राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय दलित नाबालिग बच्ची के साथ बंधक बनाकर 32 लोगों द्वारा किए गए सामूहिक दुष्कर्म की घटना अत्यंत भयावह और मानवता को शर्मसार करने वाली है।
पीड़िता के अनुसार, उसके साथ कभी तीन से चार और क��ी इससे अधिक लोगों ने मिलकर दुष्कर्म किया।बार-बार होने वाले हमलों से जब भी उसे दर्द होता था, तो उसे शराब पीने के लिए मजबूर किया जाता था। यह अपराध क्रूरता की सभी सीमाओं को पार करने वाला है।
इससे भी अधिक शर्मनाक और आक्रोशजनक बात यह है कि घटना के खुलासे के 15 दिन बाद भी इस मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यह सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, आखिर आधा महीना बीत जाने के बाद भी बाकी दरिंदे पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों हैं?
हम @RajGovOfficial से मांग करते हैं कि 24 घंटे के भीतर फरार चल रहे सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। इस पूरे मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराई जाए और सरकार मजबूत पैरवी करते हुए दोष सिद्ध होने पर सभी आरोपियों को कठोरतम सजा दिलाना सुनिश्चित करे। पीड़ित दलित परिवार को तत्काल सुरक्षा, न्याय और उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए।
जम्मू-कश्मीर के डोडा ज़िले में भद्रवाह–चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 जांबाज़ जवानों के शहीद होने और 10 के घायल होने की खबर अत्यंत पीड़ादायक है।
ऑपरेशनल ड्यूटी पर निकली सेना की टीम का इस तरह दुर्घटनाग्रस्त होना हम सब के लिए गहरा आघात है।
हम इस हृदयविदारक घटना में शहीद हुए वीर जवानों को नमन करते हैं और उनके परिव��रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
यह हादसा एक बा�� फिर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात जवानों की कठिन परिस्थितियों और उनके अद्वितीय साहस को रेखांकित करता है।
देश उनकी कुर्बानी को कभी नहीं भूलेगा।शहीदों को नमन।
मथुरा में राष्ट्रीय अध्यक्ष नगीना लोकसभा क्षेत्र सांसद माननीय @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद जी के काफिलें पर जातिवादियों द्वारा कायराना हमला किया गया हैं। @Uppolice पुलिस प्रशासन तत्काल हमलावरों को गिरफ्तार कर कार्यवाही करें।
भाजपा सरकार अपने आप को दलित हितेषी बताने में कतई नहीं घबरातीं है तो अब इस घटना पर क्या बोलेंगी यहा की पर्ची सरकार ?
@JalorePolice इस मामले को गंभीरता से लेकर के उचित कार्यवाही करे अन्यथा भीम आर्मी आंदोलन की ओर अग्रसर होंगी @RajPoliceHelp@BhimArmyChief@VinayRatanSingh।
शीशा टूटने के बाद बिखर जाए वही बेहतर है ..
क्योंकि दरारें न जीने देती है और न हीं मरने देती है...!!
हमारे सुनहरे भविष्य के लिए एक हो जाओ
@BhimArmyChief@Mayawati
हम कोनसी 21वीं सदी में जी रहे हैं जातीवाद छुवा छूत उच नीच से हमारे समाज का जीना ह��ाम हो रखा अब समय आ गया है ईंट का जवाब पत्थर से देने का ।
यह मानवता पर कलंक है
@BhimArmyChief @VinayRatanSingh
#झुंझुनू
रोजाना अखबारों के पन्ने दलितों के खून से रंगे हुए क्यों आ रहे है?
झुंझुनूं जिले में दलित युवक को केवल पानी पीने के लिए मटका छूने पर जातिसूचक गालियां दी गईं, बर्बरता से पीटा गया और पूरी रात बंधक बनाकर रखा गया।
हम सड़कों पर उतरकर इस लड़ाई को निर्णायक अंजाम तक पहुंचाएंगे।
डबल इंजन वाली केंद्र की भाजपा सरकार ने 'प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (PM-SHRI)' योजना और उत्तर प्रदेश सरकार ने 'मिशन काय��कल्प' जैसी बड़ी-बड़ी योजनाओं का प्रचार किया, जिनमें आधुनिक स्कूल और बेहतर बुनियादी ढांचे का वादा किया गया था। लेकिन मैनपुरी के इस स्कूल की हालत इन योजनाओं की सच्चाई को उजागर करती है। इनका लाभ न तो बच्चों को मिला और न ही शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुधारने में कोई ठोस कदम उठाया गया।
आज स्थिति यह है कि सरकारी स्कूलों में बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यह विकास का नहीं, बल्कि ��च्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का प्रमाण है। मैं यह कहना चाहता हूँ कि हमारे बच्चों का भविष्य किसी भी सरकार के लिए केवल एक चुनावी एजेंडा नहीं हो सकता, यह देश का भविष्य है।
लोकतंत्र के चारों स्तंभ इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करें तो इस दिशा में सकारात्मक बदलाव संभव है जिसकी जनता अपेक्षा करती है। साथ ही, मैं मीडिया बंधुओं ( @UPTakOfficial ) का धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने इस गंभीर विषय को उजागर किया ���र इसे जनता तक पहुँचाया।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, जिस प्रकार आप धार्मिक स्थलों पर ध्यान देते हैं, उसी प्रकार यदि आप शिक्षा के इन मंदिरों पर ध्यान दें, तो हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सकता है। इन स्कूलों में मुख्यतः आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं। उनके भविष्य के साथ सरकार की यह लापरवाही जानबूझकर की गई साजिश प्रतीत होती है, जिसे बर्दाश्त ��हीं किया जाएगा।
सरकार की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह शिक्षा के मंदिरों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए, क्योंकि एक सशक्त राष्ट्र की नींव बेहतर शिक्षा पर ही रखी जाती है।
महाराष्ट्र के परभणी जिले में 10 दिसम्बर 2024 को असामाजिक तत्वों द्वारा अंबेडकर स्मारक में तोड़फोड़ और संविधान की प्रतिलिपि को क्षतिग्रस्त करने की घटना के विरोध में हुए आन्दोलन में पुलिस द्वारा बेरहमी से की गई पिटाई से मारे गए भाई सोमनाथ सूर्यवंशी जी और इस घटना के सदमे से अम्बेडकरवादी नेता भाई व��जय वाकोडे जी हमारे बीच नही रहे। तथा पुलिस द्वारा जिस तरह वहाँ हमारी माताओं-बहनों और युवा साथियों को बेरहमी से ��ीटा गया और झूठे मुकदमें लगा कर जेल भेजा गया।
परभणी से 541 किलोमीटर (लगभग) दूर लॉन्ग मार्च कर मुंबई के लिए प्रस्थान करना हमारी मजबूरी बन गई है।28 दिन का यह मार्च न केवल भाई सोमनाथ सूर्यवंशी और भाई विजय वाकोडे की शहादत को न्याय दिलाने का प्रयास है, बल्कि उन सभी लोगों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए है, जो इस घटना के दौरान अत्याचार और पुलिसिया बर्बरता के शिकार हुए।
इस शांतिपूर्ण मार्च का उद्��ेश्य दोषियों को सजा दिलाना, झूठे मुकदमों को वापस लेना, और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की माँग करना है। हम चाहते हैं कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए तत्काल कार्रवाई करे।
हमारा संघर्ष सत्य, न्याय और संविधान के मूल्यों के प्रति समर्पित है। यह मार्च हमारे संकल्प, साहस और एकता का प्रतीक होगा।
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