देश की मरी हुई जनता को जगाने का काम आखिरकार सफल हुआ।
जो इतने सालों से सो रहे थे वह एक पेड़ बचाने के लिए तो जागे कम से कम ।
वरना यह सिर्फ रील बनाने के लिए ही नचनिया बने पड़े थे अब तक। अभी तो यह सिर्फ पेड़ों के लिए जागे हैं आगे भ्रष्टाचार के लिए जागेंगे।
#trending#Rishikesh#Reel
"ये औरैया के एक अस्पताल में काम करने वाले सौरभ बाजपेई का खुदकुशी से पहले दूसरा वीडियो है.. चंबल नदी में कूदने से पहले उसने एक और वीडियो बनाया था जो पोस्ट करने लायक नहीं है.."
यूपी में ब्राह्मण-ठाकुर की लड़ाई में सौरभ बाजपेई का ब्राह्मणत्व, उसका मान-सम्मान, उसकी मर्यादा, उसका गौरव छिना तो वो बौखला गया.. ऐसे ब्राह्मण कम ही होते हैं..
सुनिए, सौरभ बाजपेई चंबल नदी में छलांग लगाने से पहले क्या कह रहा है..
"मैं डॉक्टर सौरभ बाजपेई, राम अवतार हॉस्पिटल में काम करता हूं.. डॉक्टर एसपी सिंह के साथ में, हरिहरपुर.. उन्होंने मेरे ऊपर हाथ उठाया.. छोटी सी बात पर..
मैं औरैया थाने गया.. वहां एसएचओ ठाकुर है.. मैं पंडित हूं.. ये लोग भी ठाकुर हैं..
सौरभ ने वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए भी कठोर शब्द कहे हैं..
वो बोल रहा है, मैं योगी आदित्यनाथ से कहना चाहता हूं.. अगर तुमसे झेला नहीं जा रहा है तो सरकार छोड़ दो.. बाकी मैं सुसाइड करने जा रहा हूं..
सुसाइड करूंगा, आज ये लोग नहीं निकलने देंगे.. मुझे बंद करके रखा है.. कल निकलने देंगे!! मैं एक वादा कर रहा हूं, मैं सुसाइड करूंगा.. और मेरे सुसाइड के जिम्मेदार होंगे, सर्वेश सिंह, सर्वेश सिंह का लड़का गौरव सिंह..
एसपी सिंह को भाई मानकर माफ कर रहा हूं.. लेकिन यही सब जिम्मेदार होंगे..
मेरा एक बच्चा है.. मेरे पापा की इतनी तथा नहीं है कि वो सब चीज कर दें..
फिर सौरभ बाजपेई का दूसरा वीडियो भी सोशल मीडिया पर है जिसमें वो चंबल नदी के पुल के ऊपर खड़ा है और नदी दिखाते हुए कह रहा है..
हरिहरपुर नरेश गौरव सिंह, तुमको छोड़ेंगे नहीं ऐसे.. तुमने मा**** थप्पड़ कैसे उठा दिया.. मेरे ऊपर हाथ उठाओगे.. नौकरी के लिए मना कर दो, 50 नौकरी है.. आए हैं भो**** चंबल में.. यहां पे, (चंबल नदी दिखाते हुए)
ठीक.. सुसाइड करने के लिए.. अब मर रहा हूं तो तुम्हारे चक्कर में मर रहा हूं भो****
इसके बाद से सौरभ बाजपेई का कुछ पता नहीं चल रहा है.. लोग कह रहे हैं वो नदी में कूद गया है.. खुदकुशी कर ली है..
जो भी हुआ, बेहद दुखद हुआ.. पुलिस अगर सौरभ की मात्र एक थप्पड़ की शिकायत सुन लेती तो शायद मामला इतना न बढ़ता.. एक जान न जाती..
