सुधीर चौधरी से सवाल:-
●आदिवासी अच्छी गाड़ी में नहीं बैठ सकता?
●आदिवासी प्लेन में नहीं बैठ सकता?
●आदिवासी अपने पास कैश रु नहीं रख सकता?
●आदिवासी अच्छी लाइफ स्टाइल से नहीं रह सकता?
*सुधीर ने देश के 12 करोड़ आदिवासियों को नीचा दिखाया है। जेल जाना होगा।
#ArrestSudhirChaudhary
झारखण्ड के मुख्यमंत्री अपने राज्य की जनता के प्रति वफादार रहे तो उनको आज जेल भेज दिया गया। लोकतंत्र में हिटलर शाही राज बर्दाश्त नही, इस कार्यवाही का हम विरोध करते हैं और हेमंत जी देश का हर एक समझदार युवा आपके साथ है।
@HemantSorenJMM
मणिपुर की स्थिति:-
● प्रधानमंत्री लापता है।
● मुख्यमंत्री गायब है।
● गृहमंत्री गायब है।
● राष्ट्रपति मौन है।
● राज्यपाल चुप है।
●मनवाधिकार आयोग लापता है।
● मीडिया गायब है।
#ManipurViolence
सत्ता का नशा जब सिर चढ़कर बोलता है, तब इंसान शैतान सा हो जाता है खुद को भगवान समझने लगता है। बिना नीति अनीति के भेद के अन्याय पर उतर आता है, धमकी देता है और अपने
#HemantSoren
यह एक विराम है
जीवन महासंग्राम है
हर पल लड़ा हूं, हर पल लड़ूंगा
पर समझौते की भीख मैं लूंगा नहीं
क्या हार में, क्या जीत में
किंचित नहीं भयभीत मैं
लघुता न अब मेरी छुओ
तुम हो महान, बने रहो
अपने लोगों के हृदय की वेदना
मैं व्यर्थ त्यागूंगा नहीं
हार मानूंगा नहीं
#HemantSoren
ये सरासर गुंडागर्दी है। मुसलमानों की दुकानों को टारगेट करके अटैक किया जा रहा है।
@CMOMaharashtra@DGPMaharashtra इस गुंडागर्दी को फ़ौरन रोकिए और हमारी माँग है इनके ख़िलाफ़ सख़्त करवाई करिए !!
#MiraRaod#MiraRoadriot
संभागीय आयुक्त @Nirajkpawanias जी बँसिया भील ने बाँसवाड़ा बसाया हैं और आज भी 77% आबादी आदिवासियों की
आदिवासी इस क्षेत्र में तब से निवास कर रहे हैं जब से राम जी या रामायण का अस्तित्व भी नहीं था।
ऐसे में बाँसवाड़ा के किसी भी हिस्से का क्या नाम होगा ये सिर्फ़ आदिवासी तय करेंगे।
संभागीय आयुक्त @Nirajkpawanias जी बँसिया भील ने बाँसवाड़ा बसाया हैं और आज भी 77% आबादी आदिवासियों की
आदिवासी इस क्षेत्र में तब से निवास कर रहे हैं जब से राम जी या रामायण का अस्तित्व भी नहीं था
ऐसे में बाँसवाड़ा के किसी भी हिस्से का क्या नाम होगा ये सिर्फ़ आदिवासी तय करेंगे।
संभागीय आयुक्त @Nirajkpawanias जी बँसिया भील ने बाँसवाड़ा बसाया हैं और आज भी 77% आबादी आदिवासियों की हैं।
आदिवासी इस क्षेत्र में तब से निवास कर रहे हैं जब से राम जी या रामायण का अस्तित्व भी नहीं था।
ऐसे में बाँसवाड़ा के किसी भी हिस्से का क्या नाम होगा ये सिर्फ़ आदिवासी तय करेंगे।
जो कल तक एक 'डकैत' थे। आज एक सोच, एक विचारधारा बन गए। यह मिशन की ताकत है। जो वास्तविक अर्थ में विचारधारा का केंद्र बिंदु है।। #राष्ट्रमालिक_टंट्या_भील_जयंती