायक कर्मचारी) का जॉब चार्ट नहीं निकाला है इसलिए संस्थाप्रधान और अध्यापक
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (अनुकम्पा वाले) तो विद्यालयों में दशकों से है फिर शिक्षा विभाग ने साफ सफाई के लिए एसडीएमसी (SDMC) के गठन और उसके तहत साफ सफ़ाई के लिए आदेश निकाला!!
फिर संस्थाप्रधान साफ सफ़ाई के लिए सहायक कर्मचारियों पर क्यों दबाव बना रहे है??
@madandilawar
स्थितियां बद से बदतर होती जा रही है नियुक्ति सहायक कर्मचारी की रूप में हुई थी लेकिन संस्थाप्रधान स्वयं का नौकर समझ बैठे है चाय बनवाना जूठे कप धुलवाना और उठवाना, शौचालय साफ, बिना कोई आधिकारिक जॉब चार्ट के, यह चल क्या रहा है कौन जवाब देगा??
@DmJhalawar@RajCMO@madandilawar
बिना कोई प्रशिक्षण और डिग्री या डिप्लोमा किसी व्यक्ति को रसोइया कैसे बनाया जा सकता, रसोइया का पद नियुक्ति पूर्व शारीरिक प्रशिक्षण आवश्यक रूप से होता है जैसे राजस्थान हाई कोर्ट में रसोइये के लिए जज के घर पर एक साल का अनुभव आवश्यक योग्यता है
#fourthgradevacancy#justice@RajCMO
पहले शिक्षा विभाग निदेशालय में प्रत्येक आरटीआई संबंधित जिला कार्यालय को भेजी जाती थी अब सीधा डी ओ पी ट्रांसफर कर रहे है, आपके पास विभाग का कोई आधिकारिक जॉब चार्ट नहीं है तो ऐसा काम किस आधार पर सौंपा जा रहा है!! क्या हमें अब कोर्ट ही न्याय देगा?
@DmJhalawar@madandilawar
दोस्तों, 2013 के एक मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के समक्ष चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को सफाई कर्मचारी के रूप में कार्य करने को कहा गया। कोर्ट ने उसके मूल पद पर जारी रखने और सफाई कर्मचारी के रूप में प्रतिनियुक्त न करने का आदेश दिया, सफाई कर्मचारी और चतुर्थ श्रेणी अलग अलग पद है
संस्था प्रधान का तानाशाही आदेश और कुछ लोगों ने तो इसे पूरे विभाग का ठप्पा लगाकर पेश कर दिया!!
बिना कोई पुख्ता सूचना और सबूत ऐसे ट्वीट जो आपको फॉलो करते है उनके लिए सही नहीं है !!
सरकार ने न तो नोटिफिकेशन में कैडर का उल्लेख किया ना ही मेरिट के बाद प्रिफरेंस भरवाए जिस से बच्चो को अपना पसंदीदा कैडर मिल सके
और विभाग द्वारा बच्चो को अपना मन अनुसार कैडर थोप देना गौर अन्याय है!
पियोन का कार्य कब से साफ सफाई का हो गया?
@RajCMO@BhajanlalBjp
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यानी पियोन पद के लिए अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी लेकिन ऐसे रसोइया चौकीदार और वार्ड बॉय के पदों पर जबरन पूर्वसूचना के बिना नियुक्ति देना प्रथम दृष्टया वित्त विभाग के आदेश की अवमानना और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का उल्लंघन है!
@RajCMO@BhajanlalBjp
वहीं भर्ती वहीं पोस्ट वहीं विभाग बस कार्यालय और विद्यालय का फ़र्क और विद्यालय में संस्था प्रधान ने सहायक कर्मचारी को सफाई कर्मचारी समझ रखा है झालावाड़ के एक विद्यालय ने तो हद ही पार कर दी!!
@DmJhalawar@madandilawar
सामाजिक और न्याय अधिकारिता विभाग की लिस्ट देखकर एक बात तो फिक्स हो गई कि चौकीदार का कैडर अलग होता और रसोइया का भी, फिर शिक्षा विभाग सहायक कर्मचारियों (Fourth Grade/Peon) को कैसे चौकीदारी और स्वीपर जो अलग कैडर है उनका काम सौंप सकता है ??
@madandilawar@DmJhalawar
तंत्र इतना नाकारा कैसे शिक्षा विभाग में नियुक्ति सहायक कर्मचारी (पियोन कैडर) पर और कार्य साफ सफाई वाले, इतना बड़ा विभाग के पास खुद के कर्मचारियों का जॉब चार्ट तक नहीं संस्था प्रधान कुछ भी पेल रहे है मन में आए वो करवा रहे है शिक्षा विभाग खुद ही अशिक्षित है!
@DmJhalawar@RajCMO
पीएम श्री विद्यालयों में सफाई कर्मचारी भर्ती के लिए आज आए इस नोटिफिकेशन से यह तो सुनिश्चित होता है कि सहायक कर्मचारी का कार्य साफ सफाई का नहीं है क्योंकि इसी भर्ती द्वारा सहायक कर्मचारी (पियोन) की नियुक्ति पीएम श्री विद्यालयों में हुई है
@RajCMO#चतुर्थ_श्रेणी_सफाईकर्मी_नहीं