#Auraiya #Brahmin #Casteism #Caste #Suicide #Doctor #Chambal #River
नरोत्तम मिश्रा का सियासी सफर
1977-78- ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से शुरू
1990- पहली बार बीजेपी ने डबरा सीट से उम्मीदवार बनाया
1990- चुनाव जीते, विधायक बने
1993- डबरा से चुनाव हारे
1998 और 2003 में डबरा से चुनाव जीते
2003- विधायक दल के सचेतक
2003- पहली बार मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
2004- लोक सभा चुनाव में प्रबंधन समिति के सदस्य
2008- दतिया से चुनाव जीते, मंत्री बने
2008- 'पेड न्यूज़' से जुड़े आरोप लगे
2013- दतिया से चुनाव जीता, मंत्री बने
2017- चुनाव लड़ने से 3 साल का बैन लगा
2018- HC ने बैन हटाया, बरी हुए
2018- चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
2018- दतिया से तीसरी बार जीते
2020- फिर एक बार मंत्री बने
2023- दतिया से चुनाव हारे
@narendramodi@NitinNabin अरे राम राम इतना स्ट्रगल क्या बीती होगी बेचारे पे ये जिंदगी देश के 95 परसेंट स्टूडेंट्स आज भी जीते हैं पीजी छोड़ो एक छोटे से कमरे में जीवन काटते हैं उसी में खाना बनाते हैं रहते हैं ये ज्ञान सादगी वाला हमें मत दो जो देश के मुद्दे है उन्हें सुलझाए ये सादगी वाली बकलोली न करें
देखिए हिन्दू और सनातन के स्वयंभू चैंपियन
पीपल और खेजड़ी के पौधा में फर्क नहीं कर पाते!
गिरिराज जी राहुल जी पर तो अशोभनीय टिप्पणी
करते हो अपने नेता को पीपल के पौधे की पहचान
कराओ, वैसे कैसे हिन्दू जो पीपल को न पहचानते?
बीजेपी ने जमीन घोटाले के खुलासे के बाद जितनी सफाइयाँ दी थीं, इंडियन एक्सप्रेस के इस नए 5 मिनट के वीडियो ने एक-एक करके सबकी पोल खोल दी।
हर दावा... गलत। हर सफाई... बेनकाब।
अब सवाल सिर्फ़ एक है—सच से कब तक भागेंगे?
#घोरकलजुग#IndianExpress#MohanYadav
लगता है त्रिपाठी जी को किसी ने ये नहीं बताया कि मोहन यादव जी 2004 से 2010 तक उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे, 2011 में मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलपमेंट के अध्यक्ष थे, 2013 से उज्जैन से विधायक थे, 2020 से शिवराज जी की सरकार में शिक्षा मंत्री थे और 2023 से मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री।
कैसे कर लेते हैं आपलोग ये सब। एक सप्ताह के भीतर दो तीर्थ स्थलों, अयोध्या और उज्जैन, में हिंदुत्ववादी सरकार और परिवार के नुमाइंदे लूट खसोट में पकड़े गए। खैर छोड़िया, मोहन यादव जी का तलवार भांजने वाला वो वीडियो देखा है आपने? क्या कमाल का वीडियो है, बिल्कुल हिंदुत्व के प्रहरी जैसे लगते हैं। और सुना इनकी पृष्ठभूमि संघ वाली है, बड़े ही नैतिक व्यक्ति हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव, उनके परिवार और उनकी रियल स्टेट कम्पनियों ने उज्जैन और उसके आस-पास कितनी ज़मीन ख़रीदी? देखिए ज़मीनी हकीकत @saurabhtop के साथ.
#IndianExpressInvestigation#ZameeniHaqeeqat@mazoomdaar
https://t.co/3mm2ZvAwjx
इस ख़बर को ग़लत तरीके से दिखाया जा रहा है।इसको ऐसे लिखना था -
उज्जैन के विकास में मोहन यादव ने पेश की नज़ीर। पूरे परिवार को झोंका। पत्नी संग ख़ुद भी लगाए पैसे,बेटा भतीजा सब महाकाल के विकास में शामिल। सीएम ने किया साबित कि धर्म की सेवा में वो पीछे नहीं। उज्जैन तो अभी झाँकी है